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पिंटू सेंगर केस: आरोपी बर्खास्त सिपाही पर भ्रष्टाचार का केस, 12 साल में 5.10 करोड़ कमाए, खर्च किए 8.21 करोड़
Mon, 12 Feb 2024 10:34 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 12 Feb 2024 10:34 AM IST
सार
पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी बर्खास्त सिपाही पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि बर्खास्त सिपाही ने 12 साल में 5.10 करोड़ कमाए, 8.21 करोड़ खर्च किए हैं।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी बर्खास्त सिपाही श्याम सुशील मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कानपुर इकाई ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि उसने 2007 से 2018 के बीच पुलिस में नौकरी करते हुए 5.10 करोड़ की घोषित आय अर्जित की, जबकि इसी अवधि में उसने करीब 8.21 करोड़ रुपये खर्च किए। ये रुपये संपत्ति आदि में व्यय किए गए। प्रारंभिक जांच में साक्ष्य मिलने के बाद अब पूरी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी गई है।
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1987 में सिपाही पद पर भर्ती होने वाला सिपाही श्याम सुशील मिश्रा मूल रूप से मिर्जापुर के ग्राम भैंसा का रहने वाला था। वर्तमान में वह चकेरी थानाक्षेत्र के डी ब्लॉक श्यामनगर में रह रहा है। श्याम लंबे समय तक भ्रष्टाचार निवारण संगठन में कार्यरत था। पिंटू सेंगर हत्याकांड में गिरफ्तार होने के बाद हुई विभागीय जांच के बाद उसे दिसंबर 2022 में बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं, 2019 में उसके खिलाफ शासन ने आय से अधिक संपत्ति की जांच के आदेश दिए थे। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कानपुर इकाई के इंस्पेक्टर चतुर सिंह ने करीब जांच में पाया कि 2007 से 2018 के बीच उसने ज्ञात एवं वैध स्रोतों से हुई आय के मुकाबले 60 प्रतिशत ज्यादा खर्च किया। आय और व्यय के बीच करीब 3.11 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया। जांच के दौरान श्याम मिश्रा ने कोई सहयोग भी नहीं किया और न ही बयान दर्ज कराए।
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चकेरी में डेढ़ करोड़ का मकान, उन्नाव में जमीनें, पेट्रोल पंप भी खरीदा
जांच में पता चला है कि चकेरी में जिस मकान में वह रह रहा है, सिर्फ वही डेढ़ करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसके अलावा उन्नाव में बड़ी संख्या में उसने जमीनें खरीदी। हाल में एक पेट्रोल पंप भी खरीदने की बात सामने आई है, जिसमें काली कमाई के निवेश की जांच जारी है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी करोड़पति बर्खास्त सिपाही की काली कमाई की जांच शुरू कर सकती है।
जांच में पता चला है कि चकेरी में जिस मकान में वह रह रहा है, सिर्फ वही डेढ़ करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसके अलावा उन्नाव में बड़ी संख्या में उसने जमीनें खरीदी। हाल में एक पेट्रोल पंप भी खरीदने की बात सामने आई है, जिसमें काली कमाई के निवेश की जांच जारी है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी करोड़पति बर्खास्त सिपाही की काली कमाई की जांच शुरू कर सकती है।
पिंटू की हत्या कराने में 10 लाख देने का भी आरोप
प्रापर्टी डीलर व बसपा नेता पिंटू सेंगर का श्याम सुशील मिश्रा करीबी था। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में सामने आया था कि दोनों पार्टनरशिप में जमीनें खरीदने-बेचने का काम करते थे। आरोप है कि जब एक संपत्ति को लेकर पिंटू से विवाद हुआ तो उसने हत्या के लिए पप्पू स्मार्ट को 10 लाख रुपये दिए। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल उस मामले में वह जमानत पर बाहर है।
प्रापर्टी डीलर व बसपा नेता पिंटू सेंगर का श्याम सुशील मिश्रा करीबी था। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में सामने आया था कि दोनों पार्टनरशिप में जमीनें खरीदने-बेचने का काम करते थे। आरोप है कि जब एक संपत्ति को लेकर पिंटू से विवाद हुआ तो उसने हत्या के लिए पप्पू स्मार्ट को 10 लाख रुपये दिए। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल उस मामले में वह जमानत पर बाहर है।