{"_id":"5dd3e3208ebc3e54b639b4be","slug":"police-busted-gang-of-home-delivery-of-illegal-arms-in-kanpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"असलहों की होम डिलीवरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार, शौक पूरा करने के लिए करते थे सप्लाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
असलहों की होम डिलीवरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार, शौक पूरा करने के लिए करते थे सप्लाई
Tue, 19 Nov 2019 06:18 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 19 Nov 2019 06:18 PM IST
विज्ञापन
गैंग का भंडाफोड़
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में असलहों की होम डिलीवरी करने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मंगलवार को गिरोह के चार आरोपियों को दबोचकर छह तमंचे बरामद किए। आरोपी एक से दो हजार रुपये में असलहों की डिलीवरी करते थे। असलहा बनाने वालों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
कोतवाली सीओ राजेश पांडेय ने बताया कि कुछ दिन पहले एक युवक को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया था। युवक से मिली जानकारी पर हडर्ड चौराहे के पास से कल्याणपुर निवासी इमरान, मोहम्मद जाहिद, इनामुल हक व जुल्फिकार को पकड़कर छह तमंचे बरामद किए गए।
विज्ञापन
कोतवाली सीओ राजेश पांडेय ने बताया कि कुछ दिन पहले एक युवक को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया था। युवक से मिली जानकारी पर हडर्ड चौराहे के पास से कल्याणपुर निवासी इमरान, मोहम्मद जाहिद, इनामुल हक व जुल्फिकार को पकड़कर छह तमंचे बरामद किए गए।
विज्ञापन
चारों कई वर्षों से असलहों की तस्करी कर रहे थे। उन्होंने शहर के कई बड़े असलहा तस्करों व असलहा बनाने वालों के नाम बताए। इसमें पुराने शातिर अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम को लगा दिया है। हालांकि सीओ ने मुख्य तस्कारों के नामों का खुलासा नहीं किया है।
शौक पूरा करने के लिए करते थे सप्लाई
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले वह फैक्टरी या अन्य जगहों पर नौकरी करते थे। सैलरी से खुश नहीं थे। खर्च अधिक थे। ऐसे में खर्चों व महंगे शौक पूरा करने को गिरोह में शामिल हो गए।
शौक पूरा करने के लिए करते थे सप्लाई
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले वह फैक्टरी या अन्य जगहों पर नौकरी करते थे। सैलरी से खुश नहीं थे। खर्च अधिक थे। ऐसे में खर्चों व महंगे शौक पूरा करने को गिरोह में शामिल हो गए।