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डायल-100 से मैनपुरी तक वसूली
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 07 Jan 2015 02:51 AM IST
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यूपी पुलिस कहीं भी, कुछ भी कर सकती है। पैसों के लिए अपनी सीमा भी लांघ सकती है। ऐसा हाईटेक कंट्रोल रूम की डायल-100(इनोवा) में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने किया।
गाड़ी का जीपीएस सिस्टम बंद कर हाईवे पर वसूली करते हुए मैनपुरी तक पहुंच गए। मैनपुरी पुलिस ने कानपुर पुलिस के कर्मियों की कारस्तानी स्थानीय अफसरों को बताई। जांच में मामला सही पाया गया।
मामले में चकेरी थाने में दो कांस्टेबलों को नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ सरकारी गबन करने की एफआईआर दर्ज हुई है। एसएसपी ने नामज द कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
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वारदात होने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचकर पीड़ित को मदद पहुंचाने और अपराधी को दबोचने के मकसद से शहर की पुलिस को हाईटेक किया गया है।
हाईटेक कंट्रोल रूम के साथ फर्राटा भरने वाले चार और दो पहिया वाहन शासन ने कानपुर पुलिस दिए। प्रत्येक थाने को हाईटेक(डॉयल-100) इनोवा और इंडिका गाड़ी दी गई।
इनमें अत्याधुनिक शस्त्रों से लैस पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। पर, यह पुलिस कर्मी आम लोगों को मदद की बजाय उनसे वसूली करने में मस्त है। इसका खुलासा गत दिनों चकेरी में हुआ।
चकेरी थाने से अटैक इनोवा में कांस्टेबल बृजपाल यादव और देवेश कुमार, दो अन्य कांस्टेबल तैनात थे। इन कांस्टेबलों ने गत दिनों सरकारी इनोवा का जीपीएस सिस्टम बंद किया।
इसके बाद हाइवे पर गाड़ी दौड़ा दी। रास्ते में वाहन चालकों से वसूली करते हुए मैनपुरी पहुंच गए। वहां हाईवे पर वाहन चालकों से वसूली करते देख मैनपुरी पुलिस के अफसर भौचक रह गए।
अफसरों ने शहर के अफसरों को पूरा वाकया बताया। पर अफसरों को यकीन नहीं हुआ। जब कंट्रोल रूम से इनोवा का लोकेशन लिया गया तो कुछ पता नहीं चला। छानबीन में मैनपुरी पुलिस की बात सच निकली।
कांस्टेबलों के इनोवा वापस लेकर लौटने पर अफसरों के निर्देश पर चकेरी थाने में इनके खिलाफ सरकारी संपत्ति के गबन का मामला दर्ज हुआ। एसएसपी ने आरोपी कांस्टेबलों को तत्काल सस्पेंड कर दिया।
एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि इस तरह की हरकत करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों की बख्शा नहीं जाएगा।
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गाड़ी का जीपीएस सिस्टम बंद कर हाईवे पर वसूली करते हुए मैनपुरी तक पहुंच गए। मैनपुरी पुलिस ने कानपुर पुलिस के कर्मियों की कारस्तानी स्थानीय अफसरों को बताई। जांच में मामला सही पाया गया।
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मामले में चकेरी थाने में दो कांस्टेबलों को नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ सरकारी गबन करने की एफआईआर दर्ज हुई है। एसएसपी ने नामज द कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
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वारदात होने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचकर पीड़ित को मदद पहुंचाने और अपराधी को दबोचने के मकसद से शहर की पुलिस को हाईटेक किया गया है।
हाईटेक कंट्रोल रूम के साथ फर्राटा भरने वाले चार और दो पहिया वाहन शासन ने कानपुर पुलिस दिए। प्रत्येक थाने को हाईटेक(डॉयल-100) इनोवा और इंडिका गाड़ी दी गई।
इनमें अत्याधुनिक शस्त्रों से लैस पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। पर, यह पुलिस कर्मी आम लोगों को मदद की बजाय उनसे वसूली करने में मस्त है। इसका खुलासा गत दिनों चकेरी में हुआ।
चकेरी थाने से अटैक इनोवा में कांस्टेबल बृजपाल यादव और देवेश कुमार, दो अन्य कांस्टेबल तैनात थे। इन कांस्टेबलों ने गत दिनों सरकारी इनोवा का जीपीएस सिस्टम बंद किया।
इसके बाद हाइवे पर गाड़ी दौड़ा दी। रास्ते में वाहन चालकों से वसूली करते हुए मैनपुरी पहुंच गए। वहां हाईवे पर वाहन चालकों से वसूली करते देख मैनपुरी पुलिस के अफसर भौचक रह गए।
अफसरों ने शहर के अफसरों को पूरा वाकया बताया। पर अफसरों को यकीन नहीं हुआ। जब कंट्रोल रूम से इनोवा का लोकेशन लिया गया तो कुछ पता नहीं चला। छानबीन में मैनपुरी पुलिस की बात सच निकली।
कांस्टेबलों के इनोवा वापस लेकर लौटने पर अफसरों के निर्देश पर चकेरी थाने में इनके खिलाफ सरकारी संपत्ति के गबन का मामला दर्ज हुआ। एसएसपी ने आरोपी कांस्टेबलों को तत्काल सस्पेंड कर दिया।
एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि इस तरह की हरकत करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों की बख्शा नहीं जाएगा।