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अवैध खनन पर मिट्टी डाल रहे अफसर

Mon, 18 Apr 2022 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 11:52 PM IST
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कानपुर देहात। रसूलाबाद में अवैध मिट्टी खनन से बाग के छह पेड़ गिर जाने से क्षुब्ध होकर किसान के जान देने के मामले में 15 दिन बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जांच में बिना अनुमति के निर्धारित मानक से अधिक मिट्टी खोदे जाने की पुष्टि हुई थी। जांच अधिकारियों ने भी कई अपनों की गर्दन फंसते देख खानापूरी शुरू कर दी।
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सुभाष नगर रसूलाबाद के रहने वाले इंद्रपाल भदौरिया (53) ने तीन अप्रैल की सुबह बाग में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा था कि अवैध मिट्टी खनन से उनके बाग के छह आम के पेड़ गिर गए। नगर पंचायत प्रशासन फिर भी मनमानी करते हुए खनन बंद नहीं करा रहा है। घटना के बाद से खनन तो बंद हो गया लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अफसर जांच कर आरोपियों को क्लीन चिट देने में लगे हैं। अवैध खनन के मामले की जांच के लिए तत्कालीन डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने जांच में पाया कि नगर पंचायत जिस तालाब के सुंदरीकरण के नाम पर मिट्टी खनन करा रहा था उसके बावत कोई प्रस्ताव सदन में पास नहीं किया गया था। सभासदों ने भी चेयरमैन के खिलाफ बयान दिए थे। तालाब से मिट्टी खोदकर चेयरमैन व उसके प्रतिनिधि के आवास के पास खाली पड़े खाद के गड्ढों में नियम विरुद्ध मिट्टी भराने का खुलासा हुआ था। सरकार खाद के गड्ढों को सुरक्षित रखने के साथ उनके इस्तेमाल पर जोर दे रही है। फिर भी रसूलाबाद में चेयरमैन व उसके प्रतिनिधि ने मिलकर अपने मकानों के फर्श के सामने खाद के गड्ढे में मिट्टी पुराई करा दी। जांच में ये भी पाया गया था कि मिट्टी खनन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई। किसान की शिकायत की लगातार अनदेखी की गई। अब अफसर भी जांच की दिशा मोडने में लगे। किसान के जान देने के बाद अब कोई अफसर खुलकर बोलने को भी तैयार नहीं है।
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किसान के आत्महत्या करने पर बेटे अंकुल भदौरिया की तहरीर पर चेयरमैन राजरानी, ईओ दिनेश कुमार, लिपिक अमित कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मी आनंद खरे, सपा नेता अकील अहमद व इनके बेटे हाफिज मुइन खान पर आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिजनों ने सपा नेता की गिरफ्तारी की मांग कर आठ घंटे शव नहीं उठने दिया था। अफसरों ने कार्रवाई का भरोसा देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस के सुर बदल गए। पुलिस कह रही है कि आत्महत्या के उकसाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं। इससे किसी की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। किसान के परिजन परेशान हैं।
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किसान के रकबा में खनन नहीं पाया गया है लेकिन बिना अनुमति के खनन कराया गया है। यह बात जांच में सामने आई है। अवैध खनन के मामले में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। खनन विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करेगा।
-जितेंद्र कटियार, एसडीएम रसूलाबाद
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