स्टेट बैंक के साथ एक ग्राहक ने खेला ‘गोल्ड गेम’, चार साल बाद ‘गहरी नींद’ से जागे बैंकवाले
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औरैया शहर के स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के प्रबंधक परवेज अहमद ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर के मुताबिक 19 से 26 मार्च 2013 के बीच शहर के मोहल्ला ठठराई निवासी विशंभर दुबे ने गोल्ड योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया था। उस वक्त वह जेवरात लेकर आया और सराफ की रसीद जमा की, जिसमें वजन और गुणवत्ता लिखी हुई थी।
बैंक का एक कर्मचारी सोने को लेकर विशंभर निषाद के साथ सराफा बाजार में दिलीप कुमार व राम सिंह की दुकान पर पहुंचा तो दोनों सुनारों ने सोने को खरा बताकर रसीद दे दी। इसी आधार पर विशंभर को एक लाख 26 हजार, फिर 40 हजार, बाद में 93 हजार और 39 हजार रुपये का लोन पास किया गया। उस समय बैंक मैनेजर रंजीत सिन्हा थे।
इधर ऑडिट के दौरान सोने की दुबारा जांच कराई गई तो यह नकली निकला। गुरुवार को बैंक मैनेजर परवेज अहमद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल आरके त्रिपाठी ने बताया कि जांच की जा रही है। जो तथ्य मिलेंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।