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कोर्ट में प्रवेश के लिए दिखानी होगी 72 घंटे की कोविड जांच रिपोर्ट

Tue, 27 Apr 2021 01:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 01:34 AM IST
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कानपुर देहात। कोविड को देखते हुए अदालत के समय में परिवर्तन किया गया है। मंगलवार से 10:30 से 2:30 बजे तक काम होगा। अदालत परिसर में जाने के लिए अधिवक्ताओं को गेट पर 72 घंटे पहले की कोविड टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी। निगेटिव रिपोर्ट देखकर उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा। जिला जज के इस आदेश के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी है। विचाराधीन बंदियों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
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कोविड से बचाव के लिए अदालतों में सावधानी बरती जा रही है। जिला जज अनिल कुमार झा ने हर अधिवक्ता के लिए अनिवार्य कर दिया है कि वह 72 घंटे पहले की कोविड जांच आरटी-पीसीआर के माध्यम से कराकर रिपोर्ट दिखाए। तभी उसे कोर्ट परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। हाईकोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार अदालत के काम का समय सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक कर दिया गया है।
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जिला जज, स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट, डकैती, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, ईसी एक्ट, सीजेएम, सिविल जज सीनियर डिवीजन, सिविल जज जूनियर डिवीजन सभी अदालतों में निर्धारित समय के अनुसार करने का आदेश जारी किया गया है। क्रियाशील अदालतों में सिर्फ 33 फीसदी कर्मचारी काम पर आएंगे। विचाराधीन बंदियों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। अदालत में सूचीबद्ध वकीलों और जरूरी वादकारियों को जरूरी होने पर अदालत के अंदर जाने दिया जाएगा।
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शनिवार को बंद रहेंगे न्यायालय
हाईकोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार हर शनिवार को न्यायालय बंद रहेंगे। शनिवार व रविवार को साप्ताहिक लॉकडाउन लगाया जा रहा है। सोमवार को न्यायालय खुलेंगे। न्यायालय बंद रहने के दौरान दो दिन स्वास्थ्य विभाग न्यायालय भवन को सैनिटाइज करेगा। सीएमओ को भी जिला जज की तरफ से पत्र भेजा गया है।
भेदभाव वाले व्यवहार से अधिवक्ताओं में नाराजगी
कानपुर देहात। जिला जज के आदेश के बाद अधिवक्ताओं ने भेदभाव पूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगा नाराजगी जताई है। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि जज, उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यही आदेश होना चाहिए। सिर्फ अधिवक्ताओं को कोविड जांच अनिवार्य करना न्यायोचित नहीं है। एकीकृत बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री प्रदीप पांडेय ने कहा कि ऐसी स्थिति से अधिवक्ताओं व पुलिस के बीच टकराव की नौबत आ जाएगी। अधिकारियों को दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदार पदाधिकारियों को आगे आकर स्थिति संभालने का आग्रह किया है।

30 अप्रैल तक कार्य से वितरत रहने का निर्णय
कानपुर देहात। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों से चिंतित एकीकृत बार एसोसिएशन ने फिलहाल 30 अप्रैल तक माती कचहरी में कार्य न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संपतलाल यादव ने बताया कि कई अधिवक्ता कोराना संक्रमित होने के बाद मौत का शिकार हो चुके हैं। स्थिति को देखते हुए कोई और विकल्प नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने अन्य संगठन के पदाधिकारियों से इस बाबत चर्चा कराने की बात कही। कहा कि मंगलवार को गेट के अंदर न किसी अधिवक्ता को जाने दिया जाएगा और न कोई मुवक्किल जाएगा। 30 अप्रैल के बाद फिर बैठक करके आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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