{"_id":"9212b4fd30ad2a611b88027d020e7cac","slug":"gunpowder-had-exploded-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारूद से हुआ था विस्फोट!","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बारूद से हुआ था विस्फोट!
अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 17 Jun 2015 02:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बादशाहीनाका में लोहा मंडी पुलिस चौकी के पीछे विस्फोट किसी विस्फोटक पदार्थ (बारूद) केचलते हुआ था। बम निरोधी दस्ता टीम को प्रथम दृष्टया कुछ ऐसे ही साक्ष्य मिले हैं। हालांकि टीम का मानना है कि नगर निगम के मलवा हटाने के बाद स्थिति और साफ होगी। टीम प्रभारी का मानना है कि पहला धमाका चांद के मकान के सेकेंड फ्लोर में हुआ है। इधर, टीम को छानबीन में बारूद चिपके कंटेनर, टिन के कई डिब्बे और बर्तन. धागा मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए आगरा भेजने की तैयारी है। वहीं बम निरोधी दस्ता से पहले भी एटीएस टीम (आतंकवाद निरोधी दस्ता) ने भी घटनास्थल का मुआयना और छानबीन की। पुलिस को यह भी पता चला है कि चांद के मकान में रहने वाला एक शख्स पट्राखा बनाने का काम करता है।
एटीएस के दो सदस्य मंगलवार सुबह ही मलबे में विस्फोटक पदार्थ मिलने की संभावना तलाशने पहुंच गए। टीम ने धराशाही हुए मकानों के मलबे को उलट-पलट कर देखा। आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद बम निरोधी दस्ता पहुंचा। प्रभारी एमके पांडेय पहुंचे। उन्होंने टीम के साथ चांद के मकान में किराएदार कमर इकबाल उर्फ बेरा के घर की छानबीन की। घर के मलबे को उलट-पलट कर उपकरणों से चेक किया। अल्मुनियम के कंटेनर, टिन के कई डिब्बे और बर्तन के टुकड़े और धागे की दो रीलें उठाए। कंटेनर में बारूद के कण चिपके मिले। इसके बाद टीम ने इन्हें कब्जे में ले लिया। टीम का कहना है कि फोरेंसिक लैब आगरा की जांच में यह साफ हो सकेगा कि बारूद कौन सा था और उसकी तीव्रता कितनी थी। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि कमर इकबाल का बेटा तारिक मेस्टन रोड में एक पटाखा कारोबारी के यहां काम करता है। तारिक ने घर में बारूद जमा करके रखा होगा। तारिक की बहन सुमैरा अंजुम कुछ दिन पहले कालपी उरई स्थित ससुराल से मायके आई थी। उसे कंटेनर में बारूद रखे होने की जानकारी नहीं होगी और उसने कंटेनर के पास कोई चीज जलाई होगी, जिससे विस्फोट हुआ। इधर, एलआईयू सीओ अवधेश पाडेय, कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील, बादशाहीनाका इंस्पेक्टर समेत कई अफसरों ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से बातचीत कर घटना केसुराग तलाशेे। शाम को कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील ने कमर इकबाल के मकान मालिक चमनगंज निवासी चांद को बुलाया। उसने पूछताछ की। चांद से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। चांद ने यह भी बताया कि कमर इकबाल से उसका किराया बढ़ाने को लेकर विवाद चल रहा था। एक किराएदार जो कमर इकबाल के रिश्तेदार से उनसे मकान खाली कराने को लेकर मुकदमेंबाजी चल रही है। पुलिस ने कमर इकबाल के बेटे तारिक और परिवार केअन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने चांद समेत तमाम लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनके बयानों की वीडियोग्राफी कराई गई है।
--
आधे घंटे तक सूंघी आटे की बोरी
-बम निरोधी दस्ते ने डर-डर कर की छानबीन
