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पुलिस के सामने पूरे परिवार को पीटा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 23 May 2015 03:17 AM IST
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कल्याणपुर आवास विकास-एक में शुक्रवार दोपहर जमीन पर कब्जे के विवाद में जमकर हंगामा आैर मारपीट हुई। विवाद अधिवक्ता एसएन सिंह और चट्टा संचालक विजय यादव के बीच है। अधिवक्ता का आरोप है कि रावतपुर गांव चौकी पुलिस के सामने आरोपियों ने उन्हें, पत्नी और बच्चों को पीटा। अभद्रता की आैर कपड़े फाड़ डाले। दो मोबाइल और रुपये भी छीन लिए। बाद में अधिवक्ता ने डीजीपी को फोन कर दिया और दो घंटे में कार्रवाई न होने पर परिवार समेत आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
कुछ समय में एसीएम राजेंद्र त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, फायर ब्रिगेड कर्मी, सीओ और कई थानों की फोर्स पहुंची। देर रात रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिवार अपने-अपने कमरे में पहुंचा। अधिवक्ता एसएन सिंह आवास विकास-एक केशवपुरम के ए-सेक्टर में रहते हैं।
परिवार में पत्नी रामलक्ष्मी, बेटा रोहित, बहू रेखा सिंह और रोहित के दो बच्चे हैं। अधिवक्ता ने बताया कि सामने रहने वाले चट्टा संचालक रामरतन उर्फ बउवन नाटे और उनके बेटे विजय यादव ने उनकी और सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। वह दो रोड के बीच में मकान होने के बाद भी अपनी ही दीवार में दरवाजा नहीं बनवा पा रहे।
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नाप-जोख कराते ही विजय ने विरोध किया। मामला कोर्ट पहुंचा लेकिन परिणाम नहीं निकला। हवा के लिए दीवार में होल कराया तो भी विजय धमकी देने लगा। आवास विकास अफसरों, मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी सभी को न्याय के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार दोपहर आवास विकास के अभियंता छानबीन करने आए थे। वह बातचीत और बयान की वीडियोग्राफी करने लगे। इस पर विजय यादव ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट होती देख अभियंता चले गए।
अधिवक्ता का आरोप है कि सूचना पर आए चौकी इंचार्ज राम सिंह यादव आैर अन्य पुलिस कर्मियों के सामने विजय और रसूलाबाद के हिस्ट्रीशीटर बाबू कहार, विजय के पिता रामरतन, चाचा श्याम सिंह, नाहर सिंह यादव, राधेश्याम समेत कई लोगों ने हमला कर दिया।
इस पर परिवार सहित खुद को कमरे में कैद किया। इसके बाद डीजीपी से फोन करके बात की। सिलेंडर भी लाकर पास में रख लिए। इस पर एसीएम, एसपी, सीओ समेत कई थाने की फोर्स पहुंची। करीब तीन घंटे बाद अधिवक्ता ने बेटे मोहित को तहरीर लेकर थाने भेजा।
अधिवक्ता का आरोप है कि वहां मोहित को पुलिस ने बैठा लिया। आधे घंटे उसके न आने पर फिर पुलिस अफसरों और डीजीपी को फोन किया। विजय यादव के पिता राम रतन का कहना है कि एसएन सिंह उनकी आेर दरवाजा खोलकर कब्जा करना चाहते हैं। मारपीट का बहाना ढूंढते हैं और अब दबाव बनाकर कार्रवाई कराना चाहते हैं।
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कुछ समय में एसीएम राजेंद्र त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, फायर ब्रिगेड कर्मी, सीओ और कई थानों की फोर्स पहुंची। देर रात रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिवार अपने-अपने कमरे में पहुंचा। अधिवक्ता एसएन सिंह आवास विकास-एक केशवपुरम के ए-सेक्टर में रहते हैं।
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परिवार में पत्नी रामलक्ष्मी, बेटा रोहित, बहू रेखा सिंह और रोहित के दो बच्चे हैं। अधिवक्ता ने बताया कि सामने रहने वाले चट्टा संचालक रामरतन उर्फ बउवन नाटे और उनके बेटे विजय यादव ने उनकी और सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। वह दो रोड के बीच में मकान होने के बाद भी अपनी ही दीवार में दरवाजा नहीं बनवा पा रहे।
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नाप-जोख कराते ही विजय ने विरोध किया। मामला कोर्ट पहुंचा लेकिन परिणाम नहीं निकला। हवा के लिए दीवार में होल कराया तो भी विजय धमकी देने लगा। आवास विकास अफसरों, मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी सभी को न्याय के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार दोपहर आवास विकास के अभियंता छानबीन करने आए थे। वह बातचीत और बयान की वीडियोग्राफी करने लगे। इस पर विजय यादव ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट होती देख अभियंता चले गए।
अधिवक्ता का आरोप है कि सूचना पर आए चौकी इंचार्ज राम सिंह यादव आैर अन्य पुलिस कर्मियों के सामने विजय और रसूलाबाद के हिस्ट्रीशीटर बाबू कहार, विजय के पिता रामरतन, चाचा श्याम सिंह, नाहर सिंह यादव, राधेश्याम समेत कई लोगों ने हमला कर दिया।
इस पर परिवार सहित खुद को कमरे में कैद किया। इसके बाद डीजीपी से फोन करके बात की। सिलेंडर भी लाकर पास में रख लिए। इस पर एसीएम, एसपी, सीओ समेत कई थाने की फोर्स पहुंची। करीब तीन घंटे बाद अधिवक्ता ने बेटे मोहित को तहरीर लेकर थाने भेजा।
अधिवक्ता का आरोप है कि वहां मोहित को पुलिस ने बैठा लिया। आधे घंटे उसके न आने पर फिर पुलिस अफसरों और डीजीपी को फोन किया। विजय यादव के पिता राम रतन का कहना है कि एसएन सिंह उनकी आेर दरवाजा खोलकर कब्जा करना चाहते हैं। मारपीट का बहाना ढूंढते हैं और अब दबाव बनाकर कार्रवाई कराना चाहते हैं।