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आखिर कैसे किशोर बंदियों के पास पहुंचे 9 मोबाइल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:39 AM IST
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फर्रुखाबाद राजकीय संप्रेक्षण गृह में मिले नौ मोबाइल किशोर बंदियों के हैं। जिन बंदियों के ये मोबाइल हैं उन पर हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे आरोप हैं। पुलिस ने आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक कमलेश कुमार ने इस मामले में कोतवाली फतेहगढ़ में आठ किशोर बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें चार इटावा, तीन औरैया और एक कन्नौज का छिबरामऊ निवासी बंदी हैं। इन पर हत्या, रेप और अपहरण जैसे आरोप हैं। इन सभी किशोर बंदियों के पास मोबाइल होने की पुष्टि पर अधीक्षक कमलेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने सभी मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं। फतेहगढ़ स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के अंदर किशोर बंदियों के पास मोबाइल कैसे पहुंचे, इस सवाल का जवाब अब फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस खोजेगी। संप्रेक्षण गृह के स्टाफ की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। पुलिस भी मान रही है कि बगैर स्टाफ की मिलीभगत के नौ मोबाइल सेट पहुंचना मुश्किल है। किशोर बंदियों से पूछताछ के दौरान पता चलेगा कि मोबाइल मुहैया कराने में किस-किस ने मदद की ? यदि स्टाफ के लोग मददगार निकले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कोतवाल अनूप कुमार निगम का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिखकर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक कमलेश कुमार ने इस मामले में कोतवाली फतेहगढ़ में आठ किशोर बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें चार इटावा, तीन औरैया और एक कन्नौज का छिबरामऊ निवासी बंदी हैं। इन पर हत्या, रेप और अपहरण जैसे आरोप हैं। इन सभी किशोर बंदियों के पास मोबाइल होने की पुष्टि पर अधीक्षक कमलेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने सभी मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं। फतेहगढ़ स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के अंदर किशोर बंदियों के पास मोबाइल कैसे पहुंचे, इस सवाल का जवाब अब फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस खोजेगी। संप्रेक्षण गृह के स्टाफ की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। पुलिस भी मान रही है कि बगैर स्टाफ की मिलीभगत के नौ मोबाइल सेट पहुंचना मुश्किल है। किशोर बंदियों से पूछताछ के दौरान पता चलेगा कि मोबाइल मुहैया कराने में किस-किस ने मदद की ? यदि स्टाफ के लोग मददगार निकले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कोतवाल अनूप कुमार निगम का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिखकर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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