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बुजुर्ग दंपत्तियाें ने लगार्ई गुहार, कहा जेल भेज दाे मेरे बेटाें काे

Tue, 30 Aug 2016 08:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर Updated Tue, 30 Aug 2016 08:36 PM IST
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FIR aggainst those Sons who pestering there parents in kanpur
डेमाे प‌िक्स
 एसडीएम सदर डीडी वर्मा की कोर्ट ने बुजुर्ग मां-बाप को सताने वाले बेटों के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। ऐसे पांच मामलों में कार्रवाई की गई है। एक शिकायत एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह और चार शिकायतें ‘अमर उजाला’ के पास आई थीं। एसडीएम कोर्ट ने पिता और मां की शिकायतों पर आरोपी बेटों के खिलाफ मंगलवार को नोटिस भी जारी कर दिए हैं। अब कोर्ट अलग-अलग तारीखों में दोनों पक्षों को सुनते हुए अपना फैसला सुनाएगी। शिकायत करने वाले बुजुर्ग दंपत्तियाें ने अमर उजाला के जरिए अपना दर्द साझा किया था अाैर अपने बेटाें काे जेल भेजने के लिए मांग की थी।
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केस एक : बहू संग बेटा पीटता है मां-बाप काे

आबकारी विभाग से सेवानिवृत्त दबौली निवासी 62 साल के श्रीप्रकाश श्रीवास्तव का आरोप है कि उनका बड़ा बेटा राजीव श्रीवास्तव और बहू रीता श्रीवास्तव उन्हें आए दिन पीटते हैं। नौ साल पहले अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने के बाद भी दोनों उनके घर के ऊपरी तल पर कब्जा जमाए हैं। शिकायती पत्र में उन्होंने कहा कि वह आंखों से काफी कमजोर अपने दो अन्य बेटों संदीप, शैलेश और बेटी अंकिता के साथ रहते हैं।
 
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केस दो : दहेज उत्पीड़न में बहू ने फंसा दिया

आवास विकास नंबर तीन निवासी सुनीता दीक्षित का आरोप है कि उनके तीन बेटे और तीन बहू हैं। दूसरे नंबर का बेटा बलराम और बहू ललिता शादी के बाद से ही परेशान करते हैं। 19 सितंबर 2013 को बेटे और बहू दोनों को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। फिर भी इन लोगों ने मकान नहीं छोड़ा है। आए दिन मारपीट करते हैं। बहू ने फर्जी ढंग से दहेज उत्पीड़न के केस में फंसाने का प्रयास किया था। इस मामले में शक्ति थाना दिवस में शिकायत करने पर तत्कालीन डीएम रौशन जैकब ने उन्हें न्याय दिलाया था।
 
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केस तीन : धक्के देकर घर से किया बेदखल

एम ब्लाक काकादेव निवासी परशुराम यादव (71) आर्डनेंस फैक्ट्री से रिटायर्ड हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है। आरोप है कि बेटे ने घर से निकाल दिया है। वह किराए पर महावीर नगर पनकी में रहते हैं। बेटे से विरोध जताते हैं तो वह उल्टा उन्हें जेल भिजवाने की धमकी देता है। इसलिए वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
 

केस चार : संपत्ति के लिए दाे बेटे हाे गए एकजुट

स्वरूप नगर निवासी 66 साल के विनोद कुमार जैन ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे विभोर जैन और वैभव जैन उन्हें प्रताड़ित करते हैं। बेटे उनका कारखाना हथियाना चाहते हैं। दोनों बेटों को मकान से बेदखल कर दिया है फिर भी घर से नहीं निकलते हैं। इस बारे में एसएसपी से शिकायत करने पर जांच के बाद कार्रवाई भी हुई थी। इसके बाद फिर से दोनों बेटे परेशान करने लगे हैं।
 

केस पांच : खाना तक नहीं देते बेटे

अर्रा बिनगवां निवासी ओमप्रकाश गुप्ता ने एडीएम फाइनेंस से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनकी उम्र 72 साल है। सांस की बीमारी से परेशान हैं। उनके बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। खाना भी नहीं देते हैं। इससे वह परेशान हैं। एडीएम फाइनेंस ने यह प्रकरण एसडीएम सदर को भेजते हुए वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत कार्रवाई को कहा है।
 
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