{"_id":"58ee4d6f4f1c1b462dcf7679","slug":"bjp-women-leader-murder-in-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गला दबाकर मारी गई थीं भाजपा नेत्री हेमलता शुक्ला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गला दबाकर मारी गई थीं भाजपा नेत्री हेमलता शुक्ला
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 12 Apr 2017 09:23 PM IST
विज्ञापन
भाजपा नेत्री की फाइल फोटो, थाने में परिजन और भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के रामबाग में भाजपा की पूर्व नगर मंत्री एवं अधिवक्ता हेमलता शुक्ला (48) की गला दबाकर हत्या की गई थी। इसकी पुष्टि बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। परिजनों ने पति पर अनबन के चलते उसकी हत्या का आरोप लगाया है। जिसके आधार पर पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रामबाग में हेमलता का ससुराल है। उनकी 1991 में बैंक कर्मी शैलेश शुक्ला से शादी हुई थी। उनके दो बेटे देवांश (7) और शिवांस (5) हैं। शादी के बाद से ही शैलेश और हेमलता में अनबन रहने लगी थी। आरोप है कि शादी के छह दिन बाद ही शैलेश ने हेमलता को जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने की कोशिश की थी। इससे आहत हेमलता मायके चली गई थी और उसने शैलेश समेत ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता का मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। हेमलता के रिश्तेदार विवेक मिश्रा के मुताबिक हेमलता करीब चौदह साल तक मुकदमा लड़ती रही। जब रिश्तेदारों ने उनकी सुलह कराई, तब हेमलता मायके से ससुराल रहने चली गई। कुछ दिनों तक तो ठीक रहा, लेकिन इसके बाद दोनों में फिर से झगड़ा होने लगा। बच्चे भी हो गए, लेकिन उनका मनमुटाव दूर नहीं हुआ और उनके बीच झगड़ा होता रहा। करीब छह महीने पहले भी शैलेश की मारपीट से परेशान होकर हेमलता मायके चली गई थी। इस पर परिवार वालों ने दोबारा शैलेश को समझाया था। इसके बाद हेमलता वापस ससुराल गई थी।
सोते समय गला दबाने की आशंका
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हेमलता की गला दबाकर हत्या की गई है। इसके अलावा उसके शरीर में कोई और चोट का निशान नहीं मिला है। इससे साफ हेमलता शैलेश का विरोध नहीं कर पाई। यह तभी हो सकता है जब हेमलता सो रही हो या फिर उसको किसी ने पकड़ कर रखा हो। चूंकि परिजनों ने हेमलता को नींद की गोली खिलाने के बारे में बताया है। जिससे उनकी नींद में ही गला दबाकर हत्या करने की ज्यादा संभावना है।
विज्ञापन
शराब के शौकीन और गुस्सैल है शैलेश
रिश्तेदारों के मुताबिक शैलेश शराब के शौकीन और गुस्सैल प्रवृत्ति के है। वह रोज शराब पीकर ही घर पहुंचते थे। जिसका हेमलता विरोध करती थी। इसी को लेकर उनका अक्सर झगड़ा होता था। शैलेश अभी कुछ भी बोलने से बच रहा है।
अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए बेटे
हेमलता के परिजन जब पोस्टमार्टम के बाद शव को घाट ले गए। उन्होंने हेमलता के ससुराल वालों को अंतिम संस्कार के बारे में बताया था, लेकिन कोई भी शामिल नहीं हुआ। यहां तक उन लोगों ने हेमलता के बेटों को भी घाट नहीं भेजा। जिससे वे मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए।
विज्ञापन
रामबाग में हेमलता का ससुराल है। उनकी 1991 में बैंक कर्मी शैलेश शुक्ला से शादी हुई थी। उनके दो बेटे देवांश (7) और शिवांस (5) हैं। शादी के बाद से ही शैलेश और हेमलता में अनबन रहने लगी थी। आरोप है कि शादी के छह दिन बाद ही शैलेश ने हेमलता को जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने की कोशिश की थी। इससे आहत हेमलता मायके चली गई थी और उसने शैलेश समेत ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता का मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। हेमलता के रिश्तेदार विवेक मिश्रा के मुताबिक हेमलता करीब चौदह साल तक मुकदमा लड़ती रही। जब रिश्तेदारों ने उनकी सुलह कराई, तब हेमलता मायके से ससुराल रहने चली गई। कुछ दिनों तक तो ठीक रहा, लेकिन इसके बाद दोनों में फिर से झगड़ा होने लगा। बच्चे भी हो गए, लेकिन उनका मनमुटाव दूर नहीं हुआ और उनके बीच झगड़ा होता रहा। करीब छह महीने पहले भी शैलेश की मारपीट से परेशान होकर हेमलता मायके चली गई थी। इस पर परिवार वालों ने दोबारा शैलेश को समझाया था। इसके बाद हेमलता वापस ससुराल गई थी।
विज्ञापन
सोते समय गला दबाने की आशंका
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हेमलता की गला दबाकर हत्या की गई है। इसके अलावा उसके शरीर में कोई और चोट का निशान नहीं मिला है। इससे साफ हेमलता शैलेश का विरोध नहीं कर पाई। यह तभी हो सकता है जब हेमलता सो रही हो या फिर उसको किसी ने पकड़ कर रखा हो। चूंकि परिजनों ने हेमलता को नींद की गोली खिलाने के बारे में बताया है। जिससे उनकी नींद में ही गला दबाकर हत्या करने की ज्यादा संभावना है।
विज्ञापन
शराब के शौकीन और गुस्सैल है शैलेश
रिश्तेदारों के मुताबिक शैलेश शराब के शौकीन और गुस्सैल प्रवृत्ति के है। वह रोज शराब पीकर ही घर पहुंचते थे। जिसका हेमलता विरोध करती थी। इसी को लेकर उनका अक्सर झगड़ा होता था। शैलेश अभी कुछ भी बोलने से बच रहा है।
अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए बेटे
हेमलता के परिजन जब पोस्टमार्टम के बाद शव को घाट ले गए। उन्होंने हेमलता के ससुराल वालों को अंतिम संस्कार के बारे में बताया था, लेकिन कोई भी शामिल नहीं हुआ। यहां तक उन लोगों ने हेमलता के बेटों को भी घाट नहीं भेजा। जिससे वे मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए।