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हैवान बना इंसानः बेजुबान बंदर को पीट-पीटकर कर दिया अधमरा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 02 Jan 2018 02:13 PM IST
पिटाई से घायल बंदर
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यूपी के कानपुर में 'बेजुबान पर अत्याचार' की ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। हैवान बने एक इंसान ने बेजुबान बंदर पर ऐसा जुल्म ढाया कि अब वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। थोड़ी-थोड़ी देर में वह बेहोश होकर जमीन पर गिर जाता है।
आप तो इंसान हैं, दुनिया की सबसे नायाब और समझदार कृति। हम बेजुबानों को मारकर आपको क्या मिलता है। पहले महाराष्ट्र के वासिम जिले के एक गांव में बेजुबान लंगूर को पीट-पीटकर मार डाला गया। इसके बाद अब मुझे भी बेरहमी से पीटा गया। जानवर तो हम लोगों को कहा जाता है लेकिन ये जो घिनौनी हरकतें हो रहीं हैं, ये कम से कम इंसानों को तो शोभा नहीं देतीं। सोमवार को एक युवक द्वारा बुरी तरह से मारे गए लंगूर की हालत कुछ यही कहती प्रतीत हो रही थी। युवक ने उसे पीट कर लहूलुहान कर दिया। सिर और मुंह पर इतनी जोर से मारा कि उसे दिखना बंद हो गया। दर्द से कराहता लंगूर कभी यहां बैठता तो कभी वहां। कभी किसी के पैर पकड़ता तो कभी किसी के। मोहल्ले के ही दो युवकों ने उसकी मरहम पट्टी करके वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी। इसके बाद लंगूर को रायपुरवा स्थित पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
छेदी सिंह का पुरवा में सोमवार दोपहर को एक लंगूर धूप सेंक रहा था। पास में ही कुछ बंदर भी उत्पात मचा रहे थे। मोहल्ले वालों के दौड़ाने पर बंदर तो भाग निकले, लेकिन सीधे स्वभाव का लंगूर वहीं बैठा रहा। तभी मोहल्ले के एक युवक ने लंगूर को डंडों और पत्थर से पीटना शुरू कर दिया। उसके मुंह और सिर पर इतनी जोर से मारा कि मुंह फट गया, खून बहने लगा। मोहल्ले वालों के विरोध करने पर शरारती युवक वहां से भाग निकला लेकिन लंगूर बुरी तरह घायल हो चुका था। दिखना बंद हो जाने से वह वह इधर उधर गिरता-पड़ता आता-जाता रहा। इसके बाद मोहल्ले के ही धर्मेंद्र और राकेश गौड़ ने उसका प्राथमिक इलाज किया। उनकी सूचना पर घंटों बाद पहुंची वन विभाग की टीम लंगूर को पशु चिकित्सालय ले गई।
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यह है इंसानियत
एक तरफ एक युवक ने लंगूर को पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया। वहीं दूसरी तरफ मोहल्ले के ही दो युवकों ने इंसानियत का परिचय दिया। कपड़े से लंगूर का खून पोछा फिर घायल लंगूर का प्राथमिक इलाज किया। इसके बाद पानी पिलाया।
कुछ दूर चलकर गिर जाता है
पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल) से जुड़ी अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि डीएम की तरफ से उन्हें बताया गया कि पिटाई से घायल लंगूर को दिखाई नहीं दे रहा है। वह कुछ दूर चलने के बाद जमीन पर गिर जाता है। लंगूर को पीटा गया है, यह उन्हें नहीं बताया गया। मंगलवार को लंगूर को पशु चिकित्सक देखेंगे। पिटाई की बात आई तो लंगूर का मेडिकल कराकार दोषी के खिलाफ संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
आप तो इंसान हैं, दुनिया की सबसे नायाब और समझदार कृति। हम बेजुबानों को मारकर आपको क्या मिलता है। पहले महाराष्ट्र के वासिम जिले के एक गांव में बेजुबान लंगूर को पीट-पीटकर मार डाला गया। इसके बाद अब मुझे भी बेरहमी से पीटा गया। जानवर तो हम लोगों को कहा जाता है लेकिन ये जो घिनौनी हरकतें हो रहीं हैं, ये कम से कम इंसानों को तो शोभा नहीं देतीं। सोमवार को एक युवक द्वारा बुरी तरह से मारे गए लंगूर की हालत कुछ यही कहती प्रतीत हो रही थी। युवक ने उसे पीट कर लहूलुहान कर दिया। सिर और मुंह पर इतनी जोर से मारा कि उसे दिखना बंद हो गया। दर्द से कराहता लंगूर कभी यहां बैठता तो कभी वहां। कभी किसी के पैर पकड़ता तो कभी किसी के। मोहल्ले के ही दो युवकों ने उसकी मरहम पट्टी करके वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी। इसके बाद लंगूर को रायपुरवा स्थित पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
छेदी सिंह का पुरवा में सोमवार दोपहर को एक लंगूर धूप सेंक रहा था। पास में ही कुछ बंदर भी उत्पात मचा रहे थे। मोहल्ले वालों के दौड़ाने पर बंदर तो भाग निकले, लेकिन सीधे स्वभाव का लंगूर वहीं बैठा रहा। तभी मोहल्ले के एक युवक ने लंगूर को डंडों और पत्थर से पीटना शुरू कर दिया। उसके मुंह और सिर पर इतनी जोर से मारा कि मुंह फट गया, खून बहने लगा। मोहल्ले वालों के विरोध करने पर शरारती युवक वहां से भाग निकला लेकिन लंगूर बुरी तरह घायल हो चुका था। दिखना बंद हो जाने से वह वह इधर उधर गिरता-पड़ता आता-जाता रहा। इसके बाद मोहल्ले के ही धर्मेंद्र और राकेश गौड़ ने उसका प्राथमिक इलाज किया। उनकी सूचना पर घंटों बाद पहुंची वन विभाग की टीम लंगूर को पशु चिकित्सालय ले गई।
यह है इंसानियत
एक तरफ एक युवक ने लंगूर को पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया। वहीं दूसरी तरफ मोहल्ले के ही दो युवकों ने इंसानियत का परिचय दिया। कपड़े से लंगूर का खून पोछा फिर घायल लंगूर का प्राथमिक इलाज किया। इसके बाद पानी पिलाया।
कुछ दूर चलकर गिर जाता है
पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल) से जुड़ी अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि डीएम की तरफ से उन्हें बताया गया कि पिटाई से घायल लंगूर को दिखाई नहीं दे रहा है। वह कुछ दूर चलने के बाद जमीन पर गिर जाता है। लंगूर को पीटा गया है, यह उन्हें नहीं बताया गया। मंगलवार को लंगूर को पशु चिकित्सक देखेंगे। पिटाई की बात आई तो लंगूर का मेडिकल कराकार दोषी के खिलाफ संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।