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कोरोना से बचने को छह फुट दूर से करें नमस्ते, जुकाम की तरह शुरू होकर ध्वस्त करता है सांस तंत्र
Sat, 08 Feb 2020 09:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 08 Feb 2020 09:15 PM IST
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कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज मास्क लगाए चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना से बचाव के लिए न तो कोई टीका है और न ही कोई दवा है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका है कि बाहर से आने पर तुरंत साबुन से हाथ धोएं। बाहर रहें तो हाथ मुंह पर न लगाएं। हाथ मिलाने के बजाए छह फुट दूर से नमस्ते कर लें। इससे अगर किसी को वायरल संक्रमण होगा तो वह स्पर्श नहीं कर सकेगा।
अगर किसी को इंफ्लुइंजा के लक्षण हैं तो बाहर न जाए। सार्वजनिक स्थल पर मुंह पर रुमाल रखकर छींके। डाक्टरों ने बताया कि कोरोना का संक्रमण निमोनिया कर देता है जिससे सांस तंत्र ध्वस्त हो जाता और रोगी की मौत हो जाती है। शनिवार को आईएमए अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल, सचिव डॉ. गौरव दूबे, चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके सिंह, डॉ. एसी अग्रवाल और डॉ. दिनेश सचान ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2003 और 2012 में यह वायरस एसएआरएस और एमईआरएस की महामारी का रूप ले चुका है।
यह संक्रमण जानवरों और पक्षियों में पाया जाता है। इस बार समुद्री फूड से इसके फैलने की आशंका जताई जा रही है। यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। रोगी के छीकने और खांसने से मुंह से निकली बूंदों से यह दूसरों को संक्रमित करता है।
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इन बातों का रखें खास ध्यान
-कोई भी लक्षण होने के पहले संक्रमित व्यक्ति रोग फैला सकता है
-बीमारी की शुरुआत बुखार, गला खराब और खांसी से होती है
-गंभीर निमोनिया हो जाता है, तुरंत इलाज की जरूरत होती है
-पीसीआर जांच से वायरस की पहचान हो जाती है
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अगर किसी को इंफ्लुइंजा के लक्षण हैं तो बाहर न जाए। सार्वजनिक स्थल पर मुंह पर रुमाल रखकर छींके। डाक्टरों ने बताया कि कोरोना का संक्रमण निमोनिया कर देता है जिससे सांस तंत्र ध्वस्त हो जाता और रोगी की मौत हो जाती है। शनिवार को आईएमए अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल, सचिव डॉ. गौरव दूबे, चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके सिंह, डॉ. एसी अग्रवाल और डॉ. दिनेश सचान ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2003 और 2012 में यह वायरस एसएआरएस और एमईआरएस की महामारी का रूप ले चुका है।
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यह संक्रमण जानवरों और पक्षियों में पाया जाता है। इस बार समुद्री फूड से इसके फैलने की आशंका जताई जा रही है। यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। रोगी के छीकने और खांसने से मुंह से निकली बूंदों से यह दूसरों को संक्रमित करता है।
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इन बातों का रखें खास ध्यान
-कोई भी लक्षण होने के पहले संक्रमित व्यक्ति रोग फैला सकता है
-बीमारी की शुरुआत बुखार, गला खराब और खांसी से होती है
-गंभीर निमोनिया हो जाता है, तुरंत इलाज की जरूरत होती है
-पीसीआर जांच से वायरस की पहचान हो जाती है