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100 रुपये के लिए बूढ़ी मां को डंडे से पीटकर मार डाला

Wed, 28 Jun 2017 02:22 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 28 Jun 2017 02:22 PM IST
boy killed his mother in unnao
मृतक जनक दुलारी की फाइल फोटो
शराबी बेटे की नशे की लत मां के लिए कितनी भयानक साबित हो सकती है इसका अंदाजा जनक दुलारी को कभी न था। जिस बेटे को लाड प्यार से बड़ा कर दुलारी ने अपने बुढ़ापे का सहारा समझा था आखिर वही उसकी मौत की वजह बन गया। यूपी के उन्नाव में मंगलवार को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने सभी के रोंगटे खड़े कर दिये। यहां के बेहटा गांव में एक मां को उसके ही बेटे ने केवल 100 रुपये न देने की वजह से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। मृतका के पौत्र ने अपने चाचा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
boy killed his mother in unnao
रोते बिलखते मृतक दुलारी के परिजन
100 रुपये की वजह से हुआ था मां-बेटे में विवाद  ​

उन्नाव असोहा थानाक्षेत्र के बेहटा गांव निवासी जनक दुलारी रावत (70) अपने बेटे उमेश के साथ गांव के बाहर बाग में बने मकान में रहती थी। मानसिक रूप से कमजोर उमेश शराब का भी लती है। तीन दिन पहले जनकदुलारी अपने बैंक खाते से चार हजार रुपये निकाले थे। उमेश ने सोमवार शाम को मां से 100 रुपये मांगे मां ने महीने भर का खर्च चलाने की बात कहते हुए शराब पीने के लिए रुपये देने से इनकार कर दिया इसपर मां-बेटे में विवाद भी हुआ। मंगलवार सुबह उमेश ने मां से फिर रुपये मांगे तो उसने दोबारा इनकार करने पर झल्लाए उमेश ने मां से झगड़ा किया और इसी दौरान घर में ही रखे एक डंडे से मां को पीटना शुरू कर दिया। उसने सिर पर हमला किया तो मां ने हाथ से बचाव करने का प्रयास किया। लेकिन हाथ में चोट लगने के बाद डंडा सीधे सिर पर लगा। सिर में गंभीर चोट लगने से वह जमीन पर गिर पड़ी और कुछ ही देर में मौत हो गई।
 

boy killed his mother in unnao
हत्या से गांव में मची सनसनी
ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी
खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। असोहा थानाध्यक्ष जेएन सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो घर में ही मौजूद बेटे को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी होने पर पुरवा सीओ सुशील कुमार सिंह भी पहुंचे। फील्ड यूनिट और डाग स्क्वायड ने भी घटना स्थल की जांच की। स्निफर डाग घर में ही चक्कर लगाने के बाद रुक गया। पुलिस ने घर में ही पड़ा वह डंडा भी बरामद कर लिया है जिससे वृद्धा की हत्या की गई। डंडे के एक हिस्से में खून भी लगा है। पुलिस सबूत के लिहाज से डंडे से अंगुलियों के निशान भी लिए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक एपी सिंह ने बताया कि हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है और शव का पोस्टमार्टम कारया जा रहा है।
 
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बूढ़ी मां का इकलौता सहारा बना हत्यारा

boy killed his mother in unnao
जनक दुलारी की फाइल फोटो
जनक दुलारी के पति नन्हकूराम की करीब दस साल पहले मौत हो चुकी है। उसके चार बेटे थे, जिसमें सबसे बड़े बेटे शिवशंकर की उसके चचेरे भाई ने ही जमीन के विवाद में हत्या कर दी थी। उससे छोटे कैलाश और गनेश की बीमारी से कई साल पहले मौत हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा उमेश ही जनक दुलारी के बुढ़ापे का सहारा था। अविवाहित होने के कारण वह अपनी मां के साथ ही रह रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार उमेश के भाई स्व. शिवशंकर की पत्नी और कैलाश की पत्नी शिवदेवी गांव के अंदर बने पुश्तैनी मकान में ही रहतीं हैं। शिवशंकर के दो बेटे हैं बड़ा बेटा शिवकुमार मुंबई में ड्राइवर है। जबकि छोटा बेटा रविशंकर उर्फ छोटू गुजरात में काम करता था, चार महीने से गांव में ही है। वहीं शिवदेवी के एक बेटा दिलीप है और वह भी मुंबई में काम करता है। लोगों के अनुसार जनक दुलारी के पति नन्हकूराम दिल्ली विकास प्राधिकरण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। पति की मौत के बाद पेंशन के सहारे ही जनक दुलारी अपना खर्च चलाती थी। उमेश कभी-कभी मजदूरी करता था, लेकिन जो भी रुपये पाता शराब में उड़ा देता था।
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