हथेली पर ‘मौत की वजह’ लिखकर मां-बाप को ‘जिंदगी का कलंक’ दे गया राजेन्द्र
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जलालपुर गांव निवासी कामता यादव के तीन बेटे हैं। जिसमें दो की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा राघवेंद्र व छोटा सचिन ईट भट्ठों में मजदूरी करते हैं। मझंला बेटा राजेंद्र (25) अपनी पत्नी सुमन व सात माह के बेटे प्रिंस के साथ मां-बाप से अलग रहता था। पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर मां-बाप से उसका अक्सर झगड़ा होता था। पिता छोटे बेटे सचिन की शादी होने तक बंटवारा नहीं करना चाहते थे। राजेंद्र गांव में छोटी सी रेडीमेड कपड़ाें की दुकान खोलकर गुजारा करता था। मंगलवार को भेड़ी मेले में दुकानदारी करने के बाद वह घर वापस आया था। बंटवारे को लेकर मां-बाप से फिर झगड़ा हो गया और देर शाम वह घर से निकल गया। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने उसका शव बेतवा नदी किनारे बने पुल की रेलिंग से लटका देखा। मृतक ने अपनी हथेली पर सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें मौत के लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक की पत्नी सुमन ने भी थाना पुलिस को तहरीर देकर सास, ससुर, जेठ व देवर पर उत्पीड़न करने व पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। प्रभारी थानाध्यक्ष कंबोद सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मासूम के सिर से उठा पिता का साया
सरीला। राजेंद्र की शादी दो साल पहले हुई थी। उसका छह माह का बेटा चलना भी सीख नहीं पाया था कि उसके पिता का सिर से साया उठ गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सुमन ने बताया कि 29 अप्रैल 2015 को उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुरालीजन उसके पति को निठल्ला कहकर लड़ते रहते थे और पैतृक संपत्ति में कोई हिस्सा भी नहीं दे रहे थे। तंगहाली से वह परेशान थे। उसने थाना पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उसके देवर सचिन की नियत उसके प्रति ठीक नहीं थी। परिवार के लोगों की प्रताड़ना के चलते उसके पति ने आत्महत्या की है।