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ट्रक से कुचलकर दो बहनों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 21 Apr 2015 02:12 AM IST
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रूमा फ्लाईओवर पर सोमवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार दो बहनों को कुचल दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया। सूचना देने पर भी पुलिस के देर से पहुंचने पर नाराज लोगों ने हंगामा किया। आधे घंटे बाद महाराजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को लोडर से पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
इसे लेकर भी लोगों ने नारेबाजी की, लोगों का कहना था पुलिस को पहले दोनों को अस्पताल ले जाना चाहिए था। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने ट्रक के पकड़े जाने का बात कही है, जबकि एसओ इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करके ट्रक और चालक की तलाश की जा रही है।
के ब्लाक किदवई नगर निवासी दवा कारोबारी नीरज बाजपेई की पत्नी सीता (34) अपने मायके जोगापुर फतेहपुर में आंगनवाड़ी केंद्र चलाती थीं। नीरज ने बताया कि सीता जोगापुर में रहने वाली चचेरी बहन संगीता के बेटे की मौत पर उन्हें सांत्वना देकर करीब 11:30 बजे यशोदा नगर नौबस्ता निवासी दूसरी चचेरी बहन कविता शुक्ला के साथ स्कूटी से कानपुर लौट रही थीं।
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रूमा फ्लाई ओवर पर बैक ऑफ बड़ौदा के सामने फतेहपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी। दोनों उछल कर स्कूटी से सड़क पर आ गिरीं और ट्रक के पहिए के नीचे आ गईं। कविता प्राथमिक विद्यालय भीतरगांव घाटमपुर में टीचर थीं।
इनके दो बेटे वेदांश (8) और देवांश (6) है, वहीं सीता के एक बेटा धैर्य (10) और बेटी प्रज्ञा (6) हैं। इधर दो महिलाओं की मौत से नाराज लोगों ने रूमा और फिर पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा किया।
आरोप है कि पुलिस देर से घटनास्थल पर पहुंची और दोनों बहनों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की बजाय लोडर से सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। हंगामे की सूचना पर सीओ सदर अखिलेश सिंह और महाराजपुर एसओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।
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इसे लेकर भी लोगों ने नारेबाजी की, लोगों का कहना था पुलिस को पहले दोनों को अस्पताल ले जाना चाहिए था। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने ट्रक के पकड़े जाने का बात कही है, जबकि एसओ इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करके ट्रक और चालक की तलाश की जा रही है।
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के ब्लाक किदवई नगर निवासी दवा कारोबारी नीरज बाजपेई की पत्नी सीता (34) अपने मायके जोगापुर फतेहपुर में आंगनवाड़ी केंद्र चलाती थीं। नीरज ने बताया कि सीता जोगापुर में रहने वाली चचेरी बहन संगीता के बेटे की मौत पर उन्हें सांत्वना देकर करीब 11:30 बजे यशोदा नगर नौबस्ता निवासी दूसरी चचेरी बहन कविता शुक्ला के साथ स्कूटी से कानपुर लौट रही थीं।
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रूमा फ्लाई ओवर पर बैक ऑफ बड़ौदा के सामने फतेहपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी। दोनों उछल कर स्कूटी से सड़क पर आ गिरीं और ट्रक के पहिए के नीचे आ गईं। कविता प्राथमिक विद्यालय भीतरगांव घाटमपुर में टीचर थीं।
इनके दो बेटे वेदांश (8) और देवांश (6) है, वहीं सीता के एक बेटा धैर्य (10) और बेटी प्रज्ञा (6) हैं। इधर दो महिलाओं की मौत से नाराज लोगों ने रूमा और फिर पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा किया।
आरोप है कि पुलिस देर से घटनास्थल पर पहुंची और दोनों बहनों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की बजाय लोडर से सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। हंगामे की सूचना पर सीओ सदर अखिलेश सिंह और महाराजपुर एसओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।