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पढ़िए अाखिर कैसे हमशक्ल बहन की चुनरी बन गर्ई मासूम के लिए माैत का फंदा
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:21 AM IST
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घटनास्थल काे दिखाती बच्चे की मां
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विजय नगर में खेल-खेल में 10 साल के मासूम की जान चली गई। बच्चे ने बक्से पर बैठकर खूंटी पर टंगी बहन की चुन्नी को अपने गले में लपेट लिया। अचानक वह बक्से से फिसल गया तो फंदा गले में कस गया और बच्चे की मौत हो गई।
विजय नगर गल्लामंडी में रहने वाले दीपेंद्र सिंह और पत्नी साधना दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर पर बेटी अंजली और दो बेटे नितिन, सौरभ (10) थे। सौरभ और अंजली जुड़वां भाई-बहन थे। बड़ा बेटा नितिन कक्षा-5 का छात्र है, जबकि सौरभ और अंजली कक्षा-2 में पढ़ते हैं। सोमवार सुबह दीपेंद्र और उसकी पत्नी काम पर गए हुए थे। बड़ा बेटा नितिन स्कूल गया था। घर में सौरभ अकेला था। दोपहर करीब 11 बजे सौरभ कमरे में था। सौरभ कमरे में रखे बक्से पर बैठकर टीवी देख रहा था, जबकि अंजली बाहर खेल रही थी। कमरे में लगी एक खूंटी पर अंजली की चुन्नी टंगी थी। खेल-खेल में सौरभ ने चुन्नी गले में लपेट ली। अचानक बक्से से फिसल जाने पर चुन्नी कस गई। करीब एक घंटे बाद मकान मालिक ने देखा तो तुरंत उसको हैलट ले गए और परिजनों को सूचना दी। हैलट में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का मानना है कि सौरभ जिस बक्से पर बैठा था उस पर टीवी भी था। कहीं ऐसा तो नहीं हुआ कि टीवी देखते वक्त कोई ऐसा सीन आया हो जिसको करने के चलते उसने गले में चुन्नी फंसा ली हो।
विजय नगर गल्लामंडी में रहने वाले दीपेंद्र सिंह और पत्नी साधना दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर पर बेटी अंजली और दो बेटे नितिन, सौरभ (10) थे। सौरभ और अंजली जुड़वां भाई-बहन थे। बड़ा बेटा नितिन कक्षा-5 का छात्र है, जबकि सौरभ और अंजली कक्षा-2 में पढ़ते हैं। सोमवार सुबह दीपेंद्र और उसकी पत्नी काम पर गए हुए थे। बड़ा बेटा नितिन स्कूल गया था। घर में सौरभ अकेला था। दोपहर करीब 11 बजे सौरभ कमरे में था। सौरभ कमरे में रखे बक्से पर बैठकर टीवी देख रहा था, जबकि अंजली बाहर खेल रही थी। कमरे में लगी एक खूंटी पर अंजली की चुन्नी टंगी थी। खेल-खेल में सौरभ ने चुन्नी गले में लपेट ली। अचानक बक्से से फिसल जाने पर चुन्नी कस गई। करीब एक घंटे बाद मकान मालिक ने देखा तो तुरंत उसको हैलट ले गए और परिजनों को सूचना दी। हैलट में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का मानना है कि सौरभ जिस बक्से पर बैठा था उस पर टीवी भी था। कहीं ऐसा तो नहीं हुआ कि टीवी देखते वक्त कोई ऐसा सीन आया हो जिसको करने के चलते उसने गले में चुन्नी फंसा ली हो।
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