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इस जेल में शिकायत करने वालों पर बरसती हैं लाठियां
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:27 PM IST
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अनौगी जिला जेल में एक कंबल में गुजरती हैं कैदियों की सर्द रातें
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज की जलालाबाद जिला जेल में मुंह खोलने वाले कैदी पर लाठियां बरसाई जाती हैं। इसका कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल इस जेल में कैदियों को शिकायत करने की इजाजत नहीं है।
जिला जेल में सोमवार की रात 8.30 बजे बैरक संख्या 9-बी में एक कैदी की हालत बिगड़ गई। साथी कैदियों के कहने पर बंदी रक्षकों ने बीमार के लिए कंबल तक नहीं दिया। इसी बात पर नाराज कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कैदी हंगामा करते हुए बैरक से बाहर निकल आए। खिड़की भी तोड़ डाली। कैदियों का हंगामा सुन जेलर ने अलार्म बजा दिया। जिसके बाद सक्रिय हुए जेल पुलिस ने कैदियों पर लाठी बरसानी शुरू कर दी। इसमें कई कैदी घायल हो गए। विवाद व जांच के डर से जेल प्रशासन ने 9-बी बैरक के कैदियों को रात में ही दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया था।मंगलवार को कोर्ट में पेशी पर आए बंदियों ने बताया कि जेल के अंदर उन्हें घटिया खाना दिया जाता है। पतली दाल, कच्ची रोटी मिलती है। मुंह खोलने पर पिटाई की जाती है। रात में ओढ़ने के लिए एक कंबल मिलता है। इस संबंध में जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा ने बताया कि जेल में कोई उपद्रव नहीं हुआ है। कंबल आदि को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पहले भी हो चुके हैं बवाल
जिला जेल अनौगी में उत्पीड़न का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जेल में उपद्रव हो चुका है। अक्तूबर 2013 में बच्चे के अपहरण के मामले में बंद शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। जिससे जेल में बवाल हो गया था। इसी प्रकार पांच फरवरी 2015 को एक कैदी की मौत हो जाने पर जिला जेल में हंगामा हुआ था।
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जिला जेल में सोमवार की रात 8.30 बजे बैरक संख्या 9-बी में एक कैदी की हालत बिगड़ गई। साथी कैदियों के कहने पर बंदी रक्षकों ने बीमार के लिए कंबल तक नहीं दिया। इसी बात पर नाराज कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कैदी हंगामा करते हुए बैरक से बाहर निकल आए। खिड़की भी तोड़ डाली। कैदियों का हंगामा सुन जेलर ने अलार्म बजा दिया। जिसके बाद सक्रिय हुए जेल पुलिस ने कैदियों पर लाठी बरसानी शुरू कर दी। इसमें कई कैदी घायल हो गए। विवाद व जांच के डर से जेल प्रशासन ने 9-बी बैरक के कैदियों को रात में ही दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया था।मंगलवार को कोर्ट में पेशी पर आए बंदियों ने बताया कि जेल के अंदर उन्हें घटिया खाना दिया जाता है। पतली दाल, कच्ची रोटी मिलती है। मुंह खोलने पर पिटाई की जाती है। रात में ओढ़ने के लिए एक कंबल मिलता है। इस संबंध में जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा ने बताया कि जेल में कोई उपद्रव नहीं हुआ है। कंबल आदि को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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पहले भी हो चुके हैं बवाल
जिला जेल अनौगी में उत्पीड़न का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जेल में उपद्रव हो चुका है। अक्तूबर 2013 में बच्चे के अपहरण के मामले में बंद शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। जिससे जेल में बवाल हो गया था। इसी प्रकार पांच फरवरी 2015 को एक कैदी की मौत हो जाने पर जिला जेल में हंगामा हुआ था।
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