कानपुर। विस्फोट में धराशाही हुए मकानों विस्फोट का सुराग तलाशने पहुंचे बम निरोधी दस्ते ने कमर इकबाल के मलबे के बीच दबी एक बोरी उठाई। उसे आधे घंटे तक दस्ते केलोग सूंघते रहे। दस्ते के एक-एक सदस्य ने बोरी को सूंघा। आखिर में इस नतीजे पर पहुंचे कि बोरी में आटे रखा गय था। छानबीन के दौरान दस्ते के लोगों ने डर-डर कर काम किया। वजह थी कमर इकबाल के घर का कुछ हिस्सा जर्जर हालत में है और ईंट और स्लेप लटक रही है। बादशाही थाना इंस्पेक्टर ने दस्ते के लोगों से कहा कि आप लोग नीचे उतर आए। मकान जर्जर है, हादसा हो सकता है। इसके बाद भी जांच पूरी करने के बाद दस्ते के लोग नीचे उतरे।
विज्ञापन
दोपहर में छतों से जमे रहे लोग
पुलिस की छानबीन और क्या निकलता है यह देखने के लिए आसपास की छतों पर लोग जमे रहे। क्या बच्चे और क्या महिलाएं सभी तांक झांक करते रहे। कमर इकबाल के मकान के पीछे करम अली आखाड़ा की छत पर पहुंचने के लिए लोगों ने बांस की सीढ़ी लगा रखी थी। वहीं गली में पूरे दिन धवस्त घरों को देखने के लिए आने-जाने वालों का तांता लगा रहा। हॉलांकि इससे पुलिस और बम निरोधी दस्ते में पड़ताल में दिक्कत भी हुई।
कुछ भी बताने से बचते रहे लोग
विस्फोट का शिकार हुए लोग और उनके परिवार के बारे में कुछ भी बताने से लोग बचते रहे। वे आपस में एकजुट होकर बातें तो कर रहे थे लेकिन ज्यों ही पुलिस अथवा मीडिया केलोग करीब पहुंचते वे लोग चुप हो जा रहे थे।
खोजी कुत्ते का खर्च बना चर्चा का विषय
बम निरोधी दस्ता घटनास्थल पर खोजी कुत्ता भी लेकर पहुंचा था। मौकेपर जुटे लोगों ने बातचीत में ही टीम से कुत्ते की खासियत और खानपान के बारे में पूछ लिया। जैसे ही उन्होंने सुना की कुत्ते प 40 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होता है। लोगों के होश उड़ गए। यह काफी देर तक चर्चा का विषय बना रहा। लोगों का यहां तक कहना था कि इतना खर्च उनके चार-पांच परिवार मिलाकर खर्च नहीं करते हैं।
--
यह हुआ था
कुली बाजार लोहामंडी के पीछे चांद के मकान में सोमवार सुबह जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके से किराएदार कमर इकबाल, अबरार और पड़ोस में रहने वाले सीस केमकान ढह गए थे। जबकि सामने स्थित मुमताज और जुनैद समेत कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। हादसे में अनवार अहमद की बेटी हीबा (साढ़े तीन साल), कमर इकबाल की विवाहित बेटी सुमैरा अंजुम (35) की मौत हो गई थी और सात लोग घायल हो गए थे। इनमें हैलट में भर्ती कमर इकबाल के पोते इश्तिखार (7) की हालत पहले से बेहतर बताई गई है। इश्तिखार अबरार का बेटा है।
विज्ञापन
एटीएस के दो सदस्य मंगलवार सुबह ही मलबे में विस्फोटक पदार्थ मिलने की संभावना तलाशने पहुंच गए। टीम ने धराशाही हुए मकानों के मलबे को उलट-पलट कर देखा। आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद बम निरोधी दस्ता पहुंचा। प्रभारी एमके पांडेय पहुंचे। उन्होंने टीम के साथ चांद के मकान में किराएदार कमर इकबाल उर्फ बेरा के घर की छानबीन की। घर के मलबे को उलट-पलट कर उपकरणों से चेक किया। अल्मुनियम के कंटेनर, टिन के कई डिब्बे और बर्तन के टुकड़े और धागे की दो रीलें उठाए। कंटेनर में बारूद के कण चिपके मिले। इसके बाद टीम ने इन्हें कब्जे में ले लिया। टीम का कहना है कि फोरेंसिक लैब आगरा की जांच में यह साफ हो सकेगा कि बारूद कौन सा था और उसकी तीव्रता कितनी थी। