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नर्सिंग होम संचालक व आशा पर रिपोर्ट दर्ज
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कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली के पास बिना पंजीकरण नर्सिंग होम चलाने के मामले में संचालक व उसका सहयोग करने वाली आशा पर डिप्टी सीएमओ ने रविवार को गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इधर, पुलिस बल लेकर पहुंचे एसडीएम ने नर्सिंगहोम के भवन को सील कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
31 मई को सिकंदरा कस्बे के बुधौली गांव निवासी अजीत पांडेय की पत्नी नेहा (28) व नवजात की मौत के बाद हरकत में आए प्रशासन ने रविवार को ओम नर्सिंगहोम के भवन को सील कर दिया। एसडीएम आनंद सिंह पुलिस बल लेकर पहुंचे और भवन को सील करने की कार्रवाई की। भवन को सील करने से पहले एसडीएम ने नर्सिंगहोम के ऑपरेशन थियेटर, वार्ड के साथ पूरे भवन की वीडियोग्राफी कराई। इसके साथ डॉ एपी वर्मा ने नर्सिंग होम संचालक आंबेडकर नगर अकबरपुर के दीपक तिवारी व जिला अस्पताल से गुमराह कर नर्सिंग हो ले जाने वाली पिचौरा गांव की आशा सुनीता तिवारी पर गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कार्रवाई के बारे में में जानकारी देते हुए डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल से प्रसूता के रेफर होने पर उसे गुमराह कर नर्सिंगहोम ले जाने में आशा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। बताया कि नर्सिंगहोम अपंजीकृत होने के साथ उसमें चिकित्सक व अनुभवी पैरामेडिकल स्टॉफ न होने से जच्चा-बच्चा की मौत हुई है।
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31 मई को सिकंदरा कस्बे के बुधौली गांव निवासी अजीत पांडेय की पत्नी नेहा (28) व नवजात की मौत के बाद हरकत में आए प्रशासन ने रविवार को ओम नर्सिंगहोम के भवन को सील कर दिया। एसडीएम आनंद सिंह पुलिस बल लेकर पहुंचे और भवन को सील करने की कार्रवाई की। भवन को सील करने से पहले एसडीएम ने नर्सिंगहोम के ऑपरेशन थियेटर, वार्ड के साथ पूरे भवन की वीडियोग्राफी कराई। इसके साथ डॉ एपी वर्मा ने नर्सिंग होम संचालक आंबेडकर नगर अकबरपुर के दीपक तिवारी व जिला अस्पताल से गुमराह कर नर्सिंग हो ले जाने वाली पिचौरा गांव की आशा सुनीता तिवारी पर गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कार्रवाई के बारे में में जानकारी देते हुए डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल से प्रसूता के रेफर होने पर उसे गुमराह कर नर्सिंगहोम ले जाने में आशा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। बताया कि नर्सिंगहोम अपंजीकृत होने के साथ उसमें चिकित्सक व अनुभवी पैरामेडिकल स्टॉफ न होने से जच्चा-बच्चा की मौत हुई है।
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