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सुरेंद्र नगर में बड़ा ध्वज लगाने पर बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 26 Mar 2015 03:52 AM IST
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रावतपुर के सुरेंद्र नगर में घर के चबूतरे पर बड़ा ध्वज लगाने पर बुधवार रात बवाल हुआ। दूसरे पक्ष को झंडा लगाने पर आपत्ति थी। आरोप है कि झंडा पूजन में जा रहे लड़कों को घर के सामने से गुजरने पर रोका गया। लिहाजा कहासुनी, गाली-गलौच और नारेबाजी हुई।
इसी दौरान पहुंचे भाजपा विधायक सत्यदेव पचौरी और उनके समर्थकों की आंख में जलन वाला स्प्रे कर देने से अफरा-तफरी हो गई। छिटपुट पथराव भी हुआ। हालांकि कुछ ही समय में कल्यानपुर, स्वरूपनगर, नजीराबाद, कर्नलगंज सर्किल के अफसर, पुलिस फोर्स, पीएसी, एसडीएम, कई एसीएम के पहुंच जाने से बवाल बढ़ नहीं पाया।
तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स लगा दी गई है। कई घंटों की कवायद के बाद देर रात यह तय हुआ कि इस रास्ते झुंड में बाइकर्स, नारेबाजी करने वाले लोग या जुलूस नहीं गुजरेगा। हालांकि दूसरे पक्ष की ध्वज हटाने की मांग को प्रशासन ने साफ मना कर दिया। रावतपुर में रामनवमी के समय एक बड़ा जुलूस हर साल निकलता है।
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इसका रास्ता सुरेंद्र नगर की गलियों से होता हुआ आयोजन स्थल तक होता है। सुरेंद्र नगर की जो गलियां जुलूस का पारंपरिक रास्ता हैं, वह डेढ़-दो साल से खराब हैं। लिहाजा सुरेंद्र नगर की पिच रोड वाले रास्ते से ही लोग ज्यादातर आते-जाते हैं। इस मार्ग पर रहमतउल्ला का घर है।
रहमतउल्ला परिवार की आपत्ति के चलते दो साल से इस मार्ग पर जुलूस निकालने को लेकर बवाल हो रहा है। पिछले साल मारपीट, पथराव, तोड़फोड़, आगजनी सब हुआ था। इस बार एसीएम और कल्यानपुर सीओ ने शांति समिति की बैठक में यह तय कर दिया था कि इस बार जुलूस वाला मार्ग बन जाएगा और जुलूस उसी रास्ते से गुजरेगा।
यह मौका आ पाता इससे पहले बुधवार रात दूसरे मुद्दे पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। पिच मार्ग वाले रास्ते पर रहने वाले हाकिम सिंह के बेटे गप्पू ने घर के चबूतरे पर नवमी का बड़ा ध्वज लगाया। इधर, देर शाम ध्वज लगते ही रहमतउल्ला और उनके बेटे अकरम ने ध्वज लगने पर ऐतराज किया।
आपत्ति की वजह पूछने पर ध्वज हटाने की बात शुरू कर दी और हंगामा शुरू हो गया। भाजपा विधायक सत्यदेव पचौरी समर्थकों के साथ पहुंचे विधायक ने ध्वज लगाने वालों और मुहल्ले के लोगों को समझाकर शांत कराया। पूजन करते समय अचानक किसी ने मिर्च स्प्रे किया और सभी की आंखों में जलन शुरू हो गई।
जैसे-तैसे लोग खांसते-छींकते, आंसू पोछते वहां से हटे। स्प्रे का आरोप दूसरे समुदाय पर लगाते हुए नारेबाजी, गाली-गलौच होने लगी। पनकी महंत जितेंद्र दास भी तब तक आ चुके थे लेकिन माहौल तनावपूर्ण देख वह ध्वज लगाने वालों को समझाते हुए चले गए।
कुछ ही देर में भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अफसर एवं फोर्स आ पहुंची। जमावड़ा हटवाने की बात कहने पर रहमतउल्ला और उनके बेटे अकरम से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। सीओ कल्यानपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि फिलहाल यह तय हुआ है कि रहमतउल्ला के घर के पास से जुलूस नहीं गुजरेगा, नारेबाजी नहीं की जाएगी। गुरुवार को दोनों पक्ष के लोग मिलकर आमराय तैयार करेंगे।
