UP Crime: मासूम के अपहरण में चचेरा भाई और साथी गिरफ्तार, सट्टे का पैसा चुकाने के लिए किया था अपहरण
आईपीएल में सट्टा हारने पर चचेरे भाई ने अपने ही भाई को किडनैप कर लिया। उसके बाद परिवार के लोगों से 50 लाख की फिरौती मांगी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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हमीरपुर जिले में 30 मई को विवेक नगर मोहल्ले से पांच वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने व असफल होने पर चाकू से वारकर घायल करने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अपहरणकर्ता मासूम के चचेरा भाई व उसका दोस्त निकले। आरोपियों ने अपहरण आईपीएल मैच में तीन लाख बीस हजार रुपये हारने के बाद उधारी चुकाने के लिए किया था।
पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने बताया कि अपहरणकर्ता कानपुर नगर के थाना चकेरी के कैलाश बिहार जाजमऊ निवासी सोमेश तिवारी ने अपने दोस्त तिवारीपुर थाना जाजमऊ निवासी सुमित तिवारी के साथ मिलकर शहर में कलेक्ट्रेट में सहायक सीआरके बाबू के पद में तैनात अपने चाचा प्रभात तिवारी के पांच वर्षीय बच्चे वैभव का घर के अंदर घुसकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद आधा घंटे में ही प्रभात को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती की मांगी थी।
जिले की सीमाओं में नाकाबंदी करने पर बाइक सवार अपहरणकर्ता डर गए और मासूम के गले में चाकू से वारकर उसे बांदा जिले की तरफ जाने वाली सड़क में जसपुरा थाने के पास फेंककर भाग निकले थे। उन्होंने बताया कि मासूम के अपहरण को लेकर आरोपी घटना से पूर्व चार अन्य दिनों तक आए। इस घटना को अंजाम देने के लिए घाटमपुर से दो बाइकें भी चोरी कीं हैं। बताया पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया था जब यह अपने चाचा से गलती मानने उनके घर जा रहे थे। गिरफ्तारी को लेकर पांच टीमें गठित कर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए आरोपी
अपहरण के दौरान बाइक सवार आरोपी कई सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे। जिसके बाद इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस ने इन भाइयों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। पुलिस व एसओजी टीम ने कुरारा रोड स्थित रोहन नाला के पास से दोनों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 7320 रुपये नकदी, आधार कार्ड, दो सोने की अंगूठी, चांदी की एक रिंग व पतली चेन, दो तमंचा, घटना में प्रयुक्त चाकू व चोरी की बाइक बरामद की है।
आईपीएल में हारे रुपये
घटना के पीछे प्रदीप तिवारी ने सोमेश को 2.80 लाख रुपये चाचा प्रभात तिवारी को देने के लिए दिए थे, लेकिन यह रुपये वह आईपीएल सट्टे में कहीं हार गया था। पिता द्वारा जब रुपये भेजने की बात कहीं तो वह बहाना बनाता कि सर्वर काम नहीं कर रहा है। वहीं दूसरा आरोपी सुमित भी 40 हजार रुपये आईपीएल में हार जाने से परेशान था। सुमित द्वारा सोमेश तिवारी के छोटे भाई के घर में ट्यूशन पढ़ाता था और दोनों कालेज के दोस्त हैं। दोनों ने योजना बनाई कि चाचा प्रभात तिवारी के इकलौते बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगेंगे तो पैसा तुरंत मिल जाएगा।
पांचवें दिन अपह्ताओं को मिली सफलता
घटना को अंजाम देने के लिए दोनों लगातार पांच दिन शहर आए। 27 मई को घाटमपुर में एक बाइक चोरी की। पहले दिन सोमेश की चाची के बाहर निकलने पर बहाना कर निकल गए। 28 मई को फिर बस से घाटमपुर से दूसरी बाइक चोरी कर आए और बेतवा पुल के आगे साइकिल से जा रहे एक व्यक्ति का मोबाइल छीन चले गए। 29 मई को दोनों कामयाब न होने पर लौट गए। 30 मई को सुबह दोनों बाइक से आए और घटना को अंजाम दे सुमेरपुर पहुंचकर लूटे हुए मोबाइल से 50 लाख रुपये की मांग की। बांदा जिले के जसपुरा के पहले सोमेश ने बच्चे को गला दबाने के साथ चाकू से गला रेतने की कोशिश की। दोनों गूगल मैप लगाकर कानपुर के रास्ते पीपा का पुल पारकर सठगवां चौकी चांदपुर होते चले गए। इसके बाद अखबार में समाचार पढ़ घर से 50 हजार रुपये लेकर दोनों लखनऊ, वाराणसी, चंदौली में अपने को छिपाए रहे।