{"_id":"571a7a504f1c1bb8608b4a10","slug":"cricse-the-water-supply","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैराज से सप्लाई ठप, और बढ़ा पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैराज से सप्लाई ठप, और बढ़ा पेयजल संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
जहां एक ओर शहर में पानी की भारी किल्लत है वहीं रतनलाल नगर और बर्रा 2 में जल निगम की पाइप लाइन में लीकेज से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। गंगा बैराज से बेनाझाबर वॉटर टैंकों को आई पाइप लाइन में फिर लीकेज होने से शुक्रवार को 67 वार्डों में पेयजल संकट और बढ़ गया। लीकेज की मरम्मत के कारण सात करोड़ लीटर पानी की सप्लाई सुबह से शाम तक रोक दी गई। इन वार्डों के मोहल्लों में पानी सप्लाई नहीं हुआ। देर रात या शनिवार सुबह सप्लाई सामान्य होने की बात अधिकारियों ने कही है।
शहर में पेयजल संकट गहराने पर पिछले हफ्ते ही गंगा बैराज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी बेनाझाबर के वॉटर टैंकों में पहुंचाना शुरू किया गया था। दावा किया गया था कि इससे पानी का संकट काफी हद तक कम होगा। लेकिन इस लाइन में लगातार लीकेज हो रहे हैं। तीन दिन पहले लीकेज हुए थे और घटिया कार्य की वजह से बैराज से बेनाझाबर वॉटर वर्क्स तक आई मुख्य पाइप लाइन में शुक्रवार को सुबह बृजेंद्र स्वरूप पार्क के पास फिर लीकेज हो गया। एक हफ्ते में इस लाइन के पाइप बृजेंद्र स्वरूप पार्क और नवाबगंज में बीएसएसडी कालेज के सामने तीन बार फट चुके हैं। लीकेज के कारण लो-प्रेशर से जलापूर्ति हुई। इससे रामबाग, जवाहर नगर, हर्ष नगर, सीसामऊ, पीरोड, प्रेम नगर, स्वरूप नगर, आर्य नगर, कुलीबाजार, कारवालो नगर, गोविंद नगर, मुंशीपुरवा, बाबूपुरवा आदि मोहल्लों में लो प्रेशर से पानी आया। नारियल बाजार, धोबी मोहाल, पुरबिया मोहाल, चौक, पटकापुर, कुरसवां, फहीमाबाद, चमनगंज के प्लाट नंबर - 3-4 घुसियाना आदि मोहल्लों में नलों से पानी नहीं आया। पार्षद मोनू ने बताया कि चौक, नारियल बाजार, धोबी मोहाल में लगे तीन हैंडपंपों में से एक खराब है। चंदे से बनवाए गए दो हैंडपंपों और सबमर्सिबल पंप पर लोगों को लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है। पार्षद शिब्बू ने बताया कि फहीमाबाद, हलीम कालेज क्षेत्र में पानी न आने के कारण हजारों लोगों को हैंडपंप में लाइन लगाकर पानी भरना पड़ा। नारियल बाजार सहित कई मोहल्लों में पानी नहीं आया। फहीमाबाद सहित कई मोहल्लों में कम पानी आने से किल्लत बनी रही। लोग सबमर्सिबल, हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर रहे।
संकट खड़ा हुआ तब आई पैसे की याद
कानपुर। जल निगम की लापरवाही से हैंडपंप रिबोर नहीं हो पा रहे हैं। इस विभाग ने गर्मियां शुरू होने से पहले रिबोरिंग के लिए शासन से पैसा नहीं मांगा। जिला योजना समिति की बैठक में पेयजल संकट का मुद्दा उठने के बाद अब प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 2014 में शहर में लगभग 2200 हैंडपंपों को रिबोर कराने की जरूरत थी। कमिश्नर और तत्कालीन डीएम के निर्देश पर जलनिगम ने हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा, लेकिन पैसा नहीं मिला। इसके बाद जलनिगम ने न कोई प्रस्ताव भेजा और न रिमाइंडर। इस बीच रिबोर लायक हैंडपंपों की संख्या बढ़कर 4429 हो गई। जल निगम के सहायक अभियंता एनसी शुक्ल ने भी एक साल से शासन को कोई प्रस्ताव न भेजने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पिछली डिमांड पर छह महीने पहले शासन से धन मिला था, जिससे किदवई नगर, गोविंद नगर, परेड, मकरावटगंज, आर्य नगर आदि मोहल्लों के 895 हैंडपंप रिबोर कराए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में पेयजल संकट गहराने पर पिछले हफ्ते ही गंगा बैराज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी बेनाझाबर के वॉटर टैंकों में पहुंचाना शुरू किया गया था। दावा किया गया था कि इससे पानी का संकट काफी हद तक कम होगा। लेकिन इस लाइन में लगातार लीकेज हो रहे हैं। तीन दिन पहले लीकेज हुए थे और घटिया कार्य की वजह से बैराज से बेनाझाबर वॉटर वर्क्स तक आई मुख्य पाइप लाइन में शुक्रवार को सुबह बृजेंद्र स्वरूप पार्क के पास फिर लीकेज हो गया। एक हफ्ते में इस लाइन के पाइप बृजेंद्र स्वरूप पार्क और नवाबगंज में बीएसएसडी कालेज के सामने तीन बार फट चुके हैं। लीकेज के कारण लो-प्रेशर से जलापूर्ति हुई। इससे रामबाग, जवाहर नगर, हर्ष नगर, सीसामऊ, पीरोड, प्रेम नगर, स्वरूप नगर, आर्य नगर, कुलीबाजार, कारवालो नगर, गोविंद नगर, मुंशीपुरवा, बाबूपुरवा आदि मोहल्लों में लो प्रेशर से पानी आया। नारियल बाजार, धोबी मोहाल, पुरबिया मोहाल, चौक, पटकापुर, कुरसवां, फहीमाबाद, चमनगंज के प्लाट नंबर - 3-4 घुसियाना आदि मोहल्लों में नलों से पानी नहीं आया। पार्षद मोनू ने बताया कि चौक, नारियल बाजार, धोबी मोहाल में लगे तीन हैंडपंपों में से एक खराब है। चंदे से बनवाए गए दो हैंडपंपों और सबमर्सिबल पंप पर लोगों को लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है। पार्षद शिब्बू ने बताया कि फहीमाबाद, हलीम कालेज क्षेत्र में पानी न आने के कारण हजारों लोगों को हैंडपंप में लाइन लगाकर पानी भरना पड़ा। नारियल बाजार सहित कई मोहल्लों में पानी नहीं आया। फहीमाबाद सहित कई मोहल्लों में कम पानी आने से किल्लत बनी रही। लोग सबमर्सिबल, हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर रहे।
विज्ञापन
संकट खड़ा हुआ तब आई पैसे की याद
कानपुर। जल निगम की लापरवाही से हैंडपंप रिबोर नहीं हो पा रहे हैं। इस विभाग ने गर्मियां शुरू होने से पहले रिबोरिंग के लिए शासन से पैसा नहीं मांगा। जिला योजना समिति की बैठक में पेयजल संकट का मुद्दा उठने के बाद अब प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 2014 में शहर में लगभग 2200 हैंडपंपों को रिबोर कराने की जरूरत थी। कमिश्नर और तत्कालीन डीएम के निर्देश पर जलनिगम ने हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा, लेकिन पैसा नहीं मिला। इसके बाद जलनिगम ने न कोई प्रस्ताव भेजा और न रिमाइंडर। इस बीच रिबोर लायक हैंडपंपों की संख्या बढ़कर 4429 हो गई। जल निगम के सहायक अभियंता एनसी शुक्ल ने भी एक साल से शासन को कोई प्रस्ताव न भेजने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पिछली डिमांड पर छह महीने पहले शासन से धन मिला था, जिससे किदवई नगर, गोविंद नगर, परेड, मकरावटगंज, आर्य नगर आदि मोहल्लों के 895 हैंडपंप रिबोर कराए गए।
विज्ञापन