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खुशखबरी: मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से धरे रह गए वेंटिलेटर, संक्रमित बिना किसी लक्षण के दवा खाकर निगेटिव हुए
Wed, 06 May 2020 05:00 PM IST
शिखा पांडेय
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 06 May 2020 05:00 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना से बचाव के वास्ते वेंटिलेटर के लिए जितनी हाय-तौबा मची थी, वह सब बेकार रही। सारे वेंटिलेटर धरे के धरे रह गए हैं। कोरोना संक्रमित किसी रोगी को अब तक इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी। शहर में अब तक 270 रोगियों में एक में भी कोरोना का मुख्य लक्षण निमोनिया उभरा ही नहीं है। अब तक 34 कोरोना संक्रमित ठीक होकर घर भी जा चुके हैं।
उनकी पॉजीटिव के बाद लगातार तीन रिपोर्ट निगेटिव आईं। दवाएं भी खाईं लेकिन कोरोना का निमोनिया वाला वो लक्षण नहीं उभरा। विशेषज्ञ इसके पीछे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को वजह बता रहे हैं। चीन, अमेरिका, ईरान, इटली आदि देशों में कोरोना की भयावहता देखकर देश में भी हर जगह वेंटिलेटर की व्यवस्था को लेकर हंगामा मचा था।
शहर में भी 130 वेंटिलेटर की व्यवस्था कर ली गई। रोगियों का आंकड़ा 250 का आंकड़ा भी पार कर गया लेकिन वेंटिलेटर वैसे के वैसे धरे हैं। छह कोरोना संक्रमित रोगी मरे जरूर हैं लेकिन उनमें पहले से ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन, गुर्दे फेल व हृदय रोग था। इसके अलावा वह बुजुर्ग भी रहे। उनकी मौत की वजह पुराने रोग रहें। एहतियातन जांच में कोरोना पॉजीटिव निकले।
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एनआरआई सिटी के बुजुर्ग में कोई ऐसा घातक रोग नहीं था, इस कारण वह 14 दिन में निगेटिव हो गए। अब सवाल यह है कि रोगियों में कोरोना का मुख्य लक्षण क्यों नहीं उभरा? इसके लिए विशेषज्ञ भारतीयों के मजबूत इम्युनिटी को मुख्य वजह बता रहे हैं। एक तो मजबूत इम्युनिटी ने कोरोना को फेफड़ों पर अधिक असर नहीं डालने दिया।
इसके साथ ही लोगों में एंटी बॉडीज बहुत तेजी से बनीं। एंटी बॉडीज तेजी से क्यों बनीं? जीएसवीएम मेडिकल कालेज ने इस पर आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर शोध का खाका तैयार कर लिया है। 19 कोरोना संक्रमित को ठीक करने वाले सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा का कहना है कि सिर्फ इम्युनिटी सिस्टम की मजबूती ने कोरोना को घातक नहीं होने दिया।
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उनकी पॉजीटिव के बाद लगातार तीन रिपोर्ट निगेटिव आईं। दवाएं भी खाईं लेकिन कोरोना का निमोनिया वाला वो लक्षण नहीं उभरा। विशेषज्ञ इसके पीछे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को वजह बता रहे हैं। चीन, अमेरिका, ईरान, इटली आदि देशों में कोरोना की भयावहता देखकर देश में भी हर जगह वेंटिलेटर की व्यवस्था को लेकर हंगामा मचा था।
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शहर में भी 130 वेंटिलेटर की व्यवस्था कर ली गई। रोगियों का आंकड़ा 250 का आंकड़ा भी पार कर गया लेकिन वेंटिलेटर वैसे के वैसे धरे हैं। छह कोरोना संक्रमित रोगी मरे जरूर हैं लेकिन उनमें पहले से ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन, गुर्दे फेल व हृदय रोग था। इसके अलावा वह बुजुर्ग भी रहे। उनकी मौत की वजह पुराने रोग रहें। एहतियातन जांच में कोरोना पॉजीटिव निकले।
