फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   The abducted child was found, close to the suspect

अपहृत बच्चा नहीं मिला, करीबी पर शक

Fri, 10 Jun 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Fri, 10 Jun 2016 12:48 AM IST
विज्ञापन
The abducted child was found, close to the suspect
बेटे आशुतोष के अपहरण से परेशान पिता धर्मपाल सिंह पल-पल की जानकारी लेते दिखे। - फोटो : amarujala
कानपुर साउथ। नौबस्ता से बुधवार शाम अगवा हुए बैंक मैनेजर धर्मपाल सिंह के 11 वर्षीय बेटे आशुतोष का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। अपहरणकर्ताओं की लोकेशन लगातार बदलने से पुलिस अफसर परेशान हैं। पुलिस की 15 से ज्यादा टीमें कई जिलों और शहरों में छापे मार रही हैं। पुलिस ने शक के आधार पर 25 लोगों को उठाया है। उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस अफसरों का मानना है कि अपहरण में बैंक मैनेजर के किसी करीबी और जानकार का हाथ है। जल्द ही अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया जाएगा। 
विज्ञापन

वाई ब्लाक किदवई नगर निवासी पीएनबी जाजमऊ ब्रांच के मैनेजर धर्मपाल सिंह के इकलौते बेटे आशुतोष (11) का बुधवार को घर से कुछ दूरी से अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने धर्मपाल के मोबाइल पर फोन करके 25 लाख रुपये फिरौती मांगी है। एक फोन अपहरण के कुछ देर बाद आया था और दूसरा गुरुवार सुबह आया। एसएसपी ने सभी एसपी, दो सीओ, कई एसओ, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम के साथ तेज-तर्रार कांस्टेबलों को वारदात का खुलासा करने के लिए लगाया है लेकिन 24 घंटे बाद भी बच्चा बरामद नहीं हुआ। कई लोगों से पूछताछ में पुलिस को मुहल्ले के त्रयंबकेश्वर मंदिर के पास तक आशुतोष की आखिरी लोकेशन मिली। पुलिस को यह भी पता चला कि बुधवार शाम आशुतोष और उसकी बहन तान्या ने मुहल्ले में एक दुकान से आइस्क्रीम खरीद कर खाई थी। इसके बाद तान्या उसे ट्यूशन टीचर के घर छोड़ आई थी। टीचर के घर से आशुतोष किसी काम से निकला और गायब हो गया। पुलिस ने आशुतोष की टीचर और परिवार के लोगों से अलग-अलग बातचीत की। टीचर ने पुलिस को बताया कि आशुतोष बहन के जाने के कुछ देर बाद ही बैग छोड़कर चला गया था।  
विज्ञापन

जिस नंबर से फोन आया, वह शिवली के आतिश का
आशुतोष के पिता को जिस नंबर से फिरौती का फोन आया है, वह सिम शिवली (कानपुर देहात) के आतिश की आईडी पर जारी हुआ है। अब पुलिस आतिश के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं बारा जोड़ टोल प्लाजा में अपहरणकर्ताओं को लोकेशन मिला है।, अपहरणकर्ताओं की लोकेशन लगातार बदल रही है। पुलिस को पता चला कि आशुतोष को अगवा करने के थोड़ी देर बाद अपहरणकर्ताओं ने बैंक मैनेजर को फिरौती के लिए फोन किया। तब उनकी लोकेशन दबौली क्षेत्र में थी। इसके बाद अकबरपुर रनिया के जैनपुर, बाराजोड़, डेरापुर, कानपुर-फतेहपुर बार्डर के नसड़ा गांव, फतेहपुर जहानाबाद और फिर सचेंडी के किसान नगर इलाके में लोकेशन मिली। सीओ गोविंद नगर विशाल पांडेय की अगुवाई में एक टीम फतेहपुर और आसपास के इलाकों में खोज में जुटी रही, जबकि अन्य टीमें अकबरपुर, सचेंडी समेत कई जगहों पर घूमती रहीं। बृहस्पतिवार सुबह अपहरणकर्ता ने धर्मपाल को फोन करके कहा कि 25 लाख रुपये का इंतजाम कर लो, पैसा कहां पहुंचाना है यह बाद में बताया जाएगा।  उसने यह भी धमकी दी कि मीडिया और पुलिस के चक्कर में फंसोगे तो नुकसान उठाओगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

35 मिनट बाद घर लौटी तान्या
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोहल्ले के अनिल जैन के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से पता चला कि तान्या भाई आशुतोष को ट्यूशन में छोड़ने के करीब 35 मिनट बाद घर लौटी थी। शाम 4:15 बजे वह अनिल के घर के सामने से गुजरी और फिर 4:50 बजे लौटते समय नजर आई। 4:25 बजे के आसपास उसे सुभाष पब्लिक स्कूल के सामने देखा गया था।  पुलिस ने कई जगह से सीसीटीवी फुटेज लिए हैं। अफसरों का मानना है कि अपहरण में बैंक मैनेजर के किसी करीबी और जानकार का हाथ है। 

परिवार, टीचर से हुई पूछताछ
एसपी साउथ, सीओ नजीराबाद और क्राइम ब्रांच की एक टीम दिन भर बैंक मैनेजर के घर और उसके आसपास डेरा जमाए रही। पुलिस ने आशुतोष की टीचर और परिवार के लोगों से अलग-अलग बातचीत की। टीचर ने पुलिस को बताया कि आशुतोष बहन के जाने के कुछ देर बाद ही बैग छोड़कर चला गया था।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed