फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Drunker Father killed his son in fatehpur

शराब की लत के आगे रिश्तों की सारी मर्यादा भूल गया पिता , खुद बुझा दिया 'घर का चिराग'

Wed, 09 May 2018 12:36 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 09 May 2018 12:36 PM IST
विज्ञापन
Drunker Father killed his son in fatehpur
छोटू (फाइल फोटो) , समसपुर गांव में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ करते एएसपी विनोद कुमार।  
शराब की लत के आगे रामराज रिश्तों की सारी मर्यादा भूल गया था। मंगलवार को उसकी नीयत बेटे की हत्या की नहीं थी लेकिन लत ने उसे बेटे का कातिल बना दिया। रुपये न मिलने से उसका गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और बेटे को पीटने लगा। शोर मचाकर विरोध कर रही बेटी को रस्सी से बांध दिया। किसी तरह वह खुद को छुड़ाकर भाई की मदद के लिए पड़ोसियों के घर भागी। बेटा लहूलुहान पड़ता था तो उसे होश में लाने के लिए उसने नाबदान का पानी डाला।
विज्ञापन


फतेहपुर जिले के जाफरगंज गांव निवासी मजदूर रामराज निषाद शराब का लती है। वह कभी-कभी मजदूरी करने जाता है। उसका 12 वर्षीय पुत्र  छोटू टेंट हाउस में बर्तनों की साफ सफाई आदि काम कर घर खर्च में मदद करता था। छोटू तीन दिन बाद सोमवार शाम टेंट हाउस से सात सौ रुपये कमाकर लौटा था। उससे पिता ने देर शाम पांच सौ रुपये छीन लिए थे। उसकी मां राज कुमारी मंगलवार सुबह खेत में मजदूरी करने चली गई। सुबह लगभग दस बजे रामराज अपने पुत्र छोटू से बचे दो सौ रुपये भी शराब पीने के लिए मांगने लगा। छोटू ने रुपये देने से मना कर दिया और बोला रुपये मां को दे दिए हैं। इसी खुन्नस में रामराज ने बेटे को पीटना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों ने आए दिन की मारपीट होना मानकर तबज्जो नहीं दी। बेरहमी से छोटू को पिटते देख बहन निशा  पड़ोसियों से मदद मांगने को भागी। 
विज्ञापन

इसी दौरान रामराज ने चूल्हा फूंकने वाली फुंकनी से छोटू के सिर में कई वार किए। सिर में चोट लगने से वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। रामराज घबराकर घर के बाहर निकल गया। झोलाछाप को लेकर रामराज दोबारा घर पहुंचा। छोटू की मौत हो जाने की भनक लगने और घर के बाहर भीड़ और खामोशी देखकर वह दरवाजे से ही भाग निकला। थोड़ी ही देर में निशा अपनी मां को लेकर घर आई। हत्या की सूचना पर थानेदार गुलाब त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लिया। एएसपी विनोद कुमार, सीओ एसपी मलिक ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। थानेदार ने बताया कि पत्नी राजकुमारी की तहरीर पर उसके बेटे की हत्या में पति रामराज के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली गई है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

अंगोछे का फंदा गले में डालकर कोठरी में घसीट ले गया था पिता

Drunker Father killed his son in fatehpur
बेटे की मौत पर बदहवास मां राजकु मारी।
फतेहपुर जाफरगंज थाने के समसपुर गांव की घटना सिर्फ शराब की लत को शांत करने के चक्कर में हुई। पड़ोस के एक परिवार ने बताया कि घर से छोटू की चीखें आना बंद हो गई थीं। अचानक रामराज घर के बाहर भागकर आया। वह बाल्टी में घर के बाहर बहने वाले नाबदान का गंदा पानी भरकर भीतर ले गया। उसे अचेत पड़े बेटे पर डाला। उसके बाद घर से भागा और कुछ देर बाद झोलाछाप को साथ लाया। तब तक देर हो चुकी थी। बालक की छोटी बहन निशा ने बताया कि वह पिता को मारने से रोक रही थी। वह बप्पा-बप्पा करके चिल्लाती रही। गुस्साए बप्पा ने उसे रस्सी से बांध दिया। छोटू के गले में अंगोछा डालकर घसीटते हुए कोठरी में ले गए। लात घूंसे, थप्पड़ से पीट रहे थे। उसके छोटा भाई अभिषेक (8) और बहन ललिता (6) ठिठक-ठिठक रो रहे थे। दो साल की सबसे छोटी बहन रानी मां के साथ गई थी। 
बकौल निशा उसने किसी तरह अपनी रस्सी छुड़ाई। वह पीछे की टूटी दीवार फांदकर पड़ोस में रहने वाली चाची के घर पहुंची। गर्भवती चाची बिस्तर पर थी। उसकी मौके पर जाने के हालात नहीं थे। तब खेत में भागकर मां के पास पहुंची और लिवा लाई। तब तक भाई की मौत हो चुकी थी।  
 

पड़ोसी ने भूखे बच्चों को खिलाया खाना  

Drunker Father killed his son in fatehpur
पड़ोसी के घर में खाना खाते छोटू के भाई-बहन।
छोटू की मां सुबह खेत चली गई थी। घर में कुछ खाने को नहीं बना था। निशा, अभिषेक, ललिता और रानी भूखे थे। उन बच्चों को पड़ोसी राजू यादव ने अपने घर में खाना खिलाया। इन मासूमों को ठीक से छोटू की मौत का मतलब भी नहीं मालूम था। घर में भाई का शव पड़ा था और वह अपनी भूख को मिटा रहे थे। परिवार की आर्थिक हालत बेहद दयनीय है। बच्चों के तन पर फटे कपड़े हैं। रामराज के पास खेत नहीं है। मौके पर देर शाम को एसपी राहुल राज भी पहुंचे। 
 
जोनिहां की तरफ भागा हत्यारोपी  
हत्यारोपी रामराज को वारदात के बाद जोनिहां की ओर भागते ग्रामीणों ने देखा था। मौके में पुलिस को ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी। पुलिस की एक टीम जोनिहां इलाके के लिए रवाना की गई। हालांकि उसका कोई सुराग नहीं लगा। 
 

पौत्र का शव उठाने से रोका 

Drunker Father killed his son in fatehpur
समसपुर गांव में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ करते एएसपी विनोद कुमार।
रामराज के पिता की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसकी मां जग्गी देवी वृद्ध हैं। वह पौत्र का शव देखकर बदहवास हो गई। उसने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। ग्रामीणों को समझाने बुझाने पर पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। 

समसपुर में कच्ची शराब के चल रहे अड्डे  
समसपुर गांव में अवैध कच्ची शराब का कारोबार फलफूल रहा है। इन अड्डों पर गांव वालों को उधार की शराब भी पिलाई जाती है। रकम बाद में शराब बेचने वाले अपने तरीके से वसूल लेते हैं। इसी चक्कर में मारपीट की घटनाएं होती हैं। आरोपी रामराज ने पांच सौ रुपये सोमवार को बेटे से लिए थे। वह शराब के अड्डे में रुपये जमा करके शराब पी गया था। आरोपी रामराज शराब के नशे में कई बार लोगों से झगड़ा भी कर चुका है। उसे शराब बेचते भी कई बार पुलिस पकड़ चुकी है। थानेदार गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले मामूली मामलों में रिपोर्ट दर्ज है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed