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परेशान किसान ने बैंक के बाहर खाया जहर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:31 PM IST
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अस्पताल में भर्ती कालीचरन
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हमीरपुर में खाता न खुलने से परेशान किसान ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर जहर खा लिया।हालत खराब होने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगा ले जाया गया। जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया।
जराखर गांव निवासी 50 वर्षीय कालीचरन पुत्र चंद्रभान अनुरागी अपने परिवार के साथ ईंट भट्ठे में काम करता है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री आवास योजना में उसका नाम का चयन हुआ। अभी कुछ दिन पहले कालीचरन आवास योजना का खाता खुलवाने के लिए गांव आया था। कालीचरन के भाई खेमचंद्र ने बताया कि गांव की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाने के लिए कालीचरन चार दिन से चक्कर काट रहा था। लेकिन, बैंक के शाखा प्रबंधक ने खाता नहीं खोला। बताया कि मंगलवार की दोपहर बाद कालीचरन खाता खुलवाने के लिए बैंक गया और शाखा प्रबंधक से खाता खुलवाने के लिए कहा तो शाखा प्रबंधक ने उसके साथ अभ्रदता की और छह दिन बाद खाता खोलने की बात कहते हुए भगा दिया। बताया कि खाता न खुलने से दु:खी उसके भाई ने बैंक के बाहर जहर खा लिया। बैंक के बाहर किसान की हालत खराब होने पर परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगा ले गए। जहां से चिकित्सकाें ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ के लिए रेफर कर दिया। शाखा प्रबंधक केके गुप्ता ने बताया कि कालीचरन खाता खुलवाने के लिए संबंधित कागज लेकर नहीं आया। इसलिए खाता नहीं खुल सका। कहा कि उसके साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की है।
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जराखर गांव निवासी 50 वर्षीय कालीचरन पुत्र चंद्रभान अनुरागी अपने परिवार के साथ ईंट भट्ठे में काम करता है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री आवास योजना में उसका नाम का चयन हुआ। अभी कुछ दिन पहले कालीचरन आवास योजना का खाता खुलवाने के लिए गांव आया था। कालीचरन के भाई खेमचंद्र ने बताया कि गांव की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाने के लिए कालीचरन चार दिन से चक्कर काट रहा था। लेकिन, बैंक के शाखा प्रबंधक ने खाता नहीं खोला। बताया कि मंगलवार की दोपहर बाद कालीचरन खाता खुलवाने के लिए बैंक गया और शाखा प्रबंधक से खाता खुलवाने के लिए कहा तो शाखा प्रबंधक ने उसके साथ अभ्रदता की और छह दिन बाद खाता खोलने की बात कहते हुए भगा दिया। बताया कि खाता न खुलने से दु:खी उसके भाई ने बैंक के बाहर जहर खा लिया। बैंक के बाहर किसान की हालत खराब होने पर परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगा ले गए। जहां से चिकित्सकाें ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ के लिए रेफर कर दिया। शाखा प्रबंधक केके गुप्ता ने बताया कि कालीचरन खाता खुलवाने के लिए संबंधित कागज लेकर नहीं आया। इसलिए खाता नहीं खुल सका। कहा कि उसके साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की है।
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