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शर्मनाक : मकान के लिए 91 साल के बुजुर्ग को भूखा रखता है बेटा

Sun, 04 Sep 2016 11:14 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 04 Sep 2016 11:14 PM IST
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Embarrassing: for onle Houses a son keeps starve there 91-year-old father
डेमाे प‌िक्स
 91 साल के बुजुर्ग को उनके बड़े बेटे ने घर से निकाल दिया है। वह 17 महीने से न्याय के लिए भटक रहे हैं। अफसरों को अपना दर्द बताकर थक चुके हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने राज्यपाल को भी पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। राज्यपाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा से बुजुर्ग को जल्द न्याय दिलाने को कहा है। उनका मामला वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत जिलाधिकारी कोर्ट में विचाराधीन है। 
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सर्वोदय नगर निवासी ओम प्रकाश मनचंदा से अमर उजाला संवाददाता ने बात की तो वे रो पड़े। उन्होंने बताया कि 70 साल की उम्र तक काम किया। जब चलने-फिरने में असहाय हुए तो बेटे ने ही आशियाना छीन लिया। बताया कि उन्होंने दोनों ही बेटों को अलग-अलग फ्लैट दिया है। फिर भी बड़े बेटे महेश मनचंदा ने उनके फ्लैट पर भी कब्जा कर लिया। कब्जा करने से पहले वह भूखे रखता था। विराेध करने पर हाथ भी उठा देता था। घर से निकाल देने के बाद छोटे बेटे ने शरण दे रखी है। 23 अप्रैल 2014 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। फिर भी अभी तक न्याय नहीं मिला। ओम प्रकाश ने बताया कि जिलाधिकारी से शिकायत पर समाज कल्याण अधिकारी ने नोटिस जारी किया। मामला एसडीएम कोर्ट में दर्ज भी हुआ था। वहां से निरस्त कर दिया गया तो डीएम कोर्ट में अपील की।
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‘बेटे मकान हड़पना चाहते हैं, भरपेट खाना भी नहीं देते’ 
बी ब्लाक यशोदा नगर निवासी 66 साल के मोतीलाल ने भी जिलाधिकारी को पत्र देकर शिकायत की है कि उनके बेटे बेचेलाल, सुनील कुमार, सरवन कुमार और बहू अन्नो मकान हड़पना चाहते हैं। उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। वह अब काम करने में असमर्थ हैं। बेटे सुबह और दोपहर को खाना देते हैं। शाम को खाना नहीं देते। जिलाधिकारी ने यह शिकायती पत्र एसडीएम कोर्ट में भेजते हुए वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
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