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इसी दौरान पहुंचे भाजपा विधायक सत्यदेव पचौरी और उनके समर्थकों की आंख में जलन वाला स्प्रे कर देने से अफरा-तफरी हो गई। छिटपुट पथराव भी हुआ। हालांकि कुछ ही समय में कल्यानपुर, स्वरूपनगर, नजीराबाद, कर्नलगंज सर्किल के अफसर, पुलिस फोर्स, पीएसी, एसडीएम, कई एसीएम के पहुंच जाने से बवाल बढ़ नहीं पाया।
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तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स लगा दी गई है। कई घंटों की कवायद के बाद देर रात यह तय हुआ कि इस रास्ते झुंड में बाइकर्स, नारेबाजी करने वाले लोग या जुलूस नहीं गुजरेगा। हालांकि दूसरे पक्ष की ध्वज हटाने की मांग को प्रशासन ने साफ मना कर दिया। रावतपुर में रामनवमी के समय एक बड़ा जुलूस हर साल निकलता है।
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इसका रास्ता सुरेंद्र नगर की गलियों से होता हुआ आयोजन स्थल तक होता है। सुरेंद्र नगर की जो गलियां जुलूस का पारंपरिक रास्ता हैं, वह डेढ़-दो साल से खराब हैं। लिहाजा सुरेंद्र नगर की पिच रोड वाले रास्ते से ही लोग ज्यादातर आते-जाते हैं। इस मार्ग पर रहमतउल्ला का घर है।
रहमतउल्ला परिवार की आपत्ति के चलते दो साल से इस मार्ग पर जुलूस निकालने को लेकर बवाल हो रहा है। पिछले साल मारपीट, पथराव, तोड़फोड़, आगजनी सब हुआ था। इस बार एसीएम और कल्यानपुर सीओ ने शांति समिति की बैठक में यह तय कर दिया था कि इस बार जुलूस वाला मार्ग बन जाएगा और जुलूस उसी रास्ते से गुजरेगा।
यह मौका आ पाता इससे पहले बुधवार रात दूसरे मुद्दे पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। पिच मार्ग वाले रास्ते पर रहने वाले हाकिम सिंह के बेटे गप्पू ने घर के चबूतरे पर नवमी का बड़ा ध्वज लगाया। इधर, देर शाम ध्वज लगते ही रहमतउल्ला और उनके बेटे अकरम ने ध्वज लगने पर ऐतराज किया।
आपत्ति की वजह पूछने पर ध्वज हटाने की बात शुरू कर दी और हंगामा शुरू हो गया। भाजपा विधायक सत्यदेव पचौरी समर्थकों के साथ पहुंचे विधायक ने ध्वज लगाने वालों और मुहल्ले के लोगों को समझाकर शांत कराया। पूजन करते समय अचानक किसी ने मिर्च स्प्रे किया और सभी की आंखों में जलन शुरू हो गई।
जैसे-तैसे लोग खांसते-छींकते, आंसू पोछते वहां से हटे। स्प्रे का आरोप दूसरे समुदाय पर लगाते हुए नारेबाजी, गाली-गलौच होने लगी। पनकी महंत जितेंद्र दास भी तब तक आ चुके थे लेकिन माहौल तनावपूर्ण देख वह ध्वज लगाने वालों को समझाते हुए चले गए।
कुछ ही देर में भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अफसर एवं फोर्स आ पहुंची। जमावड़ा हटवाने की बात कहने पर रहमतउल्ला और उनके बेटे अकरम से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। सीओ कल्यानपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि फिलहाल यह तय हुआ है कि रहमतउल्ला के घर के पास से जुलूस नहीं गुजरेगा, नारेबाजी नहीं की जाएगी। गुरुवार को दोनों पक्ष के लोग मिलकर आमराय तैयार करेंगे।