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जान बचाने को तालाब में कूदा, बेरहम भीड़ ने पत्थर बरसा निकाला दम
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:40 AM IST
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इलाहाबाद के मेजा में हैवान भीड़ ने मानसिक रूप से निशक्त एक युवक को तालाब में घेरकर चारों तरफ से पत्थरों की बरसात कर मार डाला। उसके पानी से सिर बाहर निकालते ही फिर से पत्थर बरसने लगते। कई को मलाल रहता कि ओह, जरा सा चूक गए। पत्थर निशाने पर नहीं लगा।
इंसान से जानवर बने कुछ लोगों का यह ‘खेल’ तब तक चलता रहा, जब जब तक कि वह मर नहीं गया। दिल दहला देने वाली इस घटना में पुलिस ने केवल पांच लोगों को नामजद किया है और अभी तक किसी को पकड़ा नहीं गया है। लोहारी गांव का राजित राम यादव (45) मानसिक रूप से अस्वस्थ था। इसके चलते उसकी शादी भी नहीं की गई थी।
सोमवार दोपहर राजित रामनगर शीतलाधाम मंदिर दर्शन करने गया था। दर्शन कर बाहर निकल रहा था तभी गेट पर उसकी रामनगर के ही त्रिभुवन सिंह से टक्कर हो गई। इस पर राजित और त्रिभुवन के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। बताते हैं कि राजित ने त्रिभुवन के हाथ में दांत काट लिया। झगड़ा होते देख त्रिभुवन की तरफ से स्थानीय लोग दौड़ पड़े।
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खुद को घिरता देख राजित भागकर लगभग तीन सौ मीटर दूर एक तालाब में जाकर कूद गया। राजित को लगा कि शायद अब उसकी जान बच जाए मगर इसी तालाब भीड़ ने चारों तरफ से घेर कर पत्थर मार मार कर जान से मार दिया।
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इंसान से जानवर बने कुछ लोगों का यह ‘खेल’ तब तक चलता रहा, जब जब तक कि वह मर नहीं गया। दिल दहला देने वाली इस घटना में पुलिस ने केवल पांच लोगों को नामजद किया है और अभी तक किसी को पकड़ा नहीं गया है। लोहारी गांव का राजित राम यादव (45) मानसिक रूप से अस्वस्थ था। इसके चलते उसकी शादी भी नहीं की गई थी।
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सोमवार दोपहर राजित रामनगर शीतलाधाम मंदिर दर्शन करने गया था। दर्शन कर बाहर निकल रहा था तभी गेट पर उसकी रामनगर के ही त्रिभुवन सिंह से टक्कर हो गई। इस पर राजित और त्रिभुवन के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। बताते हैं कि राजित ने त्रिभुवन के हाथ में दांत काट लिया। झगड़ा होते देख त्रिभुवन की तरफ से स्थानीय लोग दौड़ पड़े।
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खुद को घिरता देख राजित भागकर लगभग तीन सौ मीटर दूर एक तालाब में जाकर कूद गया। राजित को लगा कि शायद अब उसकी जान बच जाए मगर इसी तालाब भीड़ ने चारों तरफ से घेर कर पत्थर मार मार कर जान से मार दिया।