'बाप का दादा का भाई का सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल' गैंग्स अाॅफ वसेपुर का ये डायलाॅग ताे अापने सुना ही हाेगा पर फर्रुखाबाद में इसे एक युवक ने सच कर दिखाया है। युवक ने 22 सालाें बाद अपने भाई के खून का बदला खून से लेते हुए एक युवक काे माैत के घाट उतार दिया।
22 साल बाद 'खून का बदला खून', यह फिल्म नहीं हकीकत है
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 18 Jan 2018 07:41 PM IST
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1995-96 में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में हुई थी गाेलीबारी
फायरिंग में हुई थी एक ही पक्ष के दो भाइयों की हत्या
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