{"_id":"588f76b54f1c1b3c3de81016","slug":"three-blood-dealer-arrested-red-handed","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगे हाथ गिरफ्तार खून के तीन सौदागर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंगे हाथ गिरफ्तार खून के तीन सौदागर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
जांच में बैग की कंपनी, स्टीकर व सील में पकड़ी थी गड़बड़ी
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर पुलिस ने सोमवार को खून बेचने वाले गैंग के तीन सदस्यों को धर दबोचा। इनके पास से ब्लड रिक्वायरमेंट फार्म, नगदी व मोबाइल आदि सामान बरामद किया गया है। पुलिस गैंग के सरगना की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।
शिवराजपुर निवासी राकेश ने 29 जनवरी को अपनी गर्भवती पत्नी आरती (28) को जच्चा-बच्चा अस्पताल में डॉ. रेनू गुप्ता की यूनिट में भर्ती कराया था। मेडिकल कालेज के स्त्री रोग विभाग की हेड डॉ. किरन पांडेय के अनुसार आरती के पेट में ही बच्चा मर गया था। ऑपरेशन करके उसे निकाला गया। साथ ही आरती को चढ़ाने के लिए मेडिकल कालेज ब्लड बैंक से एक यूनिट ब्लड मंगाया। रात में परिजन ब्लड लेकर आए। इसकी गुणवत्ता पर शंका होने पर जांच की गई तो पता चला कि बैग का ब्लड पाइप मशीन से सील करने के बजाय गर्म कर चिपकाने का पता चला। साथ ही बैग की कंपनी दूसरी होने और उसमें लगा स्टीकर नकली होने की पुष्टि होने के बाद आरती को ब्लड नहीं चढ़ाया गया। उधर राकेश ने पुलिस को बताया कि डॉक्टरों के कहने पर वह मेडिकल कालेज ब्लड बैंक में अपना खून देने और उसके बदले एक यूनिट ब्लड लेने गया था। वहां उसे कमजोर बताकर ब्लड लेने से इनकार कर दिया। ब्लड बैंक से अस्पताल लौटते समय हैलट के सामने पेट्रोल पंप के पास एक युवक ने उसे रोक लिया। 2800 रुपये में सौदा होने पर उसने ब्लड दिलाया। डॉक्टरों से घटिया ब्लड का पता चलने पर स्वरूप नगर पुलिस थाने में घटना की रिपोर्ट लिखाई। स्वरूप नगर थाना प्रभारी संजय सिंह के मुताबिक राकेश की निशानदेही पर खून के धंधे में लिप्त गुजैनी आई-ब्लॉक निवासी ज्ञान प्रकाश, बड़ा चौराहा के पास रह रहे कन्नौज के अजय और अंबेडकर नगर शिवराजपुर निवासी पिंटू गौतम को हैलट के पास से गिरफ्तार किया। गैंग के सरगना की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
शिवराजपुर निवासी राकेश ने 29 जनवरी को अपनी गर्भवती पत्नी आरती (28) को जच्चा-बच्चा अस्पताल में डॉ. रेनू गुप्ता की यूनिट में भर्ती कराया था। मेडिकल कालेज के स्त्री रोग विभाग की हेड डॉ. किरन पांडेय के अनुसार आरती के पेट में ही बच्चा मर गया था। ऑपरेशन करके उसे निकाला गया। साथ ही आरती को चढ़ाने के लिए मेडिकल कालेज ब्लड बैंक से एक यूनिट ब्लड मंगाया। रात में परिजन ब्लड लेकर आए। इसकी गुणवत्ता पर शंका होने पर जांच की गई तो पता चला कि बैग का ब्लड पाइप मशीन से सील करने के बजाय गर्म कर चिपकाने का पता चला। साथ ही बैग की कंपनी दूसरी होने और उसमें लगा स्टीकर नकली होने की पुष्टि होने के बाद आरती को ब्लड नहीं चढ़ाया गया। उधर राकेश ने पुलिस को बताया कि डॉक्टरों के कहने पर वह मेडिकल कालेज ब्लड बैंक में अपना खून देने और उसके बदले एक यूनिट ब्लड लेने गया था। वहां उसे कमजोर बताकर ब्लड लेने से इनकार कर दिया। ब्लड बैंक से अस्पताल लौटते समय हैलट के सामने पेट्रोल पंप के पास एक युवक ने उसे रोक लिया। 2800 रुपये में सौदा होने पर उसने ब्लड दिलाया। डॉक्टरों से घटिया ब्लड का पता चलने पर स्वरूप नगर पुलिस थाने में घटना की रिपोर्ट लिखाई। स्वरूप नगर थाना प्रभारी संजय सिंह के मुताबिक राकेश की निशानदेही पर खून के धंधे में लिप्त गुजैनी आई-ब्लॉक निवासी ज्ञान प्रकाश, बड़ा चौराहा के पास रह रहे कन्नौज के अजय और अंबेडकर नगर शिवराजपुर निवासी पिंटू गौतम को हैलट के पास से गिरफ्तार किया। गैंग के सरगना की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन