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Coronavirus: निजी कोविड अस्पताल नहीं पूरा कर पा रहे डॉक्टरों का मानक, सबसे अधिक एनेस्थेटिस्ट का टोटा
Tue, 08 Sep 2020 03:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 08 Sep 2020 03:58 PM IST
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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कानपुर के निजी कोविड अस्पताल मानकों के अनुरूप डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। खासतौर पर एनेस्थीसिया के विशेषज्ञों की कमी है। अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने निजी कोविड अस्पतालों को मानकों के अनुसार डॉक्टरों की व्यवस्था करने के लिए दो दिन का समय दिया था।
इसमें 10 बेड के आईसीयू पर चार एनेस्थेटिस्ट के लिए कहा गया था। इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 112 एनेस्थेटिस्ट की तीन साल पुरानी सूची प्रशासन को भेजी है। अपर मुख्य सचिव के आदेश के अनुपालन में उन निजी अस्पतालोें में डॉक्टरों की उपलब्धता के मानकों की जांच हो रही है, जिन्हें कोविड स्टेटस मिला है।
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इसमें 10 बेड के आईसीयू पर चार एनेस्थेटिस्ट के लिए कहा गया था। इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 112 एनेस्थेटिस्ट की तीन साल पुरानी सूची प्रशासन को भेजी है। अपर मुख्य सचिव के आदेश के अनुपालन में उन निजी अस्पतालोें में डॉक्टरों की उपलब्धता के मानकों की जांच हो रही है, जिन्हें कोविड स्टेटस मिला है।
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इनमें से केशवपुरम स्थित एक निजी अस्पताल को सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा कोविड स्टेटस वापस लेने की चेतावनी दे चुके हैं। इस अस्पताल में मानक पूरे नहीं मिले हैं। अस्पताल संचालकों का कहना है कि शहर में इतने डॉक्टर ही नहीं हैं।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल ने बताया कि उनके पास तीन साल पुरानी सूची थी, जो प्रशासन को भेज दी गई है। इसमें से कुछ डॉक्टर कम हो गए हैं। सूची में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी शामिल हैं। निजी क्षेत्र में 70 एनेस्थेटिस्ट होने का अंदाजा है।
कोरोना संक्रमित होने से एनेस्थीसिया सोसाइटी के अध्यक्ष अस्पताल में हैं। कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि निजी क्षेत्र में एनेस्थेटिस्ट की कमी है। अगर सभी कोविड अस्पताल में लग जाएंगे तो नर्सिंगहोमों के लिए कोई नहीं बचेगा। नॉन कोविड अस्पतालों में भी सर्जरी होती रहती है, जिनमें एनेस्थेटिस्ट की जरूरत पड़ती है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल ने बताया कि उनके पास तीन साल पुरानी सूची थी, जो प्रशासन को भेज दी गई है। इसमें से कुछ डॉक्टर कम हो गए हैं। सूची में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी शामिल हैं। निजी क्षेत्र में 70 एनेस्थेटिस्ट होने का अंदाजा है।
कोरोना संक्रमित होने से एनेस्थीसिया सोसाइटी के अध्यक्ष अस्पताल में हैं। कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि निजी क्षेत्र में एनेस्थेटिस्ट की कमी है। अगर सभी कोविड अस्पताल में लग जाएंगे तो नर्सिंगहोमों के लिए कोई नहीं बचेगा। नॉन कोविड अस्पतालों में भी सर्जरी होती रहती है, जिनमें एनेस्थेटिस्ट की जरूरत पड़ती है।