{"_id":"607a64878ebc3ecbaa3c5450","slug":"murder-of-a-three-year-old-innocent-boy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रंजिश में मासूम की हत्या: पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया, फिर मार दी गोली, झकझोर देगी ये खबर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
रंजिश में मासूम की हत्या: पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया, फिर मार दी गोली, झकझोर देगी ये खबर
Sat, 17 Apr 2021 10:06 AM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 17 Apr 2021 10:06 AM IST
सार
महोली में एयरगन से जिस मासूम युवराज की हत्या की गई, आरोपी ने उसे पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया फिर गोली मार दी। करीब से गोली चलने से प्रेशर ज्यादा था। इससे गोली युवराज की पसलियों में धंस गई।
विज्ञापन
युवराज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में दिल को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। महाराजपुर के महोली गांव में शुक्रवार शाम पूर्व प्रधान के भतीजे ने रंजिश के चलते तीन साल के बच्चे की एयरगन से गोली मारकर हत्या कर दी। मासूम अपनी ननिहाल आया था। आरोपी उसे खेलने के बहाने अपने घर ले गया और गोली मार दी।
गोली बच्चे की पसली में जा धंसी। पिता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। नौबस्ता कुंज विहार कॉलोनी निवासी प्रभात सिंह प्रापर्टी डीलर हैं। परिवार में पत्नी निशा और तीन साल का बेटा युवराज था। प्रभात ने बताया कि होली से पहले पत्नी महोली मायके गई थी। तीन दिन पहले वह युवराज को भी महोली छोड़ आए थे।
तहरीर के मुताबिक शुक्रवार करीब पांच बजे पड़ोस में रहने वाले पूर्व प्रधान शिव बहादुर सिंह का भतीजा चंदन उर्फ मोहित युवराज को अपने घर ले गया। चंदन ने एयरगन के साथ पहले उसकी फोटो खींची और वीडियो बनाया। इसके बाद गोली मार दी। सूचना पर पहुंची चंदन की मां और उसकी मामी बच्चे को कांशीराम अस्पताल फिर कार्डियोलॉजी ले गईं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया, फिर मार दी गोली
कानपुर में महाराजपुर के महोली में एयरगन से जिस मासूम युवराज की हत्या की गई, आरोपी ने उसे पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया फिर गोली मार दी। करीब से गोली चलने से प्रेशर ज्यादा था। इससे गोली युवराज की पसलियों में धंस गई। पिता प्रभात का कहना है कि युवराज उनका इकलौता बेटा था। उसके मामा अरविंद सिंह आर्मी से रिटायर्ड हैं, जिनकी पूूर्व प्रधान से चुनाव को लेकर रंजिश चली आ रही है। मृतक की नानी कमला ने भी रंजिश में गोली मारे जाने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
गोली बच्चे की पसली में जा धंसी। पिता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। नौबस्ता कुंज विहार कॉलोनी निवासी प्रभात सिंह प्रापर्टी डीलर हैं। परिवार में पत्नी निशा और तीन साल का बेटा युवराज था। प्रभात ने बताया कि होली से पहले पत्नी महोली मायके गई थी। तीन दिन पहले वह युवराज को भी महोली छोड़ आए थे।
विज्ञापन
तहरीर के मुताबिक शुक्रवार करीब पांच बजे पड़ोस में रहने वाले पूर्व प्रधान शिव बहादुर सिंह का भतीजा चंदन उर्फ मोहित युवराज को अपने घर ले गया। चंदन ने एयरगन के साथ पहले उसकी फोटो खींची और वीडियो बनाया। इसके बाद गोली मार दी। सूचना पर पहुंची चंदन की मां और उसकी मामी बच्चे को कांशीराम अस्पताल फिर कार्डियोलॉजी ले गईं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया, फिर मार दी गोली
कानपुर में महाराजपुर के महोली में एयरगन से जिस मासूम युवराज की हत्या की गई, आरोपी ने उसे पहले एयरगन से डराया, वीडियो बनाया फिर गोली मार दी। करीब से गोली चलने से प्रेशर ज्यादा था। इससे गोली युवराज की पसलियों में धंस गई। पिता प्रभात का कहना है कि युवराज उनका इकलौता बेटा था। उसके मामा अरविंद सिंह आर्मी से रिटायर्ड हैं, जिनकी पूूर्व प्रधान से चुनाव को लेकर रंजिश चली आ रही है। मृतक की नानी कमला ने भी रंजिश में गोली मारे जाने का आरोप लगाया है।
पुलिस का दावा खेल-खेल में लगी मासूम को गोली
थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बच्चों से आपस में खेलने के दौरान एयरगन से गोली चल गई।
एयरगन और एयर पिस्टल में होता है छर्रे का इस्तेमाल
एयरगन और एयर पिस्टल में 0.177, 0.20, 0.22 और 0.25 बोर के छर्रे का प्रयोग होता है। कुछ एयरगन में नुकीले छर्रे तो कुछ में छोटी लोहे की बॉल इस्तेमाल में लाई जाती हैं। हालांकि शिकारी अक्सर 0.22 या 0.25 बोर की गन प्रयोग करते हैं। इसकी मारक क्षमता 50 से 100 मीटर तक होती है।
जानलेवा होते हैं छर्रे
गन हाउस संचालकों की मानें तो एयरगन और एयर पिस्टल के छर्रे जानलेवा भी हो सकते हैं। मेले एवं आम शूटिंग रेंज में प्रयोग होने वाली गन के 0.177 बोर के छर्रे इस्तेमाल किए जाते हैं, यदि ये पास से लगें तो लोगों को जख्मी कर सकते हैं। वहीं 0.22 और 0.25 बोर के छर्रे सिर या दिल के पास लगें तो जान लेवा हो सकते हैं।
थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बच्चों से आपस में खेलने के दौरान एयरगन से गोली चल गई।
एयरगन और एयर पिस्टल में होता है छर्रे का इस्तेमाल
एयरगन और एयर पिस्टल में 0.177, 0.20, 0.22 और 0.25 बोर के छर्रे का प्रयोग होता है। कुछ एयरगन में नुकीले छर्रे तो कुछ में छोटी लोहे की बॉल इस्तेमाल में लाई जाती हैं। हालांकि शिकारी अक्सर 0.22 या 0.25 बोर की गन प्रयोग करते हैं। इसकी मारक क्षमता 50 से 100 मीटर तक होती है।
जानलेवा होते हैं छर्रे
गन हाउस संचालकों की मानें तो एयरगन और एयर पिस्टल के छर्रे जानलेवा भी हो सकते हैं। मेले एवं आम शूटिंग रेंज में प्रयोग होने वाली गन के 0.177 बोर के छर्रे इस्तेमाल किए जाते हैं, यदि ये पास से लगें तो लोगों को जख्मी कर सकते हैं। वहीं 0.22 और 0.25 बोर के छर्रे सिर या दिल के पास लगें तो जान लेवा हो सकते हैं।