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सवा घंटे तक हाईवे पर रही अराजकता
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। ईवीएम हटाओ और संविधान बचाओ का नारा लेकर बारा गांव के पास सड़क उतरी संविधान बचाओ संघर्ष समिति और पुलिस के बीच पथराव, लाठीचार्ज से इटावा-कानपुर हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक अराजकता का माहौल रहा। पथराव होने से जाम में फंसे वाहनों में सवार लोग और बारा गांव के लोग भी सहमे रहे। करीब पौने दो बजे 16 उपद्रवियों की गिरफ्तारी और अन्य को खदेड़कर पुलिस ने हालात पर काबू किया। इसके बाद हाईवे पर पड़े पत्थर व झाड़ियां हटाकर यातायात बहाल कराया।
दोपहर करीब 12:30 बजे संविधान बचाओ संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अजय सिंह फौजी (सेना से सेवानिवृत्त) की अगुवाई में करीब 200 पुरुष व महिलाएं लाठी, डंडे, बैनर व तख्तियां लेकर बारा गांव के पास इटावा-कानपुर हाईवे पर पहुंचे। इन लोगों ने पत्थर व झाड़ियां डालकर खुद हाईवे पर खड़े हो गए और ईवीएम हटाव, संविधान बचाओ के नारे लगाने लगे। संपूर्ण समाधान दिवस में अकबरपुर तहसील में शिकायतें सुन रहे एसडीएम आनंद कुमार सिंह, सीओ अर्पित कपूर, नायब तहसीलदार और अकबरपुर कोतवाली पुलिस के साथ 1 बजे मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह अभद्रता पर उतारू हो गए।
करीब 1:10 बजे प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों व पुलिस पर डंडों से हमला करने के साथ पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भी लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। पथराव में होने से हाईवे पर फंसे वाहनों में सवार लोग वाहनों में ही दुबक गए। सड़क किनारे खड़े व छतों पर खड़े बारा गांव के लोग भी भागे। करीब 1:45 बजे तक उपद्रवियों की ओर से पथराव व पुलिस की ओर से लाठियां चलीं। 1:50 बजे पुलिस 16 लोगों को दबोच कर हालात पर काबू कर पाई और 2:00 बजे हाईवे से पत्थर व झाड़ियां हटाकर यातायात बहाल कराया। जाम लगने से हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। आसपास के लोगों ने तीन राउंड गोलियां चलने की आवाज भी सुनीं लेकिन कोतवाल अकबरपुर ने फायरिंग से इनकार किया है।
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करीब 200 लोगों की भीड़ की मौजूदगी और पथराव के चलते सीओ अर्पित कपूर को भोगनीपुर कोतवाली पुलिस के अलावा पुलिस लाइन से क्यूआरटी (क्विक रिसपांस टीम) और पुलिस लाइन से फोर्स बुलानी पड़ी। फोर्स आने के बाद करीब 20 मिनट बाद उपद्रवियों पर काबू किया जा सका। जाम में मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी फंस गई। मरीज की जान पर बन आई देख एंबुलेंस निकालने के लिए परिजन परेशान रहे। पथराव के बाद
प्रदर्शनकारी बवाल करने की पूरी तैयारी से आए थे, पुलिस को उनके पास से मोटे, मोटे डंडों के अलावा कुल्हाड़ियां भी मिली हैं। बाइक, साइकिल व अन्य वाहनों से करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हुई थी। इतने बड़े प्रदर्शन की तैयारी की भनक न ही एलआईयू को लग पाई और न ही कोतवाली व चौकी पुलिस को। पुलिस की चूक के कारण बवाल हो गया।
संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने ईवीएम हटाओ और सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया था। इसके लिए समिति के जिलाध्यक्ष ने एक सप्ताह पहले एसडीएम अकबरपुर से बारा टोल प्लाजा के पास 5 मार्च को धरना देने की अनुमति मांगी गई थी। जिले में धारा 144 लागू होने के कारण एसडीएम ने धरने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद एलआईयू और कोतवाली पुलिस सतर्क नहीं हुई।
समिति के लोग अंदर ही अंदर धरने की तैयारी करते रहे। मंगलवार को अकबरपुर, आघू, बारा, रसूलाबाद, मूसानगर, राजपुर समेत कई क्षेत्रों से साइकिल, बाइक व अन्य वाहनों से करीब 200 महिलाएं व पुरुष बारा गांव के पास जमा हुए। इतना होने के बावजूद पुलिस व प्रशासन हालात से अंजान रहा। जाम की सूचना पर एसडीएम व सीओ और फोर्स बिना हेलमेट के ही पहुंची। एसडीएम का कहना था कि प्रदर्शनकारियों से कहा था कि मांगें राष्ट्रीय स्तर की हैं, इसलिए निस्तारण एक दिन में संभव नहीं है। ज्ञापन दें उसे आगे भेज दिया जाएगा, इतना सुनते ही प्रदर्शनकारी हमलावर हो गए। सीओ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के पास से डंडे, कुल्हाड़ी, मौके से साइकिलें व कई बाइक मिली हैं। एसपी राधेश्याम ने कहाकि मामले में बारा चौकी पुलिस की लापरवाही पर जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
सवा घंटे तक हाईवे पर रही अराजकता
प्रदर्शनकारियों के पथराव करने पर वाहनों में दुबके जाम में फंसे लोग
क्रासर
