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फिरौती के लिए मौसा ने ही मार डाला आशुतोष को

Sat, 18 Jun 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Sat, 18 Jun 2016 01:53 AM IST
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Warts killed for ransom by Ashutosh
आशुतोष - फोटो : अमर उजाला

कानपुर। नौबस्ता से अपहृत आशुतोष (11) को उसके सगे मौसा के छोटे भाई प्रकाश ने अपने दोस्तों संग फिरौती के लिए अगवा किया और पहचान खुलने पर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को कानपुर देहात में एक पुलिया के नीचे जला दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रकाश समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक ग्राम प्रधान सहित दो आरोपी फरार हैं। वारदात में इस्तेमाल कार और बाइक बरामद कर ली गई है।

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नौबस्ता वाई वन-ब्लाक में रहने वाले धर्मपाल सिंह पीएनबी की चकेरी ब्रांच के मैनेजर हैं। घर में पत्नी कुसुमलता, तीन बेटियां और इकलौता बेटा आशुतोष उर्फ आशु (11) था। 8 जून को आशुतोष का घर के पास से ही कार से अपहरण हो गया और 25 लाख की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस, एसटीएफ, क्राइमब्रांच सहित कई जिलों की फोर्स लगी रही लेकिन किडनैपरों का कोई सुराग नहीं लगा।
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शुक्रवार को पुलिस ने अपहर्ताओं को दबोच लिया लेकिन आशु जिंदा नहीं बचा। एसएसपी शलभ माथुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि आशुतोष के सगे मौसा सिद्घार्थ बीएसएफ महाराष्ट्र में तैनात हैं। सिद्घार्थ के कानपुर देहात (अकबरपुर कस्बा) निवासी छोटे भाई प्रकाश ने इलाके में रहने वाले दोस्तों शेरा और विशाल के साथ मिलकर 8 जून को अपनी कार से अपहरण किया था।
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इसके बाद आशुतोष को पहली रात अपने घर में पत्नी रौनक के साथ बंधक बनाकर रखा। 9 जून की सुबह  4 बजे अपनी महिला मित्र संध्या की मां सुनीता को 50 हजार का लालच देकर आशुतोष को उसके गांव गौरैय्यापुर में रखा। इस बात की जानकारी गौरैय्यापुर के ग्राम प्रधान को भी थी। आशुतोष पहले दिन से ही प्रकाश को पहचान चुका था और पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते 10 जून की सुबह चलती कार में विशाल ने दुपट्टे से गला घोंटकर आशुतोष की हत्या कर दी।


प्रकाश कार ड्राइव कर रहा था। इसके बाद शव को डेरापुर थाने की बिहार घाट चौकी के करीब बलाई के बीहड़ों में पुलिया के नीचे छिपा दिया। उसी रात शेरा और विशाल अपने दोस्त मुकेश की बाइक से पुलिया पर गए और शव पर एक  लीटर पेट्रोल डालकर फूंक दिया। मामले में पुलिस ने प्रकाश और उसकी पत्नी रौनक, शेरा, विशाल, सुनीता को गिरफ्तार किया है जबकि अतीक और ग्राम प्रधान फरार हैं।

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