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Coronavirus: कोरोना फैलने का खतरा, शिवनगर के लोग संक्रमण के दौरान भी फेरी लगाने का करते रहे हैं काम
Fri, 05 Jun 2020 10:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
प्रशांत द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
प्रशांत द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Jun 2020 10:43 PM IST
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शिवनगर हॉटस्पॉट
- फोटो : amar ujala
कानपुर साउथ के सबसे बड़े हॉटस्पॉट शिवनगर बस्ती में कोरोना संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के सामने यह चुनौती खड़ी है कि आखिर यह संक्रमण चेन कितनी लंबी है? दरअसल, यहां रहने वाले लोग साउथ के ज्यादातर इलाकों में सब्जी, फल, दूध बेचने का काम करते हैं।
इसके अलावा यहां की महिलाएं बस्ती के आसपास के घरों में काम करती हैं। स्वास्थ्य विभाग को अब यह चिंता सता रही है कि कहीं यहां के लोगों की वजह से साउथ के दूसरे क्षेत्रों में तो संक्रमण नहीं फैला होगा। इसी के मद्देनजर टीमें यहां रहने वाले लोगों की हिस्ट्री तलाश रहीं हैं।
इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर लोग बर्रा 2,3,5 व 6 के अलावा गोविंदनगर आदि क्षेत्रों में सब्जी, फल, दूध और कबाड़ आदि बेचने का काम करते हैं। यहां की महिलाएं भी इन्हीं इलाकों के घरों में काम करके पेट पालतीं हैं। जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने यहां के लोगों की हिस्ट्री पता की तो पता चला कि ज्यादातर लोग संक्रमण काल में ही साउथ के कई लोगों के संपर्क में आए हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की चेन बनने की आशंका जताई जा रही है।
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घुलने-मिलने की आदत ने बढ़ाई मुश्किल
शिवनगर बस्ती में रहने वाले लोगों की आपस में ज्यादा घुलने-मिलने की आदत है। बस्ती में रहने वालीं रामदेई, फूलदेवी, बबिता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी बस्ती में रहने वाले लोगों का एक-दूसरे के घरों में आना-जाना लगा रहा। शाम को महिलाएं घंटों बातचीत करती थी। यही हाल पुरुषों का था। हाल में ही पार्षद प्रतिनिधि के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पुलिस पहुंची तब तक देर हो चुकी थी।
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इसके अलावा यहां की महिलाएं बस्ती के आसपास के घरों में काम करती हैं। स्वास्थ्य विभाग को अब यह चिंता सता रही है कि कहीं यहां के लोगों की वजह से साउथ के दूसरे क्षेत्रों में तो संक्रमण नहीं फैला होगा। इसी के मद्देनजर टीमें यहां रहने वाले लोगों की हिस्ट्री तलाश रहीं हैं।
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इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर लोग बर्रा 2,3,5 व 6 के अलावा गोविंदनगर आदि क्षेत्रों में सब्जी, फल, दूध और कबाड़ आदि बेचने का काम करते हैं। यहां की महिलाएं भी इन्हीं इलाकों के घरों में काम करके पेट पालतीं हैं। जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने यहां के लोगों की हिस्ट्री पता की तो पता चला कि ज्यादातर लोग संक्रमण काल में ही साउथ के कई लोगों के संपर्क में आए हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की चेन बनने की आशंका जताई जा रही है।
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घुलने-मिलने की आदत ने बढ़ाई मुश्किल
शिवनगर बस्ती में रहने वाले लोगों की आपस में ज्यादा घुलने-मिलने की आदत है। बस्ती में रहने वालीं रामदेई, फूलदेवी, बबिता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी बस्ती में रहने वाले लोगों का एक-दूसरे के घरों में आना-जाना लगा रहा। शाम को महिलाएं घंटों बातचीत करती थी। यही हाल पुरुषों का था। हाल में ही पार्षद प्रतिनिधि के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पुलिस पहुंची तब तक देर हो चुकी थी।