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1985 में की थी हत्या, 17 साल से भाग रहा था पुलिस से बचकर, बन बैठा था चित्रकूट के आश्रम में सेवादार
Wed, 05 Feb 2020 01:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 05 Feb 2020 01:19 PM IST
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हरदोई में 15 हजार रुपये के फरार इनामी हत्यारे को बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने चित्रकूट जिले के आश्रम से मंगलवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। वह नाम बदलकर सेवादार के रूप में रह रहा था। न्यायालय में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
एएसपी पश्चिमी त्रिगुण विसेन ने बताया कि जुलाई 1985 में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उमरारी निवासी अशोक कुमार सिंह (65) ने पत्नी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव जला दिया था। 1989 में उसे आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
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एएसपी पश्चिमी त्रिगुण विसेन ने बताया कि जुलाई 1985 में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उमरारी निवासी अशोक कुमार सिंह (65) ने पत्नी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव जला दिया था। 1989 में उसे आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
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1992 में उसे उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। 2003 से वह न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था और फरार चल रहा था। न्यायालय ने इस मामले में वारंट भी जारी किया था। पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम अशोक कुमार सिंह पर घोषित कर दिया था।
बेनीगंज कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी दोषी की गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे थे। इस बीच कोतवाल को पता चला कि अशोक सिंह नाम बदलकर चित्रकूट के किसी आश्रम में रह रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोतवाल टीम के साथ मंगलवार तड़के चित्रकूट गए।
बेनीगंज कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी दोषी की गिरफ्तारी का प्रयास कर रहे थे। इस बीच कोतवाल को पता चला कि अशोक सिंह नाम बदलकर चित्रकूट के किसी आश्रम में रह रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोतवाल टीम के साथ मंगलवार तड़के चित्रकूट गए।
जांच के दौरान पता चला कि अशोक सर्वोदय सेवा आश्रम में हरिओम महाराज नाम से सेवादार बना हुआ है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आश्रम में किसी को भी उसके आपराधिक इतिहास के बारे में नहीं पता था।
एएसपी ने बताया कि अशोक सिंह को 1992 में वन संरक्षण अधिनियम, 1993 और 1995 में जानलेवा हमले के मामले में नामजद किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान सीओ सदर नागेश मिश्रा व गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम भी मौजूद रही।
एएसपी ने बताया कि अशोक सिंह को 1992 में वन संरक्षण अधिनियम, 1993 और 1995 में जानलेवा हमले के मामले में नामजद किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान सीओ सदर नागेश मिश्रा व गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम भी मौजूद रही।