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शिक्षक का शव फेंकने में दो लोग गिरफ्तार
Updated Wed, 23 May 2018 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हथगाम(फतेहपुर)। प्रधानाचार्य की हत्या के बाद लाश ठिकाने लगाने में शामिल दो लोगों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उनके बयान और हत्यारोपियों के बयानों पर क्रास सवाल जवाब पुलिस ने किए। घटनाक्रम में समानता पाई गई। हालांकि शव बरामद नहीं हो सका है। पहले से प्रधानाचार्य की हत्या में बंद उसकी पत्नी, बेटी व बेटी के दोस्त की जमानत नहीं हुई है।
थाना क्षेत्र में कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी विमल चंद्र गुप्ता (45) चक इटैली में प्रधानाध्यापक थे। वह अचानक 27 दिसंबर को गायब हो गए थे। चार जनवरी को उनकी पत्नी सविता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। करीब एक माह की खोजबीन में पुलिस को हत्या का मामला समझ आया। प्रधानाचार्य के घर से अलग कुछ दूर रहने वाली मां ऊषा देवी ने चार फरवरी को दूसरी तहरीर दी थी। पुलिस ने पत्नी, बेटी कोमल और बेटी के मित्र अमित को पकड़ा था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि हत्या के बाद लाश को घर में 24 घंटे तक छिपाए रहे। अमित ने चाकू से गला काटा था। बेटी पैर और पत्नी ने मुंह को दबाया था।
पुलिस ने तीनों को जेल भेजा था। इनसे पूछताछ के दौरान लाश ठिकाने लगाने में दो अन्य आरोपियों के होने की पुलिस को जानकारी मिली थी। घटना के बाद से दोनों दिल्ली चले गए थे। उनके गांव आने पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थानेदार विनोद सिंह ने बताया कि हत्यारोपी अमित के पड़ोसी राकेश कुमार और चंद्रप्रकाश को पकड़ा गया है। अमित दोनों को बलि की बछिया फेंकने की बात कहकर ले गया था। बोलेरो में अमित, कोमल के पास सविता के लगातार फोन आ रहे थे। तब रास्ते में राकेश, चंद्रप्रकाश को बोरे में विमल चंद्र गुप्ता की लाश होने का पता लगा था।
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इसके बाद भी दोनों ने पुलिस को नहीं बताया था। दोनों ने लाश का बोरा छिवली नदी में फेंकना कबूल किया। चारों ने लौटते वक्त हाईवे के एक होटल में चाय पी थी। लाश के साथ बोरे में आलाकत्ल चाकू, खून से रंगे कपड़े भर दिए थे। फिलहाल सारे आरोपी अपहरण में जेल भेजे गए हैं।
मानव रक्त होने पर हत्या की होगी पुष्टि
घटनास्थल कमरे में पुलिस को एक माह बाद रक्त का कतरा मिट्टी से मिला था। वह खून पुलिस, विमल चंद्र गुप्ता का मान रही है। जांच में मानव रक्त की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। मानव रक्त सामने आने पर विमल चंद्र गुप्ता की हत्या की पुष्टि हो सकेगी।
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हथगाम(फतेहपुर)। प्रधानाचार्य की हत्या के बाद लाश ठिकाने लगाने में शामिल दो लोगों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उनके बयान और हत्यारोपियों के बयानों पर क्रास सवाल जवाब पुलिस ने किए। घटनाक्रम में समानता पाई गई। हालांकि शव बरामद नहीं हो सका है। पहले से प्रधानाचार्य की हत्या में बंद उसकी पत्नी, बेटी व बेटी के दोस्त की जमानत नहीं हुई है।
थाना क्षेत्र में कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी विमल चंद्र गुप्ता (45) चक इटैली में प्रधानाध्यापक थे। वह अचानक 27 दिसंबर को गायब हो गए थे। चार जनवरी को उनकी पत्नी सविता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। करीब एक माह की खोजबीन में पुलिस को हत्या का मामला समझ आया। प्रधानाचार्य के घर से अलग कुछ दूर रहने वाली मां ऊषा देवी ने चार फरवरी को दूसरी तहरीर दी थी। पुलिस ने पत्नी, बेटी कोमल और बेटी के मित्र अमित को पकड़ा था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि हत्या के बाद लाश को घर में 24 घंटे तक छिपाए रहे। अमित ने चाकू से गला काटा था। बेटी पैर और पत्नी ने मुंह को दबाया था।
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पुलिस ने तीनों को जेल भेजा था। इनसे पूछताछ के दौरान लाश ठिकाने लगाने में दो अन्य आरोपियों के होने की पुलिस को जानकारी मिली थी। घटना के बाद से दोनों दिल्ली चले गए थे। उनके गांव आने पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थानेदार विनोद सिंह ने बताया कि हत्यारोपी अमित के पड़ोसी राकेश कुमार और चंद्रप्रकाश को पकड़ा गया है। अमित दोनों को बलि की बछिया फेंकने की बात कहकर ले गया था। बोलेरो में अमित, कोमल के पास सविता के लगातार फोन आ रहे थे। तब रास्ते में राकेश, चंद्रप्रकाश को बोरे में विमल चंद्र गुप्ता की लाश होने का पता लगा था।
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इसके बाद भी दोनों ने पुलिस को नहीं बताया था। दोनों ने लाश का बोरा छिवली नदी में फेंकना कबूल किया। चारों ने लौटते वक्त हाईवे के एक होटल में चाय पी थी। लाश के साथ बोरे में आलाकत्ल चाकू, खून से रंगे कपड़े भर दिए थे। फिलहाल सारे आरोपी अपहरण में जेल भेजे गए हैं।
मानव रक्त होने पर हत्या की होगी पुष्टि
घटनास्थल कमरे में पुलिस को एक माह बाद रक्त का कतरा मिट्टी से मिला था। वह खून पुलिस, विमल चंद्र गुप्ता का मान रही है। जांच में मानव रक्त की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। मानव रक्त सामने आने पर विमल चंद्र गुप्ता की हत्या की पुष्टि हो सकेगी।