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आईबी और इंटेलीजेंस के होश उड़ा रहे ‘सनकी‘ विजय के किस्से

Mon, 17 Apr 2017 11:49 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 17 Apr 2017 11:49 PM IST
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story of mental vijay
सनकी विजय

हरदोई-शाहजहांपुर रेल मार्ग पर शनिवार की रात ट्रैक पर पत्थर रखने और लाल कपड़ा दिखाकर काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस रोकने के आरोपी विजय पाल ने यह सब कुछ बिना किसी खास मकसद के किया था। साथियों से विवाद के बाद उसने सनक में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला। जांच एजेेंसियों और आरपीएफ की शुरूआती पूछताछ में यह बात सामने आई है। आरोपी को उत्तर रेलवे एसीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया था। विजय के सनकीपन के ऐसे ही कई किस्से हैं जिन्हें जानकर जांच एजेन्सियां हैरान हैं।

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शनिवार की रात डाउन लाइन की काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस लेकर आए लोको पायलट ने बताया है कि पिहानी ओवरब्रिज के पास ट्रैक पर खड़े व्यक्ति ने लाल झंडी दिखाई, उसे ट्रैक पर पत्थर पड़ा नजर आया। जिस पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकना पड़ा। ट्रेेन रुकते ही आरपीएफ के जवानों ने विजय को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। रनिंग स्टाफ ने बताया कि गिरफ्तारी के समय विजय नशे में था। अपना लाल कुर्ता हाथ में पकड़ रखा था। पूछताछ में विजय पाल ने बताया कि वह शहर में मजदूरी करता है। शनिवार की शाम दो साथियों के साथ वह पिहानी ब्रिज के पास ही गांव में साथियों संग शराब पीने आया था। कुछ देर बाद साथियों से उसका झगड़ा हो गया। किसी ने उसे ट्रेन पर गुस्सा उतारने को कहा। नशे की हालत में उसे ट्रेन रोकने की सनक सवार हो गई। वह अकेला ही वहां से निकल कर रेलवे लाइन के किनारे पहुंच गया। किनारे पड़ा पत्थर उठा कर ट्रैक पर रख दिया। पुलिस पूछताछ में विजय ने बताया कि उसने लाल कुर्ता पहन रखा था। जिसे झंडी की तरह दिखाकर ट्रेन रुकवाई थी। आरपीएफ ने भी विजय पाल की बताई कहानी की तस्दीक की है। आरपीएफ कमांडेंट बचे सिंह ने बताया कि जांच टीम ने पिहानी ब्रिज के पास स्थित गांव और विजय के घर पर जाकर पड़ताल की। विजय ने जो बयां किया, सही निकला। विजय पाल के परिजनों ने भी उसे सनकी बताया है। परिवारों वालों का कहना है कि वे विजय के गुस्सैल और झगड़ालू स्वभाव से परेशान हैं।
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जांच एजेन्सियों ने कई घंटों तक की पूछताछ 

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डेमो पिक
ट्रेन रोके जाने की घटना के पीछे कोई आतंकी साजिश तो नहीं या फिर यह आरोपी के दिमाग की शरारती उपज, हकीकत जानने को रविवार को आईबी और रेलवे इंटेलीजेंस की टीम ने आरोपी से अलग-अलग पूछताछ की। विजय पर यात्रियों की जान खतरे में डालने व रेलवे ट्रैक बाधित करने समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर बचे सिंह ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा।  

ये था घटनाक्रम 

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हिरासत में आरोपी विजय पाल - फोटो : अमर उजाला
शनिवार की देर रात 10.40 बजे पिहानी ओवर ब्रिज के पास पहुंची डाउन लाइन की काशी विश्वानाथ एक्सप्रेस के चालक ने ट्रैक पर पत्थर रखा देख ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया था। आरपीएफ ने मौके से हरियावां थाने के सुमई गांव निवासी विजय पाल पुत्र तिलक को गिरफ्तार किया था। आतंकी साजिश की आशंका पर रविवार को इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम ने आरपीएफ थाने पर लगभग एक घंटे तक आरोपी से पूछताछ की। विजय पाल का इतिहास खंगाला जा रहा है। बरेली में रेलवे इंटेलीजेंस की टीम ने भी विजय पाल से गहन पूछताछ की।
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