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चंबल नदी उफनाई तो उप्र और मप्र को जोड़ने वाले पुल में आईं दरारें, ये बड़ी वजह भी आयी सामने
Wed, 21 Aug 2019 12:06 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 21 Aug 2019 12:06 AM IST
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उफनाई चंबल से पुल में आईं दरारें
- फोटो : अमर उजाला
इटावा के चकरनगर में चंबल नदी के उफनाने और ओवरलोड वाहनों के दबाव के चलते उप्र और मप्र को जोड़ने वाले चकरनगर की तरफ के पुल पर दरारें आ गईं हैं। खतरे की आशंका को भाप कर मंगलवार को एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश को आपस में जोड़ने वाली चंबल नदी पर बने दो प्रमुख पुल अवैध खनन एवं परिवहन के ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच परिवहन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है।
इटावा के उदी के पास स्थित बरही पर बने चंबल पुल के साथ ही वैकल्पिक मार्ग के रूप में फूप-सोनेकापुरा होते हुए चकरनगर के चंबल नदी पर बने पुल का इस्तेमाल किया जाता है। मौरंग खनन के परिहवन के लिए सबसे ज्यादा इसी मार्ग का प्रयोग किया जाता है।
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ओवरलोड ट्रक दिन भर चंबल पुल से गुजरते हैं। इससे इस पुल में दरारें आने लगी हैं। पुुल पर आवाजाही तो चल रही है। वहीं पिछले दिनों कोटा बैराज से छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी से चंबल में मिला है। इससे नदी उफान पर है और पानी की गर्जना से दरारें निरंतर बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों दरारें आवागमन मेें व्यवधान पैदा कर सकती हैं।
एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही सख्ती से रोकी जा रही है। पुल में आईं दरारों के बारे में तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया है।
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उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश को आपस में जोड़ने वाली चंबल नदी पर बने दो प्रमुख पुल अवैध खनन एवं परिवहन के ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच परिवहन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है।
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इटावा के उदी के पास स्थित बरही पर बने चंबल पुल के साथ ही वैकल्पिक मार्ग के रूप में फूप-सोनेकापुरा होते हुए चकरनगर के चंबल नदी पर बने पुल का इस्तेमाल किया जाता है। मौरंग खनन के परिहवन के लिए सबसे ज्यादा इसी मार्ग का प्रयोग किया जाता है।
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ओवरलोड ट्रक दिन भर चंबल पुल से गुजरते हैं। इससे इस पुल में दरारें आने लगी हैं। पुुल पर आवाजाही तो चल रही है। वहीं पिछले दिनों कोटा बैराज से छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी से चंबल में मिला है। इससे नदी उफान पर है और पानी की गर्जना से दरारें निरंतर बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों दरारें आवागमन मेें व्यवधान पैदा कर सकती हैं।
एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही सख्ती से रोकी जा रही है। पुल में आईं दरारों के बारे में तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया है।