उत्तर प्रदेश के कुख्यात डकैत बबुली कोल और पुलिस के बीच एक बार फिर मुठभेड़ हुई लेकिन शातिर बबुली इस बार भी बच निकला। बबुली कोल 5.30 लाख का इनामी डकैत है जो पिछले 5 सालों से यूपी और एमपी की पुलिस की नाक में दम किए हुए हैं। एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने बबुली कोल गैंग के शार्प शूटर 25,000 के इनामी डाकू जियालाल कोल को गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। मारकुंडी जंगल के पास अमरावती आश्रम के पीछे डाकू बबली कोल गैंग और पुलिस की मुठभेड़ शनिवार सुबह से शुरू हो गई थी। जो करीब 10 घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस ने गैंग के शार्प शूटर को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन गिरोह का सरगना भागने में सफल हो गया।
ज्वाइंट आपरेशन में सीमा विवाद का कोई मुद्दा नहीं
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बबुली कोल और पुलिस के बीच मुठभेड़
बबुली कोल गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपना जाल मुनका जंगल के चारों ओर फैला दिया है। इस बार डकैतों के पकड़े जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इससे पहले भी पुलिस ने बबुली कोल को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। जो फेल साबित हुआ पिछली मुठभेड़ में एक दरोगा डकैतों की गोली से शहीद हो गया था। यूपी व एमपी में आतंक का पर्याय बने पांच लाख के इनामी डकैत बबुली कोल को नेस्तनाबूद करने के लिए चित्रकूट व सतना पुलिस ने हाथ मिला लिया था। दो प्रदेश की पुलिस ने निर्णय लिया था कि ज्वाइंट आपरेशन में सीमा विवाद का कोई मुद्दा नहीं रहेगा। डकैतों को मारने के लिए दोनों जिलों की पुलिस किसी भी सीमा में प्रवेश कर सकती है।
खूंखार डकैतों का काम करने का तरीका बिल्कुल बदल चुका
हाईटेक युग में बीहड़ों का स्वरूप भले ही न बदला हो लेकिन बीहड़ों में रहने वाले खूंखार डकैतों का काम करने का तरीका बिल्कुल बदल चुका है। ये अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। नये जमाने की टेक्नलॉजी के साथ हाईटेक हथियार रखने वाला यूपी का सबसे बड़ा ‘गब्बर’ इस समय पुलिस के लिए ‘बिग चैलेन्ज’ बन चुका है।STF के एनकाउंटर से हर बार बच निकलने वाला ये डकैत इतना शातिर है कि इसके नाम से ही पूरा बुंदेलखंड थर्राता है। कहते हैं इसकी बीहड़ों में खूब चलती है। बीहड़ों में एक डकैत मरता है तो दूसरा उसका स्थान ले लेता है. कभी ददुआ, तो कभी ठोकिया,लखड़िया और अब बबुली कोल।
डाकुओं के गैंग पुलिस के लिए सिर दर्द
इन डाकुओं के गैंग पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। पुलिस की हाईटेक हथियार लूटकर गांववालों को दहशत में रखने वाले इस इनामी डकैत बबुली को पकड़ना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
जानें, कौन है बबुली कोल
बबुली कोल की उम्र इस समय करीब 38 साल होगी। बबुली कोल पर इस समय साढ़े पांच लाख का इनाम है। चित्रकूट जिले के डोडा सोसाइटी क्षेत्र के के गांव कोलान टिकरिया के मजदूर रामचरन के घर में 1979 में हुआ था। बबुली गांव के ही प्राथमिक स्कूल से क्लास आठ तक की पढ़ाई की। फिर 12वीं की पढ़ाई के लिए वह बांदा चला गया। लेकिन 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक स्थित ठीक न होने के चलते गांव आ गया और किसानी करने लगा।