पत्नी-बेटी ने सरेआम चप्पलों से पीटा था, छह दिन बाद 'रहस्मय परिस्थितियों' में चली गोली से मौत
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कस्बे के कमेला चमरौड़ा मोहल्ला निवासी रमेश वर्मा (40) राज्य परिवहन निगम में बस चालक के पद पर हमीरपुर डिपो में तैनात था। उसके दो पत्नियां थी। पहली शादी 1995 में शोभारानी से हुई थी। उससे दो पुत्र व एक पुत्री हुई। शोभा की मौत के बाद चंदपुरवा की रीना से उसने शादी की। जिससे तीन पुत्रियां पैदा हुईं। सभी बच्चे व पत्नी एक साथ रहते थे। लेकिन कुछ दिनों से उसके परिवार में उठापटक मची हुई थी। उसकी पत्नी रीना ने अपनी बच्ची को साथ लेकर मुख्यालय के बस स्टैंड में पति की चप्पलों से पिटाई की थी। जिससे वह खासा दुखी था। इतना ही नहीं पत्नी की शिकायत पर महिला पुलिस भी उसके यहां पहुंची थी। जिससे भी वह भयभीत था।
भाभी ने हत्या कराने की धमकी दी थी
जान बचाकर भागते देखा
उसने भाई को जान बचाकर भागते देखा। लेकिन गोली लगने से वह वहीं गिर गया। सभी आरोपी वहां से भाग निकले। कोतवाली प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि घटना स्थल पर 315 बोर का तमंचा पड़ा मिला है। जिसमें खाली कारतूस फंसा मिला है। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने कहा कि अभी घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। इसी के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
बेटी के साथ पत्नी ने की पति की सरेआम चप्पलों से पिटाई, वजह जान चौंक जाएंगे