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अराजकतत्वों ने रेलवे ट्रैक पर रखा पत्थर, सुपर फास्ट चंबल एक्सप्रेस जा टकरायी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 03 Feb 2017 01:40 AM IST
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हावड़ा से ग्वालियर जा रही चंबल एक्सप्रेस का इंजन बांदा के कटइया डांडी (मानिकपुर) रेलवे स्टेशन के आगे अराजकतत्वों ने रेलवे ट्रैक पर भारी-भरकम पत्थर रख दिया। पटरियों पर सरपट दौड़ रही चंबल एक्सप्रेस के चालक कुशमेंद्र कुमार की निगाह ट्रैक पर पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन रोकनी चाही। इंजन पत्थर से टकरा गया और तकनीकी खामी से बंद हो गया।
चालक की सूझबूझ से सुपर फास्ट एक्सप्रेस चंबल एक्सप्रेस एक ही दिन में दो बार दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची। चालक ने स्थानीय रेल अधिकारियों को मेमो देकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उधर, कपलिंग खुल जाने से सीमेंट भरी मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। इसकी वजह से बांदा-मानिकपुर रेलमार्ग लगभग एक घंटा तक ठप रहा।
पटरियों पर सरपट दौड़ रही चंबल एक्सप्रेस के चालक कुशमेंद्र कुमार की निगाह ट्रैक पर पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन रोकनी चाही। इंजन पत्थर से टकरा गया और तकनीकी खामी से वह बंद हो गया। चालक ने लगभग एक घंटा की मशक्कत के बाद इंजन को दुरुस्त कर ट्रेन चला दी। इसके बाद बदौसा (बांदा) के बागै नदी के पुल के पहले गायों का झुंड अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेन को रोक लिया। चालक कुशमेंद्र कुमार ने यहां स्थानीय अधिकारियों को मेमो देकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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उधर, गुरुवार को सतना से कानपुर जा रही सीमेंट भरी मालगाड़ी की कपलिंग खुल बदौसा स्टेशन पर अचानक खुल जाने से यह दो हिस्सों में बंट गई। चालक ने तत्काल मालगाड़ी रोक दी। वाकी-टाकी के जरिए चालक ने इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधक बदौसा को दी। स्टेशन प्रबंधक ने कई ट्रैकमैन और गैंगमैनों के साथ कपलिंग जोड़ी। इसकी वजह से बांदा-मानिकपुर रेलमार्ग लगभग एक घंटा तक ठप रहा। स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर अराजकतत्वों ने पत्थर रखा था। इस मामले की जांच मानिकपुर के अधिकारी करेंगे। जबकि कपलिंग टूटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। 42 बोगी में लगभग हजार टन सीमेंट लदी थी।
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चालक की सूझबूझ से सुपर फास्ट एक्सप्रेस चंबल एक्सप्रेस एक ही दिन में दो बार दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची। चालक ने स्थानीय रेल अधिकारियों को मेमो देकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उधर, कपलिंग खुल जाने से सीमेंट भरी मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। इसकी वजह से बांदा-मानिकपुर रेलमार्ग लगभग एक घंटा तक ठप रहा।
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पटरियों पर सरपट दौड़ रही चंबल एक्सप्रेस के चालक कुशमेंद्र कुमार की निगाह ट्रैक पर पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन रोकनी चाही। इंजन पत्थर से टकरा गया और तकनीकी खामी से वह बंद हो गया। चालक ने लगभग एक घंटा की मशक्कत के बाद इंजन को दुरुस्त कर ट्रेन चला दी। इसके बाद बदौसा (बांदा) के बागै नदी के पुल के पहले गायों का झुंड अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेन को रोक लिया। चालक कुशमेंद्र कुमार ने यहां स्थानीय अधिकारियों को मेमो देकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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उधर, गुरुवार को सतना से कानपुर जा रही सीमेंट भरी मालगाड़ी की कपलिंग खुल बदौसा स्टेशन पर अचानक खुल जाने से यह दो हिस्सों में बंट गई। चालक ने तत्काल मालगाड़ी रोक दी। वाकी-टाकी के जरिए चालक ने इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधक बदौसा को दी। स्टेशन प्रबंधक ने कई ट्रैकमैन और गैंगमैनों के साथ कपलिंग जोड़ी। इसकी वजह से बांदा-मानिकपुर रेलमार्ग लगभग एक घंटा तक ठप रहा। स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर अराजकतत्वों ने पत्थर रखा था। इस मामले की जांच मानिकपुर के अधिकारी करेंगे। जबकि कपलिंग टूटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। 42 बोगी में लगभग हजार टन सीमेंट लदी थी।