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जॉर्डन के युवक को इंडियन बना डाला
आशुतोष मिश्र/कानपुर
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:51 AM IST
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आरटीओ दफ्तर ने जॉर्डन के युवक को इंडियन होने का सबूत दे डाला। वो भी उस युवक को जिसे एसटीएफ ने वीजा की अवधि बीत जाने के बाद भी यहीं रुकने और आंतकी संगठन से जुड़ा होने का दावा कर दो साथियों समेत गिरफ्तार किया था।
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जमानत पर छूटने के बाद इस युवक ने शहर में डेला डालकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया। आरटीओ दफ्तर के रजिस्टर में युवक का पता काकादेव का दर्ज है। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीके सोनकिया ने पूरे मामले पर गंभीरता दिखाते हुए जांच कराने के बाद दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
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पांच जनवरी 2002 को एसटीएफ ने इंद्रानगर मुंशी पुलिया के पास लखनऊ से जॉर्डन के जकी इलाके के रहने वाले अदनान अली हाल पता अलीगंज लखनऊ को फलीस्तीन के वासिल और समीर महमूद को गिरफ्तार किया था। इनके पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं। एसटीएफ का दावा था कि अदनान 1993 में भारत आया था।
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उसका आंतकी संगठन हमास के संपर्क में रहता है। कुछ दिनों पहले अदनान अली के कानपुर में रहने का खुलासा हुआ। कहा गया कि उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी है। रिपोर्टर ने अदनान के डीएल का नंबर (यूपी 78-10/052807) लेते हुए आरटीओ दफ्तर के रिकार्ड खंगलवाए तो बड़ा खुलासा हुआ।
आरटीओ दफ्तर के रिकार्ड रजिस्टर के मुताबिक अदनान का डीएल 22 दिसंबर 2010 को जारी किया गया। यह 31 अगस्त 2018 तक मान्य है। डीएल पर 117/एल/357 नवीन नगर का पता दर्ज है।
बीजा अवधि बीतने के बावजूद शहर में रहने वाले जॉर्डन के अदनान का डीएल कैसे बन गया जैसे सवालों पर आरटीओ के अफसर चुप्पी साधे हैं।