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PHOTOS: दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर डबल मर्डर, निकाय चुनाव में बीजेपी का प्रचारक था मृतक

Wed, 29 Nov 2017 06:36 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 29 Nov 2017 06:36 PM IST
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Father and son brutaly murder at kanpur
मृतक की फाइल फोटो, मृतक के साथी का शव, पास से मिला प्रेसकार्ड और रोते-बिलखते परिजन
यूपी के कानपुर में दिनदहाड़े अधेड़ और उसके नाबालिग साथी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे शहर में सनसनी फैली हुई है। पुलिस के मुताबिक मरने वाला अधेड़ हिस्ट्रीशीटर रहा है नगर निकाय चुनाव में वह बीजेपी के लिए प्रचार भी कर रहा था। हत्यारों के बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

 

पुराना कानपुर की तंग गलियों में बुधवार सुबह बेखौफ कातिलों ने कानून-व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दे डाली। महेश्वरी मोहाल निवासी सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन (55) बुधवार को मोहल्ले में एक नेता से मुलाकात के बाद वापस घर लौट रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने छोटे बब्बन को रोका और चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। हमलावरों ने छोटे बब्बन के साथ मौजूद उसके नाबालिग ऋषभ (14) को भी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर मार डाला। ऋषभ को मारने के पीछे बताया जा रहा है कि कातिलों को लगा कि वह गवाह बनेगा, इसलिए उसे भी बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया गया।

 

Father and son brutaly murder at kanpur
मृतक बब्बन की फाइल फोटो
इस दोहरे हत्याकांड के बाद महेश्वरी मोहाल की तंग गली में चारो तरफ खून ही खून फैल गया। तमाशबीन बने लोग अपने घरों में दुबक गए। पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी गई। एसपी और क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने लोगों के बयान दर्ज किए। 
 
Father and son brutaly murder at kanpur
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और जमीन पर पड़ा खून
महेश्वरी मोहाल चावल मंडी निवासी सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन का अपराधिक इतिहास है। कानपुर के ही एक सफेदपोश का उसे समर्थन प्राप्त था। क्षेत्र में बब्बन की बड़ी धाक थी। हत्या समेत कई संगीन मामले जब छोटे बब्बन पर दर्ज हुए तो करीब डेढ़ दशक पहले फीलखाना पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी। बताया जा रहा है कि पुलिस से बचने के लिए पिछले कुछ सालों से वह बिल्डिंग कांस्ट्रैक्शन के कारोबार से जुड़ गया था।
 
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Father and son brutaly murder at kanpur
अस्पताल में रोते-बिलखते मृतक के परिजन
हिस्ट्रीशीटर सतीश कश्यप उर्फ छोटे बब्बन के पास से एक प्रेस का परिचय पत्र भी मिला है वो पड़ोसी जनपद उन्नाव का है। कानपुर शहर के क्रिमिनल्स के पास से प्रेस कार्ड बरामद होने की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी शहर के कई बड़े अपराधियों के पास से प्रेस कार्ड मिल चुके हैं। शहर के खूंखार अपराधी रहे जावेद रिमवाला के पास से भी पुलिस प्रेस कार्ड बरामद कर चुकी है।


 
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Father and son brutaly murder at kanpur
अस्पताल में हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करते मृतक के परिजन
सूत्रों की मानें तो इस समय कानपुर शहर के तमाम घनी अबादी वाले इलाकों में बड़े बदमाशों के पास से किसी न किसी प्रेस के परिचय पत्र हैं। वह गाड़ियों पर फर्जी तरीके से प्रेस लिखवाने के बाद बेखौफ होकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में नहीं चूकते हैं।  
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