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हत्या करके सेंगुर नदी में फेंका था सिक्योरिटी गार्ड का शव
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गोपाल कृष्ण उर्फ बंटे का फाइल फोटो।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नसरतपुर गांव से छह अक्तूबर से लापता चल रहे सिक्योरिटी गार्ड की रस्सी से गला घोटकर हत्या की गई थी। शव मावर के पास सेंगुर नदी में फेंका गया था। इधर, शुक्रवार को पुलिस ने गांव के दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर घटना के खुलासे का दावा किया है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मृतक की पत्नी से मुख्य आरोपी के अवैध संबंध हैं। हालांकि अभी तक नदी से शव बरामद नहीं हो सका।
अकबरपुर कस्बे के नसरतपुर गांव के सिक्योरिटी गार्ड गोपालकृष्ण उर्फ बंटे (40) छह अक्तूबर को फैक्टरी से रात ड्यूटी करके लौटे थे। वह गाय खरीदने जाने की बात कहकर निकले और वापस नहीं आए। गार्ड की मां रामप्यारी ने गांव के मुकेश और अंकुल पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस लगातार खुलासे के प्रयास में लगी थी। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि मृतक गोपालकृष्ण की पत्नी मंजू से मुकेश के अवैध संबंध हैं। गोपालकृष्ण विरोध करता था। गोपालकृष्ण को को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने मुकेश से कहा। इस पर मुकेश अपने एक नाबालिग सगे भाई व गांव के दोस्त अंकुल के साथ मिलकर गाय खरीदने के बहाने उसे ले गया।
मावर गांव के पास रस्सी से गला घोटकर हत्या दी और शव नदी में फेक दिया। इसी पूछताछ के आधार पर पुलिस लगातार दो दिनों से नदी में शव की तलाश कर रही थी। हालाकि शव नहीं मिला है। वहीं घटना से संबंधित कोई बरामदगी के बावत पुलिस स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पुष्टि हो गई है। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि तीनों हत्यारोपी माती के पास से गिरफ्तार कर लिए गए हैं। वहीं मृतक की पत्नी की भूमिका घटना में रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि आरोपियों से अभी पूछताछ चल रही है। हत्या की बात उन्होंने स्वीकार कर ली गई। तीनों आरोपियों को अलग-अलग मावर जंगल में ले जाया गया था। तीनों ने हत्या करने और शव नदी में फेंकने का एक ही स्थान बताया है। आरोपियों से अभी और विस्तार से पूछताछ करके घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
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पुलिस के खुलासे में कई अनसुलझे सवाल
लापता सिक्योरिटी गार्ड की हत्या का खुलासा कर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन कई अनसुलझे सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस को देना है। गोपालकृष्ण की हत्या करके शव सेंगुर नदी ले जाया गया था या फिर वहीं ले जाकर हत्या की गई थी। हत्या लापता होने तुरंत बाद हुई या फिर उसे कहीं और रखा गया। इसका जवाब पुलिस के पास स्पष्ट नहीं मिला। दूसरा उसे किस वाहन से ले जाया गया था वह वाहन कहां है। तीसरी और अहम बात यह है कि आरोपी कई दिनों से पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस सही पूछताछ नहीं कर सकी या फिर वह पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस पहले उसके गांव के जंगल की खाक छानती रही। मावर जंगल में शव की तलाश की। आखिरी में कानपुर से छह गोताखोर बुलाकर सेंगुर नदी में शव ढूंढा गया। अवैध संबंधों के चलते हत्या की घटना में मुख्य आरोपी मुकेश ने अपने सगे नाबालिग भाई को भी शामिल किया था। इस पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। पुलिस को न तो शव मिला है और न ही कोई अन्य बरामदगी है। इससे आरोपियों को कोर्ट में भी राहत मिल सकती है।
जेठ पर दर्ज कराई थी छेड़छाड़ की रिपोर्ट