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि कमर इकबाल का बेटा तारिक मेस्टन रोड में एक पटाखा कारोबारी के यहां काम करता है। तारिक ने घर में बारूद जमा करके रखा होगा। तारिक की बहन सुमैरा अंजुम कुछ दिन पहले कालपी उरई स्थित ससुराल से मायके आई थी। उसे कंटेनर में बारूद रखे होने की जानकारी नहीं होगी और उसने कंटेनर के पास कोई चीज जलाई होगी, जिससे विस्फोट हुआ। इधर, एलआईयू सीओ अवधेश पाडेय, कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील, बादशाहीनाका इंस्पेक्टर समेत कई अफसरों ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से बातचीत कर घटना केसुराग तलाशेे। शाम को कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील ने कमर इकबाल के मकान मालिक चमनगंज निवासी चांद को बुलाया। उसने पूछताछ की। चांद से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। चांद ने यह भी बताया कि कमर इकबाल से उसका किराया बढ़ाने को लेकर विवाद चल रहा था। एक किराएदार जो कमर इकबाल के रिश्तेदार से उनसे मकान खाली कराने को लेकर मुकदमेंबाजी चल रही है। पुलिस ने कमर इकबाल के बेटे तारिक और परिवार केअन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने चांद समेत तमाम लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनके बयानों की वीडियोग्राफी कराई गई है।
विज्ञापन
--
आधे घंटे तक सूंघी आटे की बोरी
-बम निरोधी दस्ते ने डर-डर कर की छानबीन
कानपुर। विस्फोट में धराशाही हुए मकानों विस्फोट का सुराग तलाशने पहुंचे बम निरोधी दस्ते ने कमर इकबाल के मलबे के बीच दबी एक बोरी उठाई। उसे आधे घंटे तक दस्ते केलोग सूंघते रहे। दस्ते के एक-एक सदस्य ने बोरी को सूंघा। आखिर में इस नतीजे पर पहुंचे कि बोरी में आटे रखा गय था। छानबीन के दौरान दस्ते के लोगों ने डर-डर कर काम किया। वजह थी कमर इकबाल के घर का कुछ हिस्सा जर्जर हालत में है और ईंट और स्लेप लटक रही है। बादशाही थाना इंस्पेक्टर ने दस्ते के लोगों से कहा कि आप लोग नीचे उतर आए। मकान जर्जर है, हादसा हो सकता है। इसके बाद भी जांच पूरी करने के बाद दस्ते के लोग नीचे उतरे।
विज्ञापन
दोपहर में छतों से जमे रहे लोग
पुलिस की छानबीन और क्या निकलता है यह देखने के लिए आसपास की छतों पर लोग जमे रहे। क्या बच्चे और क्या महिलाएं सभी तांक झांक करते रहे। कमर इकबाल के मकान के पीछे करम अली आखाड़ा की छत पर पहुंचने के लिए लोगों ने बांस की सीढ़ी लगा रखी थी। वहीं गली में पूरे दिन धवस्त घरों को देखने के लिए आने-जाने वालों का तांता लगा रहा। हॉलांकि इससे पुलिस और बम निरोधी दस्ते में पड़ताल में दिक्कत भी हुई।
कुछ भी बताने से बचते रहे लोग
विस्फोट का शिकार हुए लोग और उनके परिवार के बारे में कुछ भी बताने से लोग बचते रहे। वे आपस में एकजुट होकर बातें तो कर रहे थे लेकिन ज्यों ही पुलिस अथवा मीडिया केलोग करीब पहुंचते वे लोग चुप हो जा रहे थे।
खोजी कुत्ते का खर्च बना चर्चा का विषय
बम निरोधी दस्ता घटनास्थल पर खोजी कुत्ता भी लेकर पहुंचा था। मौकेपर जुटे लोगों ने बातचीत में ही टीम से कुत्ते की खासियत और खानपान के बारे में पूछ लिया। जैसे ही उन्होंने सुना की कुत्ते प 40 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होता है। लोगों के होश उड़ गए। यह काफी देर तक चर्चा का विषय बना रहा। लोगों का यहां तक कहना था कि इतना खर्च उनके चार-पांच परिवार मिलाकर खर्च नहीं करते हैं।
--
यह हुआ था
कुली बाजार लोहामंडी के पीछे चांद के मकान में सोमवार सुबह जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके से किराएदार कमर इकबाल, अबरार और पड़ोस में रहने वाले सीस केमकान ढह गए थे। जबकि सामने स्थित मुमताज और जुनैद समेत कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। हादसे में अनवार अहमद की बेटी हीबा (साढ़े तीन साल), कमर इकबाल की विवाहित बेटी सुमैरा अंजुम (35) की मौत हो गई थी और सात लोग घायल हो गए थे। इनमें हैलट में भर्ती कमर इकबाल के पोते इश्तिखार (7) की हालत पहले से बेहतर बताई गई है। इश्तिखार अबरार का बेटा है।