बारा गांव के लोग भी घरों में छुप गए
कानपुर देहात। ईवीएम हटाओ और संविधान बचाओ का नारा लेकर बारा गांव के पास सड़क उतरी संविधान बचाओ संघर्ष समिति और पुलिस के बीच पथराव, लाठीचार्ज से इटावा-कानपुर हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक अराजकता का माहौल रहा। पथराव होने से जाम में फंसे वाहनों में सवार लोग और बारा गांव के लोग भी सहमे रहे। करीब पौने दो बजे 16 उपद्रवियों की गिरफ्तारी और अन्य को खदेड़कर पुलिस ने हालात पर काबू किया। इसके बाद हाईवे पर पड़े पत्थर व झाड़ियां हटाकर यातायात बहाल कराया।
दोपहर करीब 12:30 बजे संविधान बचाओ संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अजय सिंह फौजी (सेना से सेवानिवृत्त) की अगुवाई में करीब 200 पुरुष व महिलाएं लाठी, डंडे, बैनर व तख्तियां लेकर बारा गांव के पास इटावा-कानपुर हाईवे पर पहुंचे। इन लोगों ने पत्थर व झाड़ियां डालकर खुद हाईवे पर खड़े हो गए और ईवीएम हटाव, संविधान बचाओ के नारे लगाने लगे। संपूर्ण समाधान दिवस में अकबरपुर तहसील में शिकायतें सुन रहे एसडीएम आनंद कुमार सिंह, सीओ अर्पित कपूर, नायब तहसीलदार और अकबरपुर कोतवाली पुलिस के साथ 1 बजे मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह अभद्रता पर उतारू हो गए।
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करीब 1:10 बजे प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों व पुलिस पर डंडों से हमला करने के साथ पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भी लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। पथराव में होने से हाईवे पर फंसे वाहनों में सवार लोग वाहनों में ही दुबक गए। सड़क किनारे खड़े व छतों पर खड़े बारा गांव के लोग भी भागे। करीब 1:45 बजे तक उपद्रवियों की ओर से पथराव व पुलिस की ओर से लाठियां चलीं। 1:50 बजे पुलिस 16 लोगों को दबोच कर हालात पर काबू कर पाई और 2:00 बजे हाईवे से पत्थर व झाड़ियां हटाकर यातायात बहाल कराया। जाम लगने से हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। आसपास के लोगों ने तीन राउंड गोलियां चलने की आवाज भी सुनीं लेकिन कोतवाल अकबरपुर ने फायरिंग से इनकार किया है।
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करीब 200 लोगों की भीड़ की मौजूदगी और पथराव के चलते सीओ अर्पित कपूर को भोगनीपुर कोतवाली पुलिस के अलावा पुलिस लाइन से क्यूआरटी (क्विक रिसपांस टीम) और पुलिस लाइन से फोर्स बुलानी पड़ी। फोर्स आने के बाद करीब 20 मिनट बाद उपद्रवियों पर काबू किया जा सका। जाम में मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी फंस गई। मरीज की जान पर बन आई देख एंबुलेंस निकालने के लिए परिजन परेशान रहे। पथराव के बाद
प्रदर्शनकारी बवाल करने की पूरी तैयारी से आए थे, पुलिस को उनके पास से मोटे, मोटे डंडों के अलावा कुल्हाड़ियां भी मिली हैं। बाइक, साइकिल व अन्य वाहनों से करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हुई थी। इतने बड़े प्रदर्शन की तैयारी की भनक न ही एलआईयू को लग पाई और न ही कोतवाली व चौकी पुलिस को। पुलिस की चूक के कारण बवाल हो गया।
संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने ईवीएम हटाओ और सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया था। इसके लिए समिति के जिलाध्यक्ष ने एक सप्ताह पहले एसडीएम अकबरपुर से बारा टोल प्लाजा के पास 5 मार्च को धरना देने की अनुमति मांगी गई थी। जिले में धारा 144 लागू होने के कारण एसडीएम ने धरने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद एलआईयू और कोतवाली पुलिस सतर्क नहीं हुई।
समिति के लोग अंदर ही अंदर धरने की तैयारी करते रहे। मंगलवार को अकबरपुर, आघू, बारा, रसूलाबाद, मूसानगर, राजपुर समेत कई क्षेत्रों से साइकिल, बाइक व अन्य वाहनों से करीब 200 महिलाएं व पुरुष बारा गांव के पास जमा हुए। इतना होने के बावजूद पुलिस व प्रशासन हालात से अंजान रहा। जाम की सूचना पर एसडीएम व सीओ और फोर्स बिना हेलमेट के ही पहुंची। एसडीएम का कहना था कि प्रदर्शनकारियों से कहा था कि मांगें राष्ट्रीय स्तर की हैं, इसलिए निस्तारण एक दिन में संभव नहीं है। ज्ञापन दें उसे आगे भेज दिया जाएगा, इतना सुनते ही प्रदर्शनकारी हमलावर हो गए। सीओ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के पास से डंडे, कुल्हाड़ी, मौके से साइकिलें व कई बाइक मिली हैं। एसपी राधेश्याम ने कहाकि मामले में बारा चौकी पुलिस की लापरवाही पर जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
सवा घंटे तक हाईवे पर रही अराजकता
प्रदर्शनकारियों के पथराव करने पर वाहनों में दुबके जाम में फंसे लोग
क्रासर
बारा गांव के लोग भी घरों में छुप गए