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सपा नेता ने बेरोजगारों से ठग लिए 12.15 लाख रूपए
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:57 PM IST
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कोर्ट के आदेश पर सपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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बांदा में तीन लोगों को कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 12.15 लाख रूपए की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर स्थानीय कोतवाली में सपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जनपद बांदा की तहसील अतर्रा के थाना बिसंडा अंतर्गत ग्राम बाघा निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र भाऊराम ने सपा भुर्जी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शरद भुर्जी पुत्र शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसने कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 4.15 लाख रूपए अपने किसी सहयोगी सबन्ने के खाते में रूपए डलवाए। इसके अलावा अतर्रा के ग्राम बरेहण्डा निवासी अरविंद पुत्र रामनरायन से पांच लाख रूपए और इसी गांव के दिलीप पुत्र रामदास से तीन लाख रूपए भी खाते में डलवाए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उन तीनों की नौकरी नहीं लगी तब उन लोगों ने उससे रूपए वापस मांगे। जब उसने प्रदेश के कई नेताओं और उच्च अधिकारियों से अपने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए उसे जानमाल की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी द्वारा की गई। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज की गई। कोतवाल राजबहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट धारा 420, 504 व 506 के तहत दर्ज कर ली गई है। जिसकी जांच वरिष्ठ उपनिरीक्षक ओमकारनाथ को सौंपी गई है।
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जनपद बांदा की तहसील अतर्रा के थाना बिसंडा अंतर्गत ग्राम बाघा निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र भाऊराम ने सपा भुर्जी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शरद भुर्जी पुत्र शिवकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसने कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 4.15 लाख रूपए अपने किसी सहयोगी सबन्ने के खाते में रूपए डलवाए। इसके अलावा अतर्रा के ग्राम बरेहण्डा निवासी अरविंद पुत्र रामनरायन से पांच लाख रूपए और इसी गांव के दिलीप पुत्र रामदास से तीन लाख रूपए भी खाते में डलवाए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उन तीनों की नौकरी नहीं लगी तब उन लोगों ने उससे रूपए वापस मांगे। जब उसने प्रदेश के कई नेताओं और उच्च अधिकारियों से अपने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए उसे जानमाल की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी द्वारा की गई। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज की गई। कोतवाल राजबहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट धारा 420, 504 व 506 के तहत दर्ज कर ली गई है। जिसकी जांच वरिष्ठ उपनिरीक्षक ओमकारनाथ को सौंपी गई है।
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