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आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:56 AM IST
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अवध्ा नरेश्ा
- फोटो : Amar ujala
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भूसाटोली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट की घर के अंदर हत्या कर दी गई। उसकी लाश बंद कमरे में मिली। कमरा अंदर से बंद था लेकिन छज्जे का दरवाजा खुला था। शव तीन-चार दिन पुराना है। उसमें कीड़े पड़ चुके थे। बदबू आने पर पड़ोसियों ने सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई है।
हरबंस मोहाल पुलिस को शक है कि हत्यारा छज्जे के दरवाजे से दाखिल हुआ होगा और मारकर भाग गया होगा। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने कमरे से एक गिलास और आरटीआई के कई कागज कब्जे में लिए हैं। भूसाटोली में आरटीआई एक्टिविस्ट अवध नरेश सिंह (54) तीन मंजिला मकान के पहले तल पर रहते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी।
दूसरे तल पर अवध का चचेरा भाई एडवोकेट नौरंग सिंह सपरिवार रहता है। नौरंग के मुताबिक परिवार की अवध से बोलचाल नहीं थी। बताया कि तीन दिन से अवध के कमरे से कोई आहट नहीं आ रही थी। इस पर उन्होंने सोमवार सुबह कचहरी जाते समय दरवाजे से झांककर देखा तो अवध अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े थे।
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कंट्रोल रूम पर सूचना देने के बाद पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो पता चला कि नरेश सिंह मृत थे। शव पर सिर्फ बनियान थी। पैर के पंजे सिकुड़कर काले पड़ चुके थे। कमर के नीचे कई जगह, गर्दन और चेहरे पर भी जले जैसे निशान थे।
रसूखदारों के खिलाफ मांगी थी जानकारी
अवध कैंट बोर्ड के बंगलों, बंगलों में अवैध रूप से चलाए जा रहे पार्टी लॉन और क्लब से जुड़े मामलों में अक्सर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगते रहते थे। सेना के एक बड़े अधिकारी के खिलाफ भी उन्होंने जानकारियां मांगी थी। सेना ने जांच के बाद उनको क्लीन चिट दी थी। रेलवे में अवैध वेंडरों के खिलाफ भी उन्होंने आरटीआई डाली थी। आरटीआई की वजह से अवध कई लोगों के निशाने पर थे। कैंट के एक क्लब से जुड़ी जानकारी अवध अक्सर आरटीआई से मांगते रहते थे।
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हरबंस मोहाल पुलिस को शक है कि हत्यारा छज्जे के दरवाजे से दाखिल हुआ होगा और मारकर भाग गया होगा। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने कमरे से एक गिलास और आरटीआई के कई कागज कब्जे में लिए हैं। भूसाटोली में आरटीआई एक्टिविस्ट अवध नरेश सिंह (54) तीन मंजिला मकान के पहले तल पर रहते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी।
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दूसरे तल पर अवध का चचेरा भाई एडवोकेट नौरंग सिंह सपरिवार रहता है। नौरंग के मुताबिक परिवार की अवध से बोलचाल नहीं थी। बताया कि तीन दिन से अवध के कमरे से कोई आहट नहीं आ रही थी। इस पर उन्होंने सोमवार सुबह कचहरी जाते समय दरवाजे से झांककर देखा तो अवध अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े थे।
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कंट्रोल रूम पर सूचना देने के बाद पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो पता चला कि नरेश सिंह मृत थे। शव पर सिर्फ बनियान थी। पैर के पंजे सिकुड़कर काले पड़ चुके थे। कमर के नीचे कई जगह, गर्दन और चेहरे पर भी जले जैसे निशान थे।
रसूखदारों के खिलाफ मांगी थी जानकारी
अवध कैंट बोर्ड के बंगलों, बंगलों में अवैध रूप से चलाए जा रहे पार्टी लॉन और क्लब से जुड़े मामलों में अक्सर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगते रहते थे। सेना के एक बड़े अधिकारी के खिलाफ भी उन्होंने जानकारियां मांगी थी। सेना ने जांच के बाद उनको क्लीन चिट दी थी। रेलवे में अवैध वेंडरों के खिलाफ भी उन्होंने आरटीआई डाली थी। आरटीआई की वजह से अवध कई लोगों के निशाने पर थे। कैंट के एक क्लब से जुड़ी जानकारी अवध अक्सर आरटीआई से मांगते रहते थे।