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महिलाएं जागरूक हों तो कम हो सकते अपराध

Tue, 18 Feb 2020 01:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 01:39 AM IST
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Crimes can be reduced if women become aware
अर्मापुर पीजी कालेज में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को
कानपुर में महिलाएं जागरूक हों तो अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। महिला अपराध रोकने के लिए, त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस ने कई इंतजाम किए हैं, बस जरूरत है उनके बारे में हर महिला को जानने की। महिला पॉवर लाइन नंबर 1090 में छेड़छाड़, शोषण आदि घटनाओं की शिकायत महिलाएं कर सकती हैं। इसमें तत्काल कार्रवाई की जाती है। अन्य किसी इमरजेंसी में मदद के लिए 100 या 112 नंबर को डायल करने के लिए प्रेरित किया। बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर हम सुरक्षित रह सकते हैं।
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यह बात अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में अर्मापुर पीजी कॉलेज में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ के दौरान मुख्य अतिथि आईजी मोहित अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि अगर आप किसी ऑटो में अकेली महिला सवार है, तो उस ऑटो का नंबर या नंबर प्लेट की फोटो खींच कर वायस कॉल या मैसेज के माध्यम से अभिभावक को भेज सकते हैं। यूपी कॉप एप की मदद से रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने हाल ही में फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में 26 बच्चों को रिहा कराने के पूरे ऑपरेशन को वीडियो के माध्यम से बड़ी स्क्रीन पर दिखाया, जिसे देख छात्र-छात्राओं ने तालियां बजा कर पुलिस का अभिवादन किया। टीएसआई शिव सिंह छोकर ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। यहां मुख्य रूप से प्राचार्य डॉ. गायत्री सिंह, डॉ. निशी द्विवेदी, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. सारिका बाजपेई, डॉ. दिनेश प्रसाद तिवारी, डॉ. कौशल किशोर, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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साइबर ठगी के दो घंटे के अंदर करें शिकायत
प्रोजेक्टर की मदद से साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए। साइबर ठगी के मामलों में अगर दो घंटे के भीतर पुलिस से शिकायत की जाए तो खाते से निकली रकम वापस दिलाई जा सकती है। साइबर ठगी के मामलों में पुलिस अब तक 16 लाख रुपये पीड़ितों को दिला चुकी है। एटीएम कार्ड से खरीदारी करते समय स्वैप मशीन में कार्ड अपने सामने ही करें। कई मामलों में मशीन में लगे स्किमर की मदद से कार्ड का क्लोन तैयार कर खाते से रकम पार करने के मामले भी आ चुके हैं। क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर लिखे सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) को अपनी पर्सनल डायरी में नोट कर उसे कार्ड से हटा दें। एटीएम से पैसे निकालने के बाद पर्ची को फाड़ कर फेंकें। किसी को फोन पर अपनी पर्सनल डिटेल न देने की सलाह दी।
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