गोपालकृष्ण उर्फ बंटे की पत्नी की भूमिका लेकर परिजन पहले से ही आश्वस्त थे। कई साल पहले प्रेमी मुकेश के कहने से ही मंजू ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिससे परिवार में कोई उसका विरोध न करे। जेठ को बहू मंजू के अवैध संबंधों की जानकारी थी। वह इसका विरोध करने लगे थे। जानकारी परिजनों को हुई तो मंजू खुद को अपनानित महसूस कर रही थी और जेठ पर ही छेड़छाड़ का आरोप लगा कर उसका मुंह बंद कर दिया था। अब मामले में खुलासा होने पर गांव के लोगों में इसकी चर्चा तेज है।
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अकबरपुर कस्बे के नसरतपुर गांव के सिक्योरिटी गार्ड गोपालकृष्ण उर्फ बंटे (40) छह अक्तूबर को फैक्टरी से रात ड्यूटी करके लौटे थे। वह गाय खरीदने जाने की बात कहकर निकले और वापस नहीं आए। गार्ड की मां रामप्यारी ने गांव के मुकेश और अंकुल पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस लगातार खुलासे के प्रयास में लगी थी। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि मृतक गोपालकृष्ण की पत्नी मंजू से मुकेश के अवैध संबंध हैं। गोपालकृष्ण विरोध करता था। गोपालकृष्ण को को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने मुकेश से कहा। इस पर मुकेश अपने एक नाबालिग सगे भाई व गांव के दोस्त अंकुल के साथ मिलकर गाय खरीदने के बहाने उसे ले गया।
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मावर गांव के पास रस्सी से गला घोटकर हत्या दी और शव नदी में फेक दिया। इसी पूछताछ के आधार पर पुलिस लगातार दो दिनों से नदी में शव की तलाश कर रही थी। हालाकि शव नहीं मिला है। वहीं घटना से संबंधित कोई बरामदगी के बावत पुलिस स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पुष्टि हो गई है। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि तीनों हत्यारोपी माती के पास से गिरफ्तार कर लिए गए हैं। वहीं मृतक की पत्नी की भूमिका घटना में रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि आरोपियों से अभी पूछताछ चल रही है। हत्या की बात उन्होंने स्वीकार कर ली गई। तीनों आरोपियों को अलग-अलग मावर जंगल में ले जाया गया था। तीनों ने हत्या करने और शव नदी में फेंकने का एक ही स्थान बताया है। आरोपियों से अभी और विस्तार से पूछताछ करके घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
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पुलिस के खुलासे में कई अनसुलझे सवाल
लापता सिक्योरिटी गार्ड की हत्या का खुलासा कर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन कई अनसुलझे सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस को देना है। गोपालकृष्ण की हत्या करके शव सेंगुर नदी ले जाया गया था या फिर वहीं ले जाकर हत्या की गई थी। हत्या लापता होने तुरंत बाद हुई या फिर उसे कहीं और रखा गया। इसका जवाब पुलिस के पास स्पष्ट नहीं मिला। दूसरा उसे किस वाहन से ले जाया गया था वह वाहन कहां है। तीसरी और अहम बात यह है कि आरोपी कई दिनों से पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस सही पूछताछ नहीं कर सकी या फिर वह पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस पहले उसके गांव के जंगल की खाक छानती रही। मावर जंगल में शव की तलाश की। आखिरी में कानपुर से छह गोताखोर बुलाकर सेंगुर नदी में शव ढूंढा गया। अवैध संबंधों के चलते हत्या की घटना में मुख्य आरोपी मुकेश ने अपने सगे नाबालिग भाई को भी शामिल किया था। इस पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। पुलिस को न तो शव मिला है और न ही कोई अन्य बरामदगी है। इससे आरोपियों को कोर्ट में भी राहत मिल सकती है।
जेठ पर दर्ज कराई थी छेड़छाड़ की रिपोर्ट
गोपालकृष्ण उर्फ बंटे की पत्नी की भूमिका लेकर परिजन पहले से ही आश्वस्त थे। कई साल पहले प्रेमी मुकेश के कहने से ही मंजू ने अपने जेठ पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिससे परिवार में कोई उसका विरोध न करे। जेठ को बहू मंजू के अवैध संबंधों की जानकारी थी। वह इसका विरोध करने लगे थे। जानकारी परिजनों को हुई तो मंजू खुद को अपनानित महसूस कर रही थी और जेठ पर ही छेड़छाड़ का आरोप लगा कर उसका मुंह बंद कर दिया था। अब मामले में खुलासा होने पर गांव के लोगों में इसकी चर्चा तेज है।