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इस विचित्र बच्चे को देखने के लिए लगी भीड़
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:19 AM IST
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औरैया जिला अस्पताल में प्रसूता ने जन्मा विचित्र बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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औरैया जिला अस्पताल में जन्मे इस विचित्र बच्चे को देखने के लिए भीड़ लग गई।
सोमवार की दोपहर 1:30 बजे सदर तहसील क्षेत्र निवासी अर्चना पत्नी अरविंद निवासी बिरारी ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का शरीर विचित्र तरह का था। बच्चे के माथे के ऊपर सिर का हिस्सा नहीं था। साथ ही उसकी आंखें भी बहुत बड़ी-बड़ी थीं। मौके पर मौजूद नर्स दिलशाद ने प्रसूता की डिलीवरी कराई। बाद में पहुंची डॉक्टर ने मां व बच्चे की जांच की। जिसमें बच्चे को एनेनसीफ्ले बीमारी से ग्रसित पाया। इस मामले में महिला डॉक्टर सीमा गुप्ता व सौ शैय्या युक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.राजीव रस्तोगी ने बताया कि इस तरह के बच्चों के पैदा होने का मुख्य कारण अनुवांशिक त्रुटि होता है। जिसमें पूरा समय होने के बाद भी बच्चों की भ्रूणावस्था में विकास के दौरान सिर की हड्डियां, दिमाग एवं त्वचा का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता है। इस तरह के 75 फीसदी बच्चों की मौत जल्दी हो जाती है।
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सोमवार की दोपहर 1:30 बजे सदर तहसील क्षेत्र निवासी अर्चना पत्नी अरविंद निवासी बिरारी ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का शरीर विचित्र तरह का था। बच्चे के माथे के ऊपर सिर का हिस्सा नहीं था। साथ ही उसकी आंखें भी बहुत बड़ी-बड़ी थीं। मौके पर मौजूद नर्स दिलशाद ने प्रसूता की डिलीवरी कराई। बाद में पहुंची डॉक्टर ने मां व बच्चे की जांच की। जिसमें बच्चे को एनेनसीफ्ले बीमारी से ग्रसित पाया। इस मामले में महिला डॉक्टर सीमा गुप्ता व सौ शैय्या युक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.राजीव रस्तोगी ने बताया कि इस तरह के बच्चों के पैदा होने का मुख्य कारण अनुवांशिक त्रुटि होता है। जिसमें पूरा समय होने के बाद भी बच्चों की भ्रूणावस्था में विकास के दौरान सिर की हड्डियां, दिमाग एवं त्वचा का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता है। इस तरह के 75 फीसदी बच्चों की मौत जल्दी हो जाती है।