Chinese Thug Gang: क्राइम ब्रांच को मिले 45 खाते, जाती थी ठगी की रकम, एप से बदलती थी क्रिप्टो करेंसी में
कानपुर क्राइम ब्रांच ने चाइना में बैठे साइबर ठग के लिए काम करने वाले तीन शातिरों को गिरफ्तार किया था। चीनी ठग गैंग की पड़ताल के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। शातिर एप की मदद से रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजते थे।
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कानपुर में चीनी ठग गैंग की पड़ताल के दौरान क्राइम ब्रांच ने एक और खुलासा किया है। जालसाजों ने ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदला था फिर उसे 45 खातों में ट्रांसफर किया था, जो कि देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों में संचालित किए जा रहे हैं।
क्रिप्टो करेंसी मंगाने के लिए भी गिरोह एक अलग तरह के मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करता था। चीनी नागरिक के पूरे देश में फैले नेटवर्क की पड़ताल क्राइम ब्रांच के साथ एटीएस भी कर रही है। चीनी नागरिक बी बोज उर्फ वीबी के गिरोह ने पूरे देश में ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
गिरोह के अब तक सात लोगों को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें से चार आरोपी आगरा के हैं। बैंक खातों और मोबाइल की डिटेल निकाली जा रही है। सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में 45 खातों के बारे में जानकारी मिली है।
ये वह खाते हैं जो कि दिल्ली, बंगलूरू, कर्नाटक, हैदराबाद और आगरा से संचालित किए जा रहे थे। वहीं जेल भेजे गए आरोपियों में कुछ ऐसे भी लोग शामिल थे जो ठगी के रुपये को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश में भेजते थे। एक विशेष तरह के मोबाइल एप पर क्रिप्टो करेंसी को मंगाकर उसी एप के जरिए करेंसी को रुपयों में कनवर्ट किया जाता था।
इसके बाद उन रुपयों को अलग-अलग खातों में भेजा जाता था। सूत्रों के अनुसार दो साल में इन 45 खातों से करीब 98 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया जा चुका है। बता दें कि क्राइम ब्रांच चाइनीज मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।