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एनआरआई सिटी के बुजुर्ग में कोई ऐसा घातक रोग नहीं था, इस कारण वह 14 दिन में निगेटिव हो गए। अब सवाल यह है कि रोगियों में कोरोना का मुख्य लक्षण क्यों नहीं उभरा? इसके लिए विशेषज्ञ भारतीयों के मजबूत इम्युनिटी को मुख्य वजह बता रहे हैं। एक तो मजबूत इम्युनिटी ने कोरोना को फेफड़ों पर अधिक असर नहीं डालने दिया।
इसके साथ ही लोगों में एंटी बॉडीज बहुत तेजी से बनीं। एंटी बॉडीज तेजी से क्यों बनीं? जीएसवीएम मेडिकल कालेज ने इस पर आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर शोध का खाका तैयार कर लिया है। 19 कोरोना संक्रमित को ठीक करने वाले सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा का कहना है कि सिर्फ इम्युनिटी सिस्टम की मजबूती ने कोरोना को घातक नहीं होने दिया।
विशेषज्ञ बोले
भारतीयों का इम्युनिटी सिस्टम अधिक मजबूत है। इसकी वजह से कोरोना घातक नहीं हो पाया। क्रोनिक रोगियों का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है। उससे फेफड़ों का जरा सा संक्रमण जानलेवा हो जाता है। अगर इम्युनिटी मजबूत होगी तो वायरल संक्रमण के असर करने में देर होगी तब तक शरीर में एंटी बॉडीज बन जाएगी जो बचाव कर लेंगी। - डॉ. कृष्ण कुमार, अमेरिकी इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ एवं गेस्ट फैकल्टी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होने की वजह से लोगों के संक्रमित होने के बाद भी कोरोना के लक्षण नहीं उभर पाए। लोग एसिम्पटोमेटिक ही रहे। अगर इम्युनिटी लो है तो कोई भी संक्रमण अधिक खतरनाक हो जाता है। - डॉ. आरपी यादव, अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
कोरोना से तेज फैलता है कॉमन फ्लू
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कॉमन फ्लू कोरोना से तेज फैलता है। मौसम के बदलाव पर जब फ्लू का सीजन आता है तो समूचे घर, मोहल्ले फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। जुकाम-बुखार पर कोई ध्यान नहीं देता और कुछ दिन में ठीक हो जाते हैं। कोविड नया वायरस है। इसकी दवा नहीं, इससे लोग घबरा जाते हैं। अगर इम्युनिटी अच्छी है तो रोगी ठीक हो जाता है।
भारतीयों का इम्युनिटी सिस्टम अधिक मजबूत है। इसकी वजह से कोरोना घातक नहीं हो पाया। क्रोनिक रोगियों का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है। उससे फेफड़ों का जरा सा संक्रमण जानलेवा हो जाता है। अगर इम्युनिटी मजबूत होगी तो वायरल संक्रमण के असर करने में देर होगी तब तक शरीर में एंटी बॉडीज बन जाएगी जो बचाव कर लेंगी। - डॉ. कृष्ण कुमार, अमेरिकी इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ एवं गेस्ट फैकल्टी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होने की वजह से लोगों के संक्रमित होने के बाद भी कोरोना के लक्षण नहीं उभर पाए। लोग एसिम्पटोमेटिक ही रहे। अगर इम्युनिटी लो है तो कोई भी संक्रमण अधिक खतरनाक हो जाता है। - डॉ. आरपी यादव, अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
कोरोना से तेज फैलता है कॉमन फ्लू
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कॉमन फ्लू कोरोना से तेज फैलता है। मौसम के बदलाव पर जब फ्लू का सीजन आता है तो समूचे घर, मोहल्ले फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। जुकाम-बुखार पर कोई ध्यान नहीं देता और कुछ दिन में ठीक हो जाते हैं। कोविड नया वायरस है। इसकी दवा नहीं, इससे लोग घबरा जाते हैं। अगर इम्युनिटी अच्छी है तो रोगी ठीक हो